
देहरादून/डोईवाला: रानीपोखरी, डोईवाला क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) की स्थापना को लेकर सियासी और जन आंदोलन तेज हो गया है। प्रदेश सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए परवादून (देहरादून) जिला कांग्रेस ने शुक्रवार को एस्ले हॉल चौक, देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला दहन कर विरोध जताया।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2019 में रानीपोखरी, डोईवाला क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसे लेकर स्थानीय जनता में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस विषय को टाल रही है और जनभावनाओं की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने 2019 में आवंटित भूमि के उपयोग में किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया, तो कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी और व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस मुद्दे को लेकर बीते दिनों रानीपोखरी और डोईवाला क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण भी हो गई थी। जानकारी के अनुसार, जब स्थानीय लोग अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए, तो मौके पर भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
आरोप है कि पुलिस ने आंदोलनकारियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के साथ अभद्र व्यवहार किया और कई लोगों को हिरासत में लेकर रायवाला थाने ले जाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसे डोईवाला के इतिहास का “काला अध्याय” करार दिया।
पूर्व देहरादून कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों की अनदेखी कर रही है, जो चिंताजनक है।
वहीं, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने बताया कि क्षेत्र की जनता पिछले 38 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रही है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।
कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि जल्द ही सरकार की ओर से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना नहीं लाई गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक संस्थान की नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, रोजगार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है।
प्रदर्शन के दौरान कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से जल्द निर्णय लेने और रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना सुनिश्चित करने की मांग की।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा जन आंदोलन बन सकता है।



