फीचर्डविदेश

पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर बड़ी एयर स्ट्राइक; तालिबान ने दी ‘उचित और सोच-समझकर’ जवाब देने की चेतावनी

इस्लामाबाद/काबुल | दक्षिण एशिया में दो पड़ोसी देशों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब युद्ध जैसी स्थिति में तब्दील होती नजर आ रही है। पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर सात अलग-अलग ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इस हमले के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।

अफगान रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी सेना के इन हमलों का “समय पर, उचित और सोच-समझकर” जवाब दिया जाएगा। इस घटनाक्रम ने सीमावर्ती इलाकों में न केवल तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के उल्लंघन पर भी नई बहस छेड़ दी है।

पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक: ‘आतंकवाद’ का तर्क और नागरिक हताहत

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े सहयोगी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया है। तरार के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय इस्लामिक स्टेट (ISIS-K) के ठिकानों पर भी प्रहार किया गया है।

हालांकि, अफगानिस्तान की ओर से आए आंकड़े अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। सरकारी प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि पाकिस्तानी विमानों ने नांगरहार और पक्तिका प्रांतों के रिहायशी इलाकों में बमबारी की है। मुजाहिद का दावा है कि इस हमले में दर्जनों लोग मारे गए हैं, जिनमें निर्दोष महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक कम से कम 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।


तालिबान का कड़ा रुख: ‘राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन’

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने अपने बयान में कहा:

“पाकिस्तानी सेना द्वारा नागरिक और धार्मिक केंद्रों पर किए गए ये हमले उनकी अपनी सुरक्षा और खुफिया विफलता का प्रमाण हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून, पड़ोसी धर्म के सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का स्पष्ट उल्लंघन है। पाकिस्तान अपनी नाकामियों को ऐसे अपराधों के पीछे नहीं छुपा पाएगा।”

अफगान अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक अस्थिरता और बढ़ते आतंकवादी हमलों से ध्यान भटकाने के लिए अफगान सीमाओं का उल्लंघन कर रहा है।


हमले की पृष्ठभूमि: पाकिस्तान में बढ़ते आत्मघाती धमाके

पाकिस्तान ने यह कार्रवाई हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर और बन्नू जिलों में हुए घातक आत्मघाती हमलों के जवाब में की है।

  • बाजौर हमला: पिछले दिनों विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी सुरक्षा चौकी की दीवार से टकरा दी गई थी, जिसमें 11 सैनिकों और एक मासूम बच्चे की जान चली गई थी। पाक अधिकारियों ने दावा किया था कि हमलावर एक अफगान नागरिक था।

  • बन्नू और इस्लामाबाद: बन्नू में एक सैन्य काफिले पर हुए हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दो जवान शहीद हुए थे। वहीं, इसी महीने इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हुई थी।

इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी दी थी कि वह दोषियों के खिलाफ अभियान “उनके ठिकाने की परवाह किए बिना” जारी रखेगी।


तरार का दावा: पाकिस्तान के पास हैं ‘पुख्ता सबूत’

पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने दोहराया कि इस्लामाबाद ने बार-बार काबुल के शासकों से आग्रह किया है कि वे अफगान धरती का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ न होने दें। तरार के अनुसार, पाकिस्तान के पास इस बात के “पुख्ता सबूत” हैं कि पाकिस्तान में हाल ही में हुए हमलों की साजिश अफगानिस्तान में बैठे आकाओं ने रची थी।

पाकिस्तान का रुख स्पष्ट है कि नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह अपनी सीमा रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।


बढ़ते तनाव के बीच अनिश्चित भविष्य

Pakistan Afghanistan Border Tension अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां कूटनीति के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। पाकिस्तान जहां अपनी सुरक्षा विफलताओं का दोष सीमा पार मढ़ रहा है, वहीं तालिबान अपनी संप्रभुता पर हमले को बर्दाश्त न करने की कसम खा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अफगानिस्तान की ओर से कोई जवाबी कार्रवाई होती है, तो यह पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश बातचीत की मेज पर लौटेंगे या यह तनाव एक बड़े संघर्ष का रूप ले लेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button