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उधम सिंह नगर पुलिस की बड़ी कामयाबी, गायब नाबालिग किशोरी को बिहार के युवक से छुड़ाया; आरोपी पर पॉक्सो एक्ट के तहत शिकंजा

रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता का परिचय देते हुए एक मासूम की जिंदगी को सुरक्षित बचा लिया है। कोतवाली ट्रांजिट कैम्प पुलिस ने पिछले कई दिनों से लापता एक नाबालिग किशोरी को न केवल सकुशल बरामद किया, बल्कि उसे अपने साथ ले जाने वाले मुख्य आरोपी को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। किशोरी के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए आरोपी पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की कड़ी धाराएं लगा दी हैं।

2 फरवरी से लापता थी किशोरी, परिजनों में मचा था कोहराम

घटनाक्रम की शुरुआत 2 फरवरी को हुई थी, जब ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद जब परिजनों को उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो व्यथित पिता ने पुलिस की शरण ली। पिता की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। उधम सिंह नगर पुलिस के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील था क्योंकि किशोरी नाबालिग थी और उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका बढ़ती जा रही थी।

सर्विलांस और मुखबिर तंत्र ने बिछाया जाल

कोतवाली ट्रांजिट कैम्प के निरीक्षक महेश कांडपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने सबसे पहले किशोरी के सोशल मीडिया अकाउंट्स और फोन कॉल रिकॉर्ड्स को खंगालना शुरू किया। तकनीकी विश्लेषण (Surveillance) के माध्यम से पुलिस को कुछ संदिग्ध नंबरों की जानकारी मिली, जिसका संबंध बिहार से जुड़ता नजर आया।

पुलिस की टीमों ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मधुबनी समेत कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस के बढ़ते दबाव और सक्रिय मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी किशोरी को लेकर कहीं भागने की फिराक में है और वह रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के आसपास मौजूद है।

रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी, बिहार का निवासी निकला आरोपी

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से पुलिस ने आरोपी मोहम्मद अशरफ को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान:

  • नाम: मोहम्मद अशरफ (21 वर्ष)

  • पिता का नाम: स्वर्गीय मोहम्मद कैसर

  • पता: ग्राम रुचौल, थाना पंडौल, जिला मधुबनी (बिहार)

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसे उत्तराखंड से बाहर ले जाने की योजना बना रहा था।

महिला उपनिरीक्षक को सौंपी गई जांच, बढ़ीं कानूनी धाराएं

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विवेचना का जिम्मा महिला उपनिरीक्षक नेहा ध्यानी को सौंपा गया है। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए। बयानों में हुए खुलासों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराएं बढ़ा दी हैं, जिससे आरोपी का जेल से बाहर आना मुश्किल नजर आ रहा है।

“हमारी प्राथमिकता किशोरी को सुरक्षित बचाना था। पुलिस की टीम ने उत्तर प्रदेश और बिहार तक पीछा कर आरोपी को दबोचा है। महिला अपराधों के प्रति हम जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।” – महेश कांडपाल, निरीक्षक, कोतवाली ट्रांजिट कैम्प

उधम सिंह नगर पुलिस की सतर्कता: एक विश्लेषण

उधम सिंह नगर जिला अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अपराध के प्रति संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यहाँ से उत्तर प्रदेश की सीमाएं काफी करीब हैं। ऐसे में पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि जिले में सुरक्षा व्यवस्था और सर्विलांस तंत्र पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। पुलिस की इस सफलता से न केवल किशोरी के परिजनों ने राहत की सांस ली है, बल्कि स्थानीय जनता में भी सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है।

जागरूक रहें अभिभावक

इस घटना के बाद सभी अभिभावकों से अपील करता है कि वे अपने बच्चों, विशेषकर किशोरों की गतिविधियों और उनके मित्र मंडली पर नजर रखें। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में बच्चों को अनजान लोगों के प्रलोभन से बचाना बेहद जरूरी है। यदि कोई बच्चा संदिग्ध रूप से लापता होता है, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें।

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