
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने शासन स्तर पर एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), राज्य सिविल सेवा (PCS) और सचिवालय सेवा के कई अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव किया है। लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि धामी सरकार तबादला सूची जारी कर सकती है, जिस पर अब मुहर लग गई है। इस फेरबदल में सबसे अधिक चर्चा रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी को लेकर हो रही है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी बदले, विशाल मिश्रा संभालेंगे जिम्मेदारी
इस पूरी तबादला सूची में सबसे प्रमुख नाम 2018 बैच के IAS अधिकारी प्रतीक जैन का है। प्रतीक जैन को रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी पद से हटा दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से वे एक धार्मिक विवाद को लेकर चर्चाओं में थे, जिसे इस तबादले की एक अहम वजह माना जा रहा है। प्रतीक जैन को अब प्रबंध निदेशक, गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के साथ-साथ मिशन निदेशक, जल जीवन मिशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी जगह 2018 बैच के ही IAS विशाल मिश्रा को रुद्रप्रयाग का नया जिलाधिकारी (DM) नियुक्त किया गया है। विशाल मिश्रा इससे पहले GMVN के प्रबंध निदेशक और जल जीवन मिशन के निदेशक के रूप में कार्यरत थे। अपनी नवाचारी प्रशासनिक सोच के लिए मशहूर विशाल मिश्रा ने एचबीटीआई कानपुर से इंजीनियरिंग और आईआईटी कानपुर से एमटेक किया है। वे इससे पहले अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर में भी महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।

IAS अधिकारियों के विभागों में फेरबदल
शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, 6 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली गई है:
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IAS संजय कुमार: इनसे निदेशक सेवायोजन की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है।
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IAS सौरभ गहरवार (2016 बैच): इन्हें अब अपर सचिव उद्योग और निदेशक राजकीय मुद्रणालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
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IAS नरेंद्र सिंह भंडारी (2016 बैच): इन्हें अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद के साथ-साथ निदेशक सेवायोजन का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
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IAS विनोद गिरि गोस्वामी (2017 बैच): इन्हें अपर सचिव आवास और मुख्य कार्यपालक अधिकारी, भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण बनाया गया है।
PCS और सचिवालय सेवा में भी बड़ा बदलाव
केवल आईएएस ही नहीं, बल्कि पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के पदों में भी फेरबदल किया गया है।
PCS अधिकारियों की नई तैनाती:
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गिरधारी सिंह रावत: इन्हें अपर सचिव अल्पसंख्यक कल्याण, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण और निदेशक उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद की जिम्मेदारी दी गई है।
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अब्ज प्रसाद वाजपेयी: इन्हें हल्द्वानी का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
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कमलेश मेहता: इन्हें टिहरी गढ़वाल में डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात किया गया है।
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त्रिलोक सिंह मार्तोलिया: इन्हें किच्छा शुगर मिल के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सचिवालय सेवा के अधिकारी:
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सुरेश जोशी: इन्हें अपर सचिव जनगणना की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
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कविंद्र सिंह: इन्हें अपर सचिव, कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

प्रशासनिक सर्जरी के पीछे का उद्देश्य
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में विकास योजनाओं को गति देने और जिला स्तर पर प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से यह बदलाव किए गए हैं। विशेषकर रुद्रप्रयाग जैसे संवेदनशील जिले में, जो केदारनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव है, विशाल मिश्रा जैसे तकनीक-प्रिय और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है। वहीं, प्रतीक जैन को जल जीवन मिशन और GMVN जैसी बड़ी परियोजनाओं में भेजकर सरकार उनके अनुभव का उपयोग राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट्स में करना चाहती है।
राज्य सरकार की इस ‘प्रशासनिक सर्जरी’ से यह स्पष्ट है कि आगामी समय में जनहित की योजनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कोई ढील नहीं देना चाहते हैं।




