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Dehradun: जिला प्रशासन का जनता दर्शन: न्याय की चौखट पर ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन, पीड़ितों को मिला सुरक्षा का भरोसा

देहरादून। मुख्यमंत्री के ‘सरकार जनता के द्वार’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए देहरादून जिला प्रशासन अब केवल शिकायतें सुन ही नहीं रहा, बल्कि उन पर तत्काल ‘प्रवर्तन एक्शन’ भी ले रहा है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित देहरादून जनता दर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल का एक अलग ही रूप देखने को मिला। यहाँ न्याय की आस में पहुंचे 195 फरियादियों की समस्याओं को न केवल सुना गया, बल्कि कई गंभीर मामलों में जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को कड़े आदेश जारी कर समाधान सुनिश्चित किया।

पैरालंपिक खिलाड़ी की भूमि पर यथास्थिति के आदेश

जनसुनवाई के दौरान उस वक्त भावुक कर देने वाला पल आया जब नेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी विजय चौधरी (निवासी अम्बीवाला) ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी माता के नाम दर्ज भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद पड़ोसी पक्ष द्वारा वहां लगे पेड़ों को काटकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गंभीरता और खिलाड़ी के सम्मान को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया कि आगामी आदेश तक उक्त भूमि पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखी जाए और किसी भी प्रकार के अवैध हस्तक्षेप को रोका जाए।

पूर्व सैनिक को मिला हक, झूठी FIR से मिली मुक्ति

कोटरा संतूर निवासी भूतपूर्व सैनिक राजेश कुमार के मामले में प्रशासन ने ऐतिहासिक त्वरितता दिखाई। राजेश कुमार ने शिकायत की थी कि साल 2016 में खरीदी गई उनकी भूमि पर भू-माफियाओं ने न केवल अवैध कब्जा किया, बल्कि उनके खिलाफ निराधार मुकदमे भी दर्ज करा दिए। जिलाधिकारी ने जनसुनवाई के दौरान ही एसडीएम और तहसीलदार से रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के पक्ष को सही और विपक्ष की कार्रवाई को फर्जी पाया गया। इसके बाद DM ने तत्काल पुलिस को निर्देशित कर निराधार प्राथमिकी हटवाई और एसडीएम विकासनगर को आदेश दिया कि पूर्व सैनिक को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया जाए।

बुजुर्गों और विधवाओं के प्रति संवेदनशीलता

जनसुनवाई देहरादून में समाज के कमजोर और बुजुर्ग वर्ग की सुरक्षा प्राथमिकता पर रही।

  • बेटे-बहू से खतरा: डोईवाला की मीना क्षेत्री ने अपने ही परिजनों से जान का खतरा बताया। जिलाधिकारी ने तहसील में लंबित इस मामले को तुरंत अपने पास मंगवाया और इसे ‘फास्ट ट्रैक’ मोड पर डालने के निर्देश दिए।

  • पेंशनर की विधवा को न्याय: जौलीग्रांट निवासी बुजुर्ग विधवा लक्ष्मी तोमर ने अपने दिवंगत पति के मेडिकल क्लेम (1.37 लाख रुपये) के न मिलने की शिकायत की। इस पर DM ने शिक्षा अधिकारी को फटकार लगाते हुए आज ही रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया।

भू-माफियाओं और अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार

डालनवाला क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा ₹8 लाख की ठगी के मामले में जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी पुलिस को ‘त्वरित और कठोर’ कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, एटनबाग के किसानों की सिंचाई नहर पर हुए अवैध कब्जे को लेकर उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को दो दिन के भीतर समाधान करने की डेडलाइन दी है।

जनसमस्या निस्तारण के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “महिलाओं, बुजुर्गों और पूर्व सैनिकों का सम्मान हमारी प्राथमिकता है। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से पीड़ितों को चक्कर काटने पड़े, तो संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

जनता दर्शन की मुख्य सांख्यिकी और उपस्थिति

सोमवार को आयोजित इस देहरादून जनता दर्शन में कुल 195 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें मुख्य रूप से:

  • भूमि विवाद और सीमांकन

  • अवैध कब्जे और आपसी विवाद

  • आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य प्रतिपूर्ति

  • नगर निगम और सीवर लाइन संबंधी समस्याएं

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


देहरादून के ऋषिपर्णा सभागार में गूंजता पीड़ितों का दर्द और उस पर जिलाधिकारी का त्वरित एक्शन यह बताता है कि जिला प्रशासन अब ‘प्रो-एक्टिव’ मोड में है। जनसमस्या निस्तारण की यह प्रक्रिया न केवल सरकारी तंत्र पर जनता का विश्वास बहाल कर रही है, बल्कि दबंगों और भू-माफियाओं के लिए एक कड़ी चेतावनी भी है।

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