देहरादूनफीचर्ड

देहरादून: रोड कटिंग में मनमानी पर जिलाधिकारी का चाबुक, पिटकुल बैन; XEN और ठेकेदार पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज

देहरादून: 03 फरवरी, 2026 (सूचना विभाग) राजधानी देहरादून की सड़कों पर नियम ताक पर रखकर काम करने वाली सरकारी एजेंसियों और ठेकेदारों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (PITCUL) द्वारा रोड कटिंग की शर्तों के उल्लंघन और जनमानस की सुरक्षा को खतरे में डालने पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर पिटकुल की रोड कटिंग अनुमति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही, संबंधित अधिशासी अभियंता (XEN) और ठेकेदार के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने मौके पर मौजूद मशीनरी को भी जब्त कर लिया है।

क्यों गिरी पिटकुल पर गाज? (The Breach of Trust)

मामला एलआईसी बिल्डिंग के पास अंडरग्राउंड केबल बिछाने के कार्य से जुड़ा है। यहां मानकों की अनदेखी कर की गई खुदाई के कारण आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे थे। जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि खुदाई के बाद गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ गया है।

क्यूआरटी (QRT) के निरीक्षण में खुली पोल

जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड माजरा क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे:

  • समय सीमा का उल्लंघन: अनुमति केवल रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक के लिए थी, लेकिन कार्य नियमों के विपरीत किया जा रहा था।

  • सुरक्षा मानकों का अभाव: कार्यस्थल पर न तो उचित बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी बोर्ड, जिससे यातायात बुरी तरह बाधित पाया गया।

  • जनहानि की आशंका: बिना किसी पूर्व बहाली (Restoration) के लंबी दूरी तक सड़क खोद दी गई थी।

19.12.2025 की अनुमति की शर्तों का उल्लंघन

पिटकुल द्वारा 135 केवी आराघर सब-स्टेशन से 132 केवी माजरा-लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन को भूमिगत बिछाने (कुल 1996 मीटर) के लिए अनुमति मांगी गई थी। परियोजना समन्वय समिति ने 16 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक सशर्त अनुमति प्रदान की थी। हालांकि, एजेंसी ने इन शर्तों को दरकिनार कर आम जनता के जीवन को जोखिम में डाल दिया।

“शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाली एजेंसियां चाहे सरकारी हों या निजी, उन पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” – सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून

प्रशासन का सख्त आदेश: यथास्थिति बहाल करें

जिला प्रशासन ने न केवल अनुमति निरस्त की है, बल्कि पिटकुल को सख्त निर्देश दिए हैं कि जहां भी सड़कें खोदी गई हैं, उन्हें तत्काल भरकर सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। यदि सड़क बहाली (Restoration) में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धाराओं को और कड़ा किया जाएगा।

जनता में राहत का संदेश

देहरादून की सड़कों पर अक्सर निर्माण एजेंसियों की मनमानी देखने को मिलती है, जिससे जनता को जाम और धूल का सामना करना पड़ता है। इस ताजा कार्रवाई से अन्य कार्यदायी संस्थाओं में भी हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन की इस सक्रियता को आम नागरिकों ने सराहा है, क्योंकि इससे भविष्य में सड़क सुरक्षा मानकों के पालन की उम्मीद जगी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button