
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेत्री सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। राजभवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार ने अपनी पहली भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस जिम्मेदारी को न केवल एक पद, बल्कि महाराष्ट्र की आधी आबादी (मातृशक्ति) के सम्मान और अपने दिवंगत पति अजित पवार के अधूरे सपनों को पूरा करने का एक पवित्र संकल्प बताया।
शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता राज्य के किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाना और प्रशासन को अधिक संवेदनशील बनाना है।
“दादा के विचार और जनता का विश्वास”: सुनेत्रा की भावुक हुंकार
दिवंगत अजित पवार की विरासत को संभालते हुए सुनेत्रा पवार ने बेहद भावुक शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर में महाराष्ट्र की जनता ने जो प्रेम और समर्थन दिया है, वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।
उन्होंने कहा, “दादा (अजित पवार) आज हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन विकास के प्रति उनकी दृष्टि और जनसेवा के उनके विचार हमेशा मेरा मार्गदर्शन करेंगे। मैं नई ऊर्जा के साथ उनके बताए रास्तों पर चलकर महाराष्ट्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा करती हूं।”
‘विकसित महाराष्ट्र’ के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व का मार्गदर्शन
सुनेत्रा पवार ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य के नेतृत्व के प्रति अपनी कृतज्ञता और भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र सरकार सहकारिता और सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में मील के पत्थर स्थापित करेगी।
उन्होंने राज्य के राजनीतिक ढांचे पर बात करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सहयोग से एक ‘समावेशी और समृद्ध महाराष्ट्र’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सामाजिक न्याय और समावेशी विकास: प्राथमिकताएं तय
उपमुख्यमंत्री के रूप में सुनेत्रा पवार ने अपनी कार्ययोजना के प्रमुख स्तंभों को जनता के सामने रखा:
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महिला सशक्तिकरण: राज्य की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
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किसान कल्याण: खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन।
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युवा अवसर: स्वरोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशना।
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प्रशासनिक संवेदनशीलता: शासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाना।
यशवंतराव चव्हाण की विरासत का उल्लेख
महाराष्ट्र के शिल्पकार कहे जाने वाले स्वर्गीय यशवंतराव चव्हाण का जिक्र करते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए उनके द्वारा स्थापित किए गए मूल्यों को बचाए रखना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कार्यकर्ताओं के भरोसे पर खरी उतरेंगी और सामाजिक समानता की दिशा में ठोस कदम उठाएंगी।
एक ऐतिहासिक मोड़: महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम
महाराष्ट्र जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से जागरूक राज्य में अब तक कोई महिला उपमुख्यमंत्री के पद तक नहीं पहुँची थी। सुनेत्रा पवार की यह नियुक्ति लिंग भेद को खत्म करने और राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार की सौम्य छवि और अजित दादा का मजबूत संगठन कौशल मिलकर आगामी चुनावों में महायुति गठबंधन को मजबूती प्रदान करेंगे।
चुनौतियों और उम्मीदों का सफर
सुनेत्रा पवार के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। एक ओर जहां उन्हें अपने पति की विरासत को संजोए रखना है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की पेचीदगियों को समझते हुए जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना है। हालांकि, उनके पहले संबोधन में जो दृढ़ता और स्पष्टता दिखी, उससे यह साफ है कि महाराष्ट्र को एक सशक्त और संवेदनशील नेतृत्व मिला है।



