
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मसूरी में आलीशान होटल और हॉस्टल निर्माण का सपना दिखाकर एक व्यक्ति से 2 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़प ली गई। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित को न्याय पाने के लिए पुलिस के चक्कर काटने के बाद न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब कोर्ट के सख्त रुख के बाद देहरादून के राजपुर थाने में मुख्य आरोपी समेत उसके पूरे परिवार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
साझेदारी का झांसा और निवेश का जाल
मामले का विवरण देते हुए पीड़ित दीपक कुमार (निवासी अर्जुनवाला, कोल्हूखेत, मसूरी) ने बताया कि उनकी मुलाकात साल 2014 में गौरव किराड़ नाम के व्यक्ति से हुई थी। गौरव को दीपक की आर्थिक स्थिति और उनकी भूमि संबंधी संपत्तियों की पूरी जानकारी थी। गौरव ने बड़ी ही चालाकी से पहले दीपक को अपनी जमीन बेचने और उस पैसे को बिजनेस में लगाने के लिए उकसाया।
आरोपी ने प्रस्ताव रखा कि मसूरी के प्राइम लोकेशन पर एक शानदार होटल और हॉस्टल खोला जाएगा। गौरव ने विश्वास दिलाया कि इस बिजनेस में जो भी लाभ होगा, उसे दोनों के बीच आधा-आधा (50-50 पार्टनरशिप) बांटा जाएगा। सरल स्वभाव के दीपक आरोपी की बातों में आ गए और अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने के लिए तैयार हो गए।
टैक्स बचाने के नाम पर परिजनों के खातों में मंगाए पैसे
धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए गौरव ने बड़ी ही शातिर रणनीति अपनाई। उसने आयकर (Income Tax) की पेचीदगियों का हवाला देते हुए दीपक से कहा कि वह सारा पैसा गौरव के निजी खाते में न भेजकर उसकी कंपनी और उसके परिवार के सदस्यों के खातों में ट्रांसफर करे।
पीड़ित दीपक कुमार के अनुसार, उन्होंने साल 2023-24 के दौरान अलग-अलग किस्तों में कुल 2 करोड़ 2 लाख 35 हजार रुपये ट्रांसफर किए। यह रकम गौरव किराड़ की कंपनी के अलावा उसकी पत्नी टीना किराड़, पिता सुरेश किराड़ और माता सुनीता के बैंक खातों में जमा की गई।
धमकी और टालमटोल: जब खुला ठगी का राज
रकम ट्रांसफर करने के कुछ समय बाद जब दीपक ने होटल और हॉस्टल निर्माण की प्रगति जाननी चाही, तो गौरव ने टालमटोल शुरू कर दी। कभी कागजी कार्रवाई तो कभी सरकारी एनओसी का बहाना बनाकर वह समय बिताता रहा। शक होने पर जब दीपक ने उस जगह का मुआयना करने की जिद की जहाँ निर्माण होना था, तो आरोपी मुकर गया।
ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी वापस मांगी, तो आरोपियों ने अपना असली रंग दिखाया। आरोप है कि गौरव और उसके परिवार ने दीपक के साथ गाली-गलौज की, मारपीट पर उतारू हो गए और उसे झूठे मुकदमों में फंसाने व जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी।
पुलिस की सुस्ती और न्यायालय का हस्तक्षेप
पीड़ित दीपक कुमार ने न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाईं। उन्होंने पहले मसूरी थाने में धमकी मिलने की शिकायत की और फिर धोखाधड़ी की विस्तृत रिपोर्ट राजपुर थाने में दी। जब वहां कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने एसएसपी देहरादून को प्रार्थना पत्र सौंपा। शासन और प्रशासन से निराशा हाथ लगने के बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
बीएनएस की धाराओं में पूरा परिवार नामजद
थाना राजपुर प्रभारी प्रदीप रावत ने पुष्टि की है कि न्यायालय के आदेश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
नामजद आरोपी:
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गौरव किराड़ (मुख्य आरोपी)
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टीना किराड़ (पत्नी)
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सुरेश किराड़ (पिता)
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सुनीता किराड़ (माता)
निवेश से पहले सावधानी जरूरी
देहरादून में प्रॉपर्टी और पर्यटन क्षेत्र में निवेश के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह घटना सबक है कि किसी भी व्यावसायिक साझेदारी से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल की जाए और बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े कानूनी पहलुओं को समझा जाए। वर्तमान में राजपुर थाना पुलिस बैंक खातों के विवरण और कंपनी के दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।



