
बारामती/पुणे। महाराष्ट्र की राजनीति के एक युग का आज दुखद अंत होने जा रहा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार, जिनका बुधवार को एक विमान हादसे में असामयिक निधन हो गया था, आज अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि बारामती की मिट्टी में विलीन हो जाएंगे। आज सुबह 9 बजे से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हो चुकी है, जिसमें अपने जनप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में समर्थक और आम जनता सड़कों पर उतर आई है। पूरे महाराष्ट्र में इस समय शोक की लहर है और राज्य सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
विमान हादसे ने छीना महाराष्ट्र का दिग्गज नेता
यह हृदयविदारक घटना 28 जनवरी की सुबह घटी, जब अजित पवार आगामी चुनावी सभाओं को संबोधित करने के लिए बारामती जा रहे थे। बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान उनका विमान अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। इस भयावह दुर्घटना में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस खबर ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। उनके निधन की पुष्टि होते ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां थम गईं और समर्थकों का तांता उनके निवास स्थान की ओर उमड़ पड़ा।
बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अंतिम संस्कार की तैयारी
अजित पवार का अंतिम संस्कार आज सुबह 11 बजे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ किया जाएगा। यह वही मैदान है जहाँ से उन्होंने कई ऐतिहासिक रैलियों को संबोधित किया था।
मैदान में की गई विशेष व्यवस्थाएं:
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अंतिम दर्शन हेतु चबूतरा: मैदान के मध्य में एक विशेष चबूतरा बनाया गया है जहाँ पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
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सुरक्षा और बैरिकेडिंग: भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे मैदान में मजबूत बैरिकेडिंग की गई है ताकि दर्शन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
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लाइव स्क्रीनिंग: दूर-दराज से आने वाले समर्थकों की सुविधा के लिए बारामती शहर और मैदान के आसपास दर्जनों बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि हर कोई अपने नेता को आखिरी बार देख सके।
पंडालों में जुटे दिग्गज: अमित शाह और मुख्यमंत्री देंगे श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार के इस कार्यक्रम में देश की राजनीति के कई दिग्गज शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने पांच विशाल वॉटरप्रूफ पंडालों का निर्माण किया है। इन पंडालों में देश भर से आए वीआईपी नेता और अजित पवार के परिजन बैठेंगे। प्रत्येक पंडाल में अजित पवार की एक आदमकद तस्वीर लगाई गई है, जहाँ पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री इस शोक सभा में शामिल होंगे। अजित पवार के चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार समेत पूरा पवार परिवार इस समय गहरे शोक में है।
महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक
राज्य सरकार ने अजित पवार के योगदान को याद करते हुए महाराष्ट्र में तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। उनकी प्रशासनिक पकड़ और ‘दादा’ के रूप में उनकी पहचान ने उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति में एक अनिवार्य स्तंभ बना दिया था।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा घेरा
अंतिम यात्रा और संस्कार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की 20 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ पर नजर रखी जा रही है। बारामती आने वाले सभी रास्तों पर ट्रैफिक डाइवर्ट किया गया है ताकि एम्बुलेंस और वीआईपी मूवमेंट में कोई बाधा न आए।
एक विकास पुरुष के रूप में याद किए जाएंगे अजित पवार
अजित पवार को उनकी बेबाक बयानबाजी और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाना जाता था। बारामती का आधुनिक स्वरूप उन्हीं के विजन का परिणाम माना जाता है। चाहे वह सिंचाई के मुद्दे हों या बुनियादी ढांचा, अजित पवार ने महाराष्ट्र के विकास में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनके जाने से राज्य की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना निकट भविष्य में संभव नहीं दिखता।
आज जैसे ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होगी, पूरा महाराष्ट्र नम आंखों से अपने इस नेता को विदाई देगा। उनके समर्थक सोशल मीडिया पर ‘आठवणीतले दादा’ (यादों में दादा) हैशटैग के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।



