By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अंकिता भंडारी हत्याकांड: CBI जांच की संस्तुति के बाद भी सुलग रहा ‘न्याय’ का मुद्दा; विपक्ष ने उत्तराखंड बंद कर दागे तीखे सवाल
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > अंकिता भंडारी हत्याकांड: CBI जांच की संस्तुति के बाद भी सुलग रहा ‘न्याय’ का मुद्दा; विपक्ष ने उत्तराखंड बंद कर दागे तीखे सवाल
उत्तराखंडफीचर्ड

अंकिता भंडारी हत्याकांड: CBI जांच की संस्तुति के बाद भी सुलग रहा ‘न्याय’ का मुद्दा; विपक्ष ने उत्तराखंड बंद कर दागे तीखे सवाल

The Hill India News
Last updated: January 11, 2026 1:10 pm
The Hill India News
Published: January 11, 2026
Share
SHARE

देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की गूंज एक बार फिर देवभूमि की सड़कों पर सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की सीबीआई (CBI) जांच की संस्तुति किए जाने के बावजूद, प्रदेश में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर ‘उत्तराखंड बंद’ का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि केवल सीबीआई जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए ताकि उस ‘कथित वीआईपी’ (VIP) का चेहरा बेनकाब हो सके।

Contents
राजधानी देहरादून में मिला-जुला असर, पहाड़ों में व्यापक आक्रोश“बिना निगरानी की CBI जांच मंजूर नहीं”: विपक्ष का कड़ा रुखसंघर्ष मंच की चेतावनी: “मांगें नहीं मानी तो होगा चक्का जाम”क्या है पूरा मामला? (Background)सरकार बनाम विपक्ष: राजनीतिक गर्माहटजनभावना और न्याय की उम्मीद

राजधानी देहरादून में मिला-जुला असर, पहाड़ों में व्यापक आक्रोश

रविवार सुबह से ही ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले राजधानी देहरादून के घंटाघर इलाके में भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD), कांग्रेस, राज्य आंदोलनकारी कमला पंत और सामाजिक कार्यकर्ता मोहित डिमरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर से पलटन बाजार तक पैदल मार्च निकाला और व्यापारियों से हाथ जोड़कर दुकानें बंद करने की अपील की। हालांकि, देहरादून में बंद का असर मिला-जुला रहा। जैसे ही जुलूस कोतवाली की ओर बढ़ा, कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान पुनः खोल लिए। वहीं दूसरी ओर, उत्तरकाशी, श्रीनगर और चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में बंद का व्यापक असर देखने को मिला, जहाँ जनभावनाएं इस मुद्दे से गहराई से जुड़ी हुई हैं।

“बिना निगरानी की CBI जांच मंजूर नहीं”: विपक्ष का कड़ा रुख

प्रदर्शन के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड सीबीआई जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए। सीपीआई नेता समर भंडारी ने गांधी पार्क में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “सरकार ने जनता के दबाव में सीबीआई जांच की सिफारिश तो कर दी है, लेकिन हमें इस पर तब तक भरोसा नहीं होगा जब तक इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज न करें। हमें डर है कि राज्य सरकार के प्रभाव में सीबीआई जांच की दिशा मोड़ी जा सकती है और असली दोषियों को बचाया जा सकता है।”

वाम मोर्चे और अन्य जन संगठनों ने भी अलग से मार्च निकालकर ‘वीआईपी’ को जेल भेजने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के दिन से ही प्रशासन और सरकार किसी प्रभावशाली व्यक्ति (VIP) को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।


संघर्ष मंच की चेतावनी: “मांगें नहीं मानी तो होगा चक्का जाम”

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य मोहित डिमरी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि आज का बंद एक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि:

  • सीबीआई जांच का स्वरूप: जांच केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसे न्यायिक देखरेख में लाया जाए।

  • वीआईपी की गिरफ्तारी: उस विशिष्ट अतिथि का नाम उजागर कर उसे जांच के दायरे में लाया जाए, जिसके लिए अंकिता पर अनैतिक दबाव बनाया गया था।

  • आगामी रणनीति: यदि सरकार ने मांगों को अनसुना किया, तो आने वाले दिनों में सरकारी कामकाज बाधित किया जाएगा और पूरे प्रदेश में चक्का जाम की स्थिति पैदा की जाएगी।


क्या है पूरा मामला? (Background)

अंकिता भंडारी, जो ऋषिकेश के एक निजी रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी, की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगे। पूरे प्रदेश में हुए भारी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता की भावनाओं और मामले की गंभीरता को देखते हुए धामी सरकार सीबीआई संस्तुति का निर्णय लिया, ताकि जांच में कोई भी कसर बाकी न रहे।

सरकार बनाम विपक्ष: राजनीतिक गर्माहट

जहाँ भाजपा सरकार इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे ‘देर से लिया गया अधूरा फैसला’ करार दे रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि एसआईटी (SIT) की जांच में पहले ही कई अहम साक्ष्य नष्ट होने की आशंका है, ऐसे में अब सीबीआई जांच तभी प्रभावी होगी जब उस पर कोर्ट की निगरानी हो।


जनभावना और न्याय की उम्मीद

अंकिता भंडारी का मुद्दा अब केवल एक कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह उत्तराखंड की अस्मिता और ‘बेटी सुरक्षा’ का प्रतीक बन चुका है। अंकिता न्याय यात्रा के माध्यम से सामाजिक संगठनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक केस के हर पहलू की निष्पक्ष जांच नहीं होती और पर्दे के पीछे छिपे चेहरों का खुलासा नहीं होता, तब तक यह आंदोलन शांत नहीं होगा।

दोपहर डेढ़ बजे गांधी पार्क में एकत्रित होकर सभी संगठनों ने शपथ ली कि वे अंकिता को न्याय दिलाने के लिए गांव-गांव तक इस मशाल को लेकर जाएंगे। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार सीबीआई जांच को लेकर कब औपचारिक नोटिफिकेशन जारी करती है और क्या कोर्ट की निगरानी की मांग पर कोई संज्ञान लिया जाता है।


अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग देवभूमि के हर घर की आवाज बन चुकी है। सीबीआई जांच की घोषणा के बाद भी उपजा अविश्वास शासन-प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।

You Might Also Like

सिक्किम सुरंग त्रासदी: मीथेन गैस बनी मौत का जाल, 8 मजदूरों की मौत, कई अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे
कर्नाटक के चित्तपुर में आरएसएस के विजयादशमी रूट मार्च पर रोक, प्रशासन ने जताई कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ‘नफरती स्लोगन’: आपत्तिजनक संदेशों पर बवाल, हिंदू रक्षा दल ने ली जिम्मेदारी, पुलिस एक्शन में
Uttarakhand : देर रात सड़क पर उतरीं DM सोनिका , PWD अफसरों को लगाई फटकार, दिए दिशा निर्देश
पहाड़ की संस्कृति बचाने में कलश का महत्वपूर्ण योगदान: संतोष
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

अग्निवीरों के लिए सरकार का बड़ा फैसला! 4 नहीं अब 6 साल तक मिलेगी सेवा का मौका, 75% अग्निवीरों को 2 साल का एक्सटेंशन; नियमित सैनिक बनने का रास्ता भी खुला

The Hill India News
The Hill India News
November 4, 2026
गिरधारी लाल साहू को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! रेखा आर्या की FIR रद्द करने से इनकार, रिट याचिका खारिज; गिरफ्तारी वारंट के बीच बढ़ीं मुश्किलें
बॉलीवुड में फिर रंगदारी का खौफ! आयुष्मान खुराना को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर करोड़ों की धमकी, ऑडियो मैसेज भेजकर मांगी मोटी रकम; तुषार कपूर भी बन चुके हैं निशाना
भूमि पेडनेकर पर मंडराया चुड़ैल का खौफ! ‘जानी दुश्मन… डर के आगे मौत है’ का पहला पोस्टर रिलीज, 2027 में बड़े पर्दे पर मचेगा डर का तांडव
विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में ऐतिहासिक धमाका! नंबर-3 पर 13 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने, संगकारा और पोंटिंग जैसे दिग्गजों को छोड़ा पीछे
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राज्यों को बिक्री कर पर अतिरिक्त टैक्स, सरचार्ज और सेस लगाने का अधिकार बरकरार; 27 साल पुराने विवाद पर लगा विराम, जानिए कारोबारियों पर क्या होगा असर
पंचकूला स्कूल हमले में जिंदगी की जंग जीतकर घर लौटी 6 साल की मासूम, 8 दिन बाद PGI से मिली छुट्टी; बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे समाजसेवी
रेखा आर्य विवाद: मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू पर गिरफ्तारी का शिकंजा! गैर जमानती वारंट जारी, तलाश में जुटीं पुलिस की कई टीमें
US Midterm Election 2026: ट्रंप के गढ़ में भारतीय मूल की पिया डांडिया की ऐतिहासिक जीत, डेमोक्रेट्स का दबदबा; क्रिस पापास और कीशा बॉटम्स ने भी रचा इतिहास
दिल्ली-NCR में दिवाली पर पटाखे जलेंगे या रहेगा प्रतिबंध? सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, विराट कोहली का नाम लेकर दिया बड़ा संदेश
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?