By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: BIS के 79वें स्थापना दिवस पर बोले CM धामी- ‘उत्तराखंड में गुणवत्ता आधारित संस्कृति को जन-आंदोलन बनाना जरूरी’
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > BIS के 79वें स्थापना दिवस पर बोले CM धामी- ‘उत्तराखंड में गुणवत्ता आधारित संस्कृति को जन-आंदोलन बनाना जरूरी’
उत्तराखंडफीचर्ड

BIS के 79वें स्थापना दिवस पर बोले CM धामी- ‘उत्तराखंड में गुणवत्ता आधारित संस्कृति को जन-आंदोलन बनाना जरूरी’

The Hill India News
Last updated: January 6, 2026 1:47 pm
The Hill India News
Published: January 6, 2026
Share
SHARE

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण को केवल एक सरकारी पैमाना नहीं, बल्कि एक आदत और संस्कृति के रूप में विकसित करना होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक और वैज्ञानिक प्रगति का नया विजन प्रस्तुत किया।

Contents
1947 से 2026: औद्योगिक प्रगति की मजबूत रीढ़उत्तराखंड की पहली ‘विज्ञान एवं नवाचार नीति 2025’ लागू‘हाउस ऑफ हिमालयाज’: वैश्विक बाजार में पहाड़ की धाकसिलक्यारा रेस्क्यू मॉडल को अंतरराष्ट्रीय पहचानकार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति2047 के विकसित भारत का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने कहा कि “गुणवत्ता ही पहचान” का मंत्र आज आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। उन्होंने बीआईएस की आठ दशकों की यात्रा को देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की आधारशिला बताया।

1947 से 2026: औद्योगिक प्रगति की मजबूत रीढ़

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1947 में एक छोटी संस्था के रूप में शुरू हुआ भारतीय मानक ब्यूरो आज कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं तक विस्तृत हो चुका है। उन्होंने कहा:

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: बीआईएस ने भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाया है।

  • भविष्य की तकनीक: ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), डिजिटल सुरक्षा और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बीआईएस द्वारा तय किए जा रहे मानक भविष्य के भारत की दिशा तय करेंगे।

  • ईकोलॉजी और इकॉनमी: मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए पर्यावरण (Ecology) और अर्थव्यवस्था (Economy) के बीच संतुलन जरूरी है, जिसमें बीआईएस अहम भूमिका निभा रहा है।


उत्तराखंड की पहली ‘विज्ञान एवं नवाचार नीति 2025’ लागू

शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति 2025’ लागू कर दी है।

तकनीकी विकास के मुख्य बिंदु:

  1. साइंस सिटी का निर्माण: देहरादून में 175 करोड़ रुपये की लागत से देश की पाँचवीं ‘साइंस सिटी’ का निर्माण तेज गति से चल रहा है।

  2. ब्लॉक स्तर पर प्रयोगशालाएं: राज्य के सभी 95 ब्लॉकों में 180 से अधिक विज्ञान, तकनीक और गणित आधारित लैब स्थापित की गई हैं।

  3. लैब-ऑन-व्हील्स: पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों के लिए हर जिले में ‘लैब-ऑन-व्हील्स’ (चलती-फिरती प्रयोगशाला) का संचालन किया जा रहा है।

  4. पेटेंट सूचना केंद्र: विभिन्न विश्वविद्यालयों में 60 पेटेंट केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि स्थानीय नवाचारों को कानूनी सुरक्षा मिल सके।


‘हाउस ऑफ हिमालयाज’: वैश्विक बाजार में पहाड़ की धाक

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार स्थानीय हस्तशिल्प, जैविक कृषि और औषधीय जड़ी-बूटियों के लिए उच्च मानक स्थापित कर रही है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। उन्होंने बीआईएस से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादों के प्रमाणीकरण में राज्य के साथ मिलकर काम करें ताकि ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति सफल हो सके।

सिलक्यारा रेस्क्यू मॉडल को अंतरराष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा सुरंग हादसे के दौरान अपनाए गए तकनीक-आधारित रेस्क्यू मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड की वैज्ञानिक क्षमता को अब वैश्विक मान्यता मिल रही है। इसी सफलता के आधार पर राज्य में विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।


कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस गौरवशाली अवसर पर राजपुर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर के साथ भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक सौरभ तिवारी और यू-कॉस्ट (U-COST) के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत भी मौजूद रहे। उद्योग एवं व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने भी मानकीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की।

2047 के विकसित भारत का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विज्ञान और गुणवत्ता का यह संगम वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। उत्तराखंड अब केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि विज्ञान और मानकीकरण के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।

You Might Also Like

झीरम घाटी हमला केस में सुप्रीम कोर्ट ने दिया NIA को झटका, 27 कांग्रेसी नेताओं की हुई थी हत्या
हरियाणा विधानसभा चुनाव: भिवानी में गरजीं सुनीता केजरीवाल, कहा- पीएम मोदी के सामने नहीं झुकेंगे अरविंद
अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की गूँज अब दिल्ली के जंतर-मंतर पर, ‘VIP’ की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उत्तराखंडियों का हल्ला बोल
नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू एलपीजी में नुकसान के लिए पीएसयू ओएमसी को एकमुश्त अनुदान के रूप में 22,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी
नई दिल्ली : सभी देश युवाओं को रेडिकलाइज करने वाली संस्थाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें- अमित शाह
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

SBI में बड़ा डेटा लीक! डार्क वेब पर पहुंचे 3,897 ग्राहकों के निजी रिकॉर्ड, नाम-पता से लेकर लोन के दस्तावेज तक उजागर

The Hill India News
The Hill India News
October 21, 2026
देहरादून में पद्मश्री योगी ऐरन के ‘जंगल-मंगल’ पर हमला! 50 लोगों की भीड़ पर तोड़फोड़ और धमकी देने का आरोप, जमीन के दस्तावेज खंगाल रही पुलिस
उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च से हाई अलर्ट! राजीव चौक समेत 6 मेट्रो स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा अपडेट
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?