
देहरादून | 31 दिसंबर, 2025 राजधानी देहरादून के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार आईएसबीटी (ISBT) क्षेत्र में अब यात्रियों और चालकों को घंटों लंबे जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। जिलाधिकारी सविन बंसल के कड़े तेवरों और ‘ऑन-द-स्पॉट’ निर्णय लेने की कार्यशैली के चलते वर्षों से बंद पड़ा आईएसबीटी का निकासी द्वार (Exit Gate) आखिरकार खोल दिया गया है।
इस कदम से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ जाने वाली बसों का संचालन अब सीधे और सुगम तरीके से हो सकेगा।
DM की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: अवैध निर्माण और चुंगी हटी
जिलाधिकारी सविन बंसल ने हाल ही में आईएसबीटी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि निकासी गेट पर अस्थायी निर्माण और चुंगी स्थापित होने के कारण बसों को मुख्य मार्ग पर निकलने में भारी दिक्कत हो रही थी, जो पूरे क्षेत्र में जाम का मुख्य कारण था।
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सख्त निर्देश: डीएम ने वर्षों से गेट बंद होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और तत्काल प्रभाव से इसे खोलने के आदेश दिए।
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ध्वस्तीकरण: गेट के सामने बाधक बन रहे अस्थायी निर्माणों को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया है।
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चुंगी शिफ्टिंग: बसों की राह आसान करने के लिए गेट पर स्थित चुंगी को भी दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
NH का पुराना भवन जमींदोज, बदलेगी तस्वीर
यातायात में सबसे बड़ा रोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का एक पुराना और खाली पड़ा कार्यालय भवन था। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद इस जर्जर भवन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। इससे न केवल सड़क चौड़ी हुई है, बल्कि विजिबिलिटी बढ़ने से दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हुआ है।

फ्लाईओवर के नीचे बनेगी ‘कलर पार्किंग’
आईएसबीटी की सूरत बदलने के लिए डीएम ने मास्टरप्लान तैयार किया है:
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सुव्यवस्थित कट: फ्लाईओवर के नीचे बने अव्यवस्थित और खतरनाक कट्स को बंद कर वैज्ञानिक तरीके से नए सुरक्षित कट बनाए जा रहे हैं।
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पार्किंग का समाधान: सड़क किनारे खाली पड़ी भूमि पर टाइल्स बिछाकर व्यवस्थित पार्किंग बनाई जा रही है। साथ ही एनएच के अधिकारियों को फ्लाईओवर के नीचे ‘कलर पार्किंग’ निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।
“हमारा लक्ष्य आमजन को जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है। आईएसबीटी के निकासी गेट खुलने और अवैध ढांचों के हटने से यातायात संचालन में क्रांतिकारी सुधार आएगा। सभी संबंधित विभागों को कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।” – सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून
यात्रियों और बस चालकों ने ली राहत की सांस
दिल्ली और यूपी रूट के बस चालकों का कहना है कि निकासी गेट बंद होने के कारण उन्हें आईएसबीटी से बाहर निकलने में ही 20 से 30 मिनट लग जाते थे। अब नया गेट खुलने से समय की बचत होगी और आईएसबीटी चौक पर लगने वाला भारी जाम भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
प्रमुख बदलाव एक नजर में:
| समस्या | समाधान (Action Taken) |
| बंद निकासी गेट | वर्षों बाद पुनः खोल दिया गया |
| यातायात में बाधक भवन | NH का पुराना ऑफिस ध्वस्त किया गया |
| अव्यवस्थित पार्किंग | फ्लाईओवर के नीचे और सड़क किनारे नई पार्किंग निर्माण शुरू |
| अवैध कट | कट्स को बंद कर सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया गया |



