
नई दिल्ली, 28 नवंबर। बेल्जियम की फ्लेमिश संसद के सदस्य और दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी पार्टी व्लाम्स बेलांग के वरिष्ठ नेता फिलिप डेविंटर ने पाकिस्तान के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा बयान देते हुए उसे खुलकर “आतंकवादी देश” बताया है। नई दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल पैट्रियट्स मीट 2025’ में भाग लेने आए डेविंटर ने न सिर्फ पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया, बल्कि पूरे यूरोप से पाकिस्तान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। उनके इस बयान ने भारत सहित कई देशों के सुरक्षा एवं राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
कट्टर इस्लामी आतंकवाद—भारत और यूरोप का साझा दुश्मन: डेविंटर
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए डेविंटर ने कहा कि भारत और पश्चिमी दुनिया आज एक समान चुनौती का सामना कर रही है—कट्टर इस्लामी आतंकवाद।
उन्होंने कहा,
“भारत और पश्चिमी देश एक ही खतरे का सामना कर रहे हैं। हमारा दुश्मन एक है—कट्टर इस्लामी आतंकवाद। पाकिस्तान इन आतंकवादी गुटों को पैसों, हथियारों, ट्रेनिंग और हर तरह की सुविधाओं से समर्थन देता है। इसलिए पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है और यूरोप को इसे पूरी तरह बैन कर देना चाहिए।”
देविंटर के अनुसार, दिल्ली में हाल में हुए हमलों से यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल अब भी सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे ही हमले बेल्जियम सहित यूरोप के कई हिस्सों में भी हो चुके हैं, जिनके पीछे पाकिस्तान समर्थित कट्टर समूहों की भूमिका पाई गई है।
ग्लोबल पैट्रियट्स मीट में जुटे दुनिया के राष्ट्रवादी नेता
‘ग्लोबल पैट्रियट्स मीट 2025’ का आयोजन दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में किया जा रहा है। इसमें विभिन्न देशों के राष्ट्रवादी दलों के प्रतिनिधि, सांसद, विचारक और नीति-विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य—
- वैश्विक स्तर पर राष्ट्रवादी एवं देशभक्त विचारधारा को मजबूत करना
- अलग-अलग देशों में आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ रणनीति पर चर्चा
- भारत के दीर्घकालिक आतंकवाद-विरोधी अनुभवों से सीख साझा करना
भारत में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मौजूदगी ने भी सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर ध्यानाकर्षण का केंद्र बना दिया है।
देविंटर ने सम्मेलन के बारे में कहा,
“यह मंच दुनिया की देशभक्त पार्टियों को एकजुट करने का प्रयास है। भारत में बीजेपी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी और प्रभावशाली राजनीतिक शक्ति है। हम विचारों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं।”
पाकिस्तान पर प्रतिबंध की मांग—यूरोप में असर?
फिलिप डेविंटर यूरोप के उन नेताओं में शामिल हैं जो कट्टरपंथ-विरोधी मुद्दों पर स्पष्ट और कठोर रुख के लिए जाने जाते हैं।
उनकी पार्टी व्लाम्स बेलांग बेल्जियम की प्रमुख दक्षिणपंथी पार्टियों में से एक है, जो—
- अनियंत्रित आव्रजन
- इस्लामी कट्टरवाद
- यूरोप की सुरक्षा
जैसे मुद्दों को लेकर यूरोपियन संसद में लगातार चर्चा की मांग करती रही है।
डेविंटर के इस बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यूरोप स्तर पर पाकिस्तान पर कोई नई पाबंदियां लग सकती हैं?
हालांकि यूरोपियन यूनियन (EU) की आधिकारिक नीति इस स्वर में नहीं है, लेकिन कई सदस्य देशों में पाकिस्तान की भूमिका पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
पाकिस्तान को लेकर यूरोप में पहले भी उठी चिंता
पिछले एक दशक में—
- फ्रांस
- जर्मनी
- बेल्जियम
- नीदरलैंड
- ऑस्ट्रिया
जैसे देशों ने कई बार पाकिस्तान से जुड़े कट्टरपंथी नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
विशेषकर 2016 के ब्रसेल्स हमले और 2021 के पेरिस चाकूबाजी मामले में पाकिस्तान मूल के कट्टरपंथियों की संलिप्तता सामने आने के बाद यूरोप में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई थी।
भारत की सुरक्षा नीति के साथ एकजुटता का संकेत?
डेविंटर के बयान को कई विशेषज्ञ भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति के प्रति समर्थन के रूप में देख रहे हैं।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी गुटों को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है।
- जैश-ए-मोहम्मद
- लश्कर-ए-तैयबा
- हक्कानी नेटवर्क
जैसे संगठनों को पाकिस्तान के भीतर सुरक्षित पनाहगाह मिलने की बात अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी बार-बार उठ चुकी है।
इस संदर्भ में डेविंटर का बयान भारत के स्टैंड को यूरोपीय राजनीतिक मंच पर नई मजबूती दे सकता है।
ग्लोबल पैट्रियट्स मीट—क्यों है महत्वपूर्ण?
यह सम्मेलन मूल रूप से दुनिया भर की उन पार्टियों और नेताओं का गठजोड़ है जो—
- राष्ट्रीय सुरक्षा
- सांस्कृतिक पहचान
- आतंकवाद-विरोध
जैसे मुद्दों पर समान सोच रखते हैं।
सम्मेलन में—
- अमेरिका से फ्रीडम कॉकस के प्रतिनिधि
- इटली की ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी
- फ्रांस की नॅशनल रैली
- जापान की कन्फ़र्वेटिव पार्टियां
और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।
यह पहली बार है जब इतने देशों के राष्ट्रवादी नेता भारत में एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं।
भारतीय कूटनीति पर संभावित प्रभाव
विश्लेषकों के अनुसार यह सम्मेलन और उसमें पाकिस्तान को लेकर उठी आवाज़ें भारत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकती हैं—
- भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति को वैश्विक वैधता मिलेगी।
- पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है।
- भारत-यूरोप सुरक्षा सहयोग और मजबूत हो सकता है।
- दक्षिण एशिया की सुरक्षा चिंताओं को वैश्विक मंच पर नई गंभीरता से देखा जाएगा।
डेविंटर का बयान—यूरोप में राजनीतिक बहस को करेगा प्रभावित?
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलिप डेविंटर का यह बयान यूरोपीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर सकता है।
यूरोप में कई देश इस समय आव्रजन और कट्टरपंथ को लेकर आंतरिक दबाव में हैं। इसलिए पाकिस्तान जैसे देशों पर कठोर रुख अपनाने की मांग आने वाले महीनों में और तेज हो सकती है।



