
नई दिल्ली, 28 नवंबर 2025। दिल्ली पुलिस ने राजधानी को दहला देने वाले एक सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा करते हुए 1100 किलोमीटर दूर गुजरात से एक खतरनाक अपराधी सलमान उर्फ़ बोना (23) को गिरफ्तार किया है। जिस अंदाज़ में पुलिस टीम ने आरोपी की ट्रैकिंग की, रूट मैप बनाया, लगातार लोकेशन बदले और अंततः उसे ईंट भट्ठे में घेरकर पकड़ा—यह कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं लगती। आरोपी पर हत्या, हिंसा, लूट, अपहरण से लेकर नाबालिग से दुष्कर्म तक कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं, जिसके चलते उसे “हाई-रिस्क साइको ऑफेंडर” घोषित किया गया था।
मामले की शुरुआत: आदर्श नगर रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में मिली महिला की लाश
16 नवंबर 2025 की सुबह आदर्श नगर रेलवे स्टेशन के नज़दीक पुलिस को एक कॉल मिली—झाड़ियों में एक महिला की लाश पड़ी है।
रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची तो दृश्य दिल दहला देने वाला था:
- लगभग 50 वर्ष की अज्ञात महिला
- शरीर पर कई जगह गहरे घाव
- शरीर का निचला हिस्सा नग्न अवस्था में
- आसपास संघर्ष के निशान
- झाड़ियों में फेंकी दो चप्पलें—एक महिला की और दूसरी पुरुष की सफेद-काले रंग की
- पास ही से एक तेज़ धार वाला हथियार बरामद
पहली नज़र में ही यह साफ था कि हत्या क्रूरता की पराकाष्ठा के साथ की गई है और शव को जानबूझकर एकांत स्थान में छिपाया गया है।
महेंद्र पार्क थाना पुलिस ने तुरंत हत्या और दुष्कर्म का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच की कड़ी: चप्पलों से खुली पहली बड़ी सुराग की राह
दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। कुछ घंटों की फुटेज देखने के बाद एक अहम दृश्य सामने आया।
CCTV में दिखा:
- महिला अकेले रेलवे स्टेशन की ओर जाती दिखी।
- कुछ ही मिनट बाद एक युवक उसी दिशा में तेज़ी से जाता हुआ दिखा।
- युवक के पैरों में ठीक वही पैटर्न वाली सफेद-काले रंग की चप्पलें थीं, जो घटनास्थल से मिली थीं।
- करीब आधे घंटे बाद वही युवक नंगे पांव लौटता नजर आया।
यहीं से पुलिस का शक गहरा गया—क्योंकि हत्या के बाद हड़बड़ी में अपराधी अक्सर जूतों या चप्पलों को फेंककर भागता है।
फुटेज को कई बार स्लो मोशन में देखा गया। पीड़िता के जाने के तुरंत बाद आरोपी का उसी दिशा में जाना और फिर जल्दी-जल्दी लौट आना—यह क्रम पुलिस के लिए लगभग केस सॉल्व़र साबित हुआ।
पहचान हुई—पुराना अपराधी सलमान उर्फ़ बोना
CCTV के चेहरे की प्रोफाइल, हाइट, बॉडी स्ट्रक्चर और चलने की स्टाइल के आधार पर पुलिस को शक पुराने अपराधी सलमान उर्फ़ बोना पर गया।
उस पर पहले से:
- लूट
- अपहरण
- हथियारों के बल पर डकैती
- नाबालिग से दुष्कर्म का मामला (गुजरात में दर्ज)
जैसे अपराध दर्ज थे।
पुलिस तुरंत उसकी झुग्गी पर पहुंची—लेकिन सलमान पहले ही फरार हो चुका था। उसका परिवार भी उसकी लोकेशन के बारे में कोई जानकारी देने को तैयार नहीं था।
1100 किलोमीटर का पीछा — लगातार लोकेशन बदलता रहा अपराधी
सलमान एक बेहद चालाक अपराधी था; वह शहर बदलने, रात में यात्रा करने और बिना मोबाइल फोन के मूव करने के लिए बदनाम था।
लेकिन पुलिस ने एक चूक पकड़ ली—
उसने मौसा के घर से एक पुराना सिम कार्ड इस्तेमाल किया था।
इसी सिम की लोकेशन कभी-कभी अचानक एक्टिव होती, और फिर बंद हो जाती।
क्राइम ब्रांच ने:
- टेक्निकल सर्विलांस
- मुखबिर नेटवर्क
- रेलवे जर्नी पैटर्न
- पैसेंजर मूवमेंट डेटा
सब कुछ मिलाकर उसकी संभावित लोकेशन का एक मैप तैयार किया।
एक सप्ताह की ट्रैकिंग के बाद पता चला कि सलमान गुजरात के भरूच जिले के वेडाच क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे में मजदूर बनकर छिपा हुआ है। वह वहां नकली नाम से रह रहा था और दिनभर मिट्टी ढोने का काम करता था ताकि कोई शक न करे।
छापा—रात 2 बजे की फिल्मी स्टाइल ऑपरेशन
17-18 नवंबर की रात, दिल्ली पुलिस की टीम भरूच के वेडाच गांव पहुंची।
ऑपरेशन का प्लान इस तरह बनाया गया:
- ईंट भट्ठे को चारों तरफ से घेरना
- भागने के सभी रास्तों को ब्लॉक करना
- मजदूरों को सुरक्षित दूरी पर रखना
- आरोपी को अचानक दबोचना
रात करीब 2 बजे पुलिस ने भट्ठे पर दबिश दी।
सलमान ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे फिल्मी अंदाज़ में दौड़ाकर पकड़ लिया।
मौके से कुछ सामान भी जब्त किया गया, जिसमें वह कपड़े भी थे जो CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे थे।
पूछताछ में कबूला गुनाह: “निकलना चाहता था शहर से… पुलिस को चकमा देने के लिए चप्पलें वहीं छोड़ दीं”
पकड़े जाने के बाद सलमान ने कई चौंकाने वाली बातें कबूल कीं।
उसने माना:
- वह उसी रात महिला के साथ था
- कुछ विवाद हुआ, और उसने शराब के नशे में महिला की हत्या कर दी
- वह घबरा गया और चप्पलें वहीं छोड़कर भाग गया
- अगले ही दिन दिल्ली छोड़कर गुजरात भाग गया
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने अकेले ही अपराध किया या इसके पीछे कोई और व्यक्ति शामिल था।
पुलिस की बड़ी उपलब्धि—मास्टरफुल टेक्निकल और ग्राउंड ऑपरेशन
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी को “टेक्निकल इंटेलिजेंस और फील्ड ऑपरेशन की शानदार मिसाल” बताया है।
1100 किमी पीछा करना, बिना चूक आरोपी का लोकेशन ट्रैक करना और उसे राज्य की सीमा से बाहर से पकड़ा—यह एक हाई-रिस्क ऑपरेशन माना जा रहा है।
नतीजा: राजधानी में एक और नृशंस हत्या का केस सॉल्व़
दिल्ली में बीते महीनों में कई तरह के अपराध सामने आए हैं, जिनके बीच यह मामला सबसे अधिक चर्चित हो गया था।
इस गिरफ्तारी से न केवल मामले का पर्दाफाश हुआ, बल्कि राजधानी की कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को लेकर पुलिस का दबाव भी कम हुआ है। पुलिस अब:
- पीड़िता की पहचान
- घटना का पूरा सीक्वेंस
- आरोपी की मानसिक स्थिति
- अन्य केसों से कनेक्शन जांच कर रही है।



