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दिल्ली: लाल किले के पास जिस I20 कार से हुआ भीषण धमाका उसकी CCTV तस्वीर आई सामने, संदिग्ध का चेहरा भी आया नज़र 

नई दिल्ली, 11 नवंबर: राजधानी दिल्ली सोमवार शाम एक भीषण धमाके से दहल उठी, जब लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास एक I20 कार में विस्फोट हुआ। धमाके की चपेट में आने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए हैं। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और इलाके में अफरातफरी मच गई।

दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने घटना को “गंभीर आतंकी साजिश की संभावना” बताते हुए जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाका एक चलती हुई I20 कार में हुआ, जिसकी तस्वीरें अब सामने आई हैं। CCTV फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को कार के आसपास देखा गया है, जिसके पहचान की कोशिश जारी है।


CCTV फुटेज से सामने आया संदिग्ध

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाल किले के पास स्थित पार्किंग से प्राप्त CCTV फुटेज में कार को दो बार रिकॉर्ड किया गया है—पहली बार जब कार 3 बजकर 19 मिनट पर पार्किंग में दाखिल हुई, और दूसरी बार जब वह 6 बजकर 48 मिनट पर पार्किंग से बाहर निकली।

फुटेज में कार का चालक अकेला दिखाई दे रहा है। पुलिस के अनुसार, कार पार्किंग से निकलने के कुछ ही मिनटों बाद भीषण विस्फोट हुआ। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कार के भीतर विस्फोटक पहले से फिट किया गया था या उसमें रिमोट-डिटोनेशन मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

“हमने अब तक लगभग 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले हैं, जिनमें पार्किंग एरिया, दरियागंज रूट, और टोल प्लाजा की रिकॉर्डिंग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि कार फरीदाबाद की दिशा से आई थी, लेकिन अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी।”


I20 कार की तस्वीर और नंबर प्लेट की जांच

विस्फोट के बाद पुलिस ने I20 कार का चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन विवरण एकत्र किया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार का पंजीकरण जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुआ है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह कार चोरी की थी या इसे फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए खरीदा गया था।

फोरेंसिक टीम ने मौके से जले हुए धातु के टुकड़े, बैटरी सर्किट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जब्त किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इनमें से कुछ हिस्से रिमोट कंट्रोल डिवाइस से मेल खाते हैं। जांच एजेंसियां इन हिस्सों को CFSL (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भेज रही हैं।


घटनास्थल पर एनएसजी और एनआईए की मौजूदगी

घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया। विस्फोट स्थल से करीब 200 मीटर के दायरे को सुरक्षा घेरा बनाकर बंद कर दिया गया है।

एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि विस्फोट “सामान्य सिलेंडर ब्लास्ट” नहीं था। अधिकारी ने कहा,

“विस्फोट में प्रयुक्त सामग्री अत्यधिक शक्तिशाली थी और उसके अवशेष सैन्य-ग्रेड विस्फोटक जैसे लग रहे हैं। हम इस कोण से जांच कर रहे हैं कि क्या इसका संबंध हाल में फरीदाबाद में बरामद किए गए 2,900 किलोग्राम विस्फोटक से है।”


फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ाव की जांच

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह धमाका उसी आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जिसके सदस्यों को कुछ दिन पहले फरीदाबाद में गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में विस्फोटक और डेटोनेटर बरामद किए गए थे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फरीदाबाद में गिरफ्तार किए गए सात आतंकियों से पूछताछ में कुछ नाम सामने आए थे, जिनमें पुलवामा निवासी उमर मोहम्मद और तारिक अहमद शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, लाल किले धमाके में इस्तेमाल कार इन्हीं में से एक व्यक्ति से जुड़ी हो सकती है।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाई गई

दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने शहरभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सभी थानों को भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों, बाजारों और परिवहन केंद्रों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने बयान में कहा,

“राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सभी जिलों में विशेष टीमों को तैनात किया गया है और बम निरोधक दस्ते एवं डॉग स्क्वाड सक्रिय हैं।”

राज्य पुलिस मुख्यालय ने भी पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी संभावित संदिग्ध की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।


फॉरेंसिक और डीएनए जांच जारी

जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से मिले जैविक अवशेषों को डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमाके में कार चला रहा व्यक्ति मारा गया या भाग निकला। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में दिख रहा संदिग्ध उसी व्यक्ति से मेल खा सकता है, जिसकी पहचान उमर मोहम्मद के रूप में की जा रही है।

एनआईए और दिल्ली पुलिस की टीमें विस्फोट स्थल के साथ-साथ कार की संभावित यात्रा मार्गों की भी जाँच कर रही हैं। दिल्ली-फरीदाबाद सीमा, बदरपुर टोल प्लाजा और कश्मीरी गेट इलाके के वीडियो फुटेज को विशेष रूप से खंगाला जा रहा है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और केंद्र की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री कार्यालय ने घटना की रिपोर्ट मांगी है, जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस और एनआईए से संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया,

“लाल किले के पास हुए विस्फोट की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने दिल्ली पुलिस और एनआईए से तत्काल जांच रिपोर्ट मांगी है। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “राजधानी के एक ऐतिहासिक स्थल के पास इस तरह का विस्फोट बेहद चिंताजनक है। सरकार सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूरी तरह समन्वय में है।”


शहर में दहशत का माहौल, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

धमाके के बाद लाल किले और उसके आसपास के इलाके में पुलिस ने लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। पर्यटकों को अस्थायी रूप से बाहर निकाला गया और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया।

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें साझा न करने की अपील की है।


सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं, संदिग्ध की तलाश जारी

लाल किले के पास हुआ यह धमाका दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। CCTV फुटेज में कैद संदिग्ध की पहचान और कार के स्रोत का पता लगाना जांच का मुख्य बिंदु बन गया है।

एनआईए और दिल्ली पुलिस की टीमें फॉरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही हैं, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि धमाके का तरीका क्या था और इसमें कौन-सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ। राजधानी में फिलहाल हाई अलर्ट घोषित है और सुरक्षा एजेंसियां चौकसी बरत रही हैं।

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