
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विजयादशमी के अवसर पर राजधानी देहरादून के लक्ष्मण चौक स्थित हिंदू नेशनल स्कूल में आयोजित दशहरा महोत्सव और रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य पर असत्य की विजय और धर्म की रक्षा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला पर्व है। “चाहे असत्य कितना भी बलवान क्यों न हो, उसकी पराजय निश्चित है। भगवान राम ने यह संदेश दिया कि धर्म की रक्षा के लिए कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, विजय सदैव धर्म की ही होती है। उनका संपूर्ण जीवन मर्यादा, धर्म और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है, जो हम सबके लिए प्रेरणा है।”
अयोध्या का राम मंदिर युग का सबसे बड़ा गौरव: धामी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज देश के लिए यह गर्व का समय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर हमारे युग का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव है।
उन्होंने कहा, “मंदिर, मेले और पर्व हमारी सनातन संस्कृति के प्रतीक ही नहीं, बल्कि ये पर्यटन और रोजगार का भी सशक्त माध्यम हैं। इसी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार भी ऐसे आयोजनों को बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
“प्रदेश से समाप्त करेंगे लव जिहाद, लैंड जिहाद और धर्मांतरण”
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार प्रदेश से सामाजिक और सांस्कृतिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद और धर्मांतरण जिहाद जैसी प्रवृत्तियों को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में दंगारोधी कानून लागू कर दंगाइयों की संपत्ति जब्त की जा रही है और नुकसान की भरपाई उनसे ही कराई जा रही है।
नकल माफियाओं पर सख्त कानून, युवाओं को मिला रोजगार
युवाओं के भविष्य पर बोलते हुए सीएम धामी ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसका नतीजा है कि पिछले चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।
धामी ने कहा कि हाल ही में नकल माफियाओं का एक मामला सामने आया था, जिसमें सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और जांच के लिए SIT का गठन किया गया। साथ ही, युवाओं की मांग पर सीबीआई जांच के आदेश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिए हमने सख्त कानून बनाया है और आगे भी युवाओं के हितों के लिए बिना हिचकिचाहट कोई भी निर्णय लेने को तैयार हैं।”
मदरसा बोर्ड समाप्त करने का फैसला
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। नए कानून के अनुसार 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे चल सकेंगे जिनमें सरकार द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह है कि राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा मिले, न कि पुरानी कबीलाई मानसिकता की ओर धकेला जाए।
भ्रष्टाचार रूपी रावण का अंत करने का संकल्प
धामी ने विजयादशमी के मौके पर भ्रष्टाचार पर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति के साथ भ्रष्टाचार रूपी रावण का अंत करने का संकल्प लिया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों, जिनमें IAS और PCS स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं, पर कठोर कार्रवाई की गई है।
“हम रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाना हमारा विकल्प रहित संकल्प है,” सीएम धामी ने कहा।
आरएसएस के शताब्दी वर्ष का भी किया उल्लेख
सीएम धामी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सौ वर्ष पूर्ण होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संघ की विचारधारा और प्रेरणा ने करोड़ों लोगों को राष्ट्र कार्य करने की शक्ति दी है।
धामी का संदेश: सत्य, ईमानदारी और कर्तव्य अपनाएँ
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता जैसे मूल्यों को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि इन्हीं मूल्यों से एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में भारी भीड़, नेताओं की मौजूदगी
दशहरा महोत्सव और रावण दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस मौके पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास समेत कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।



