
अमृतसर: पंजाब इन दिनों 1988 के बाद की सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। राज्य के 1400 से अधिक गांव प्रभावित हैं और सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। धान, गन्ना और अन्य खड़ी फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो चुकी हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरुवार को अमृतसर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
“स्थिति गंभीर है, लेकिन किसानों को निराश होने की जरूरत नहीं”
मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा:
“स्थिति बेहद गंभीर है। बाढ़ की वजह से फसलें नष्ट हो गई हैं। पंजाब के करीब 1400 गांव इस आपदा से प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नुकसान का आकलन करने के लिए दो केंद्रीय टीमें भेजी हैं। राज्य सरकार भी अपना मूल्यांकन कर रही है। इस कठिन समय में केंद्र सरकार पंजाब के किसानों और जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।”
चौहान ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी फसल और नुकसान की पूरी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी और उनकी भरपाई के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी नुकसान की रिपोर्ट
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रभावित इलाकों से मिली रिपोर्ट सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने उन्हें स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों की मदद में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
“आप चिंता न करें, आपका जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। संकट की घड़ी में हम आपके साथ हैं।” — शिवराज सिंह चौहान
गन्ने की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
दौरे के दौरान चौहान ने विशेष रूप से गन्ने की फसल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। यही नहीं, धान और अन्य खरीफ फसलें भी जलमग्न होकर चौपट हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि दो केंद्रीय टीमें वर्तमान हालात की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। रिपोर्ट आने के बाद किसानों को मुआवजा और राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।
रवनीत सिंह बिट्टू ने किसानों को दिया भरोसा
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी किसानों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा:
“हम स्थिति का पूरा जायजा ले रहे हैं और जल्द ही उचित कदम उठाएंगे। पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। केंद्र सरकार इस संकट से निपटने में पूरी तत्परता से लगी है।”
बिट्टू ने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर संयुक्त राहत पैकेज तैयार करेंगी।
तरुण चुघ का दौरा और स्थानीय स्तर पर समीक्षा
भाजपा नेता तरुण चुघ भी केंद्रीय मंत्रियों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही है और राहत सामग्री पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की गई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का हाल
धर्मकोट और आसपास के गांवों में खेत पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं। कई इलाकों में अब भी निचले हिस्सों से पानी निकलने में समय लग रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत और सालभर की कमाई बर्बाद हो गई है।
केंद्रीय मंत्रियों ने मौके पर जाकर किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जल्द ही मदद उनके दरवाजे तक पहुंचेगी।
किसानों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय मंत्रियों का यह दौरा न केवल स्थिति की समीक्षा है बल्कि किसानों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश भी है। बाढ़ की मार झेल रहे किसानों को इस समय सबसे ज्यादा जरूरत है सरकारी भरोसे और तत्काल राहत की।
पंजाब की मौजूदा स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। बाढ़ ने न केवल गांवों को प्रभावित किया है, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी गहरी चोट पहुंचाई है। केंद्र सरकार ने दो टीमें भेजकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और किसानों को भरोसा दिलाया है कि उनका नुकसान हर हाल में पूरा किया जाएगा।
फिलहाल किसानों की नजरें आने वाली रिपोर्ट और सरकार की ओर से मिलने वाले राहत पैकेज पर टिकी हुई हैं।



