By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: महाराष्ट्र में पास हुआ ‘जन सुरक्षा बिल 2024’: माओवाद और उग्रवाद पर सरकार का सख्त वार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > महाराष्ट्र में पास हुआ ‘जन सुरक्षा बिल 2024’: माओवाद और उग्रवाद पर सरकार का सख्त वार
देशफीचर्ड

महाराष्ट्र में पास हुआ ‘जन सुरक्षा बिल 2024’: माओवाद और उग्रवाद पर सरकार का सख्त वार

The Hill India News
Last updated: July 11, 2025 5:31 am
The Hill India News
Published: July 11, 2025
Share
SHARE

मुंबई, 11 जुलाई 2025 | ब्यूरो रिपोर्ट: देवेंद्र फडणवीस सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए महाराष्ट्र विधानसभा में ‘स्पेशल पब्लिक सिक्योरिटी बिल 2024’ पारित कर दिया है। इस कानून के लागू होने के साथ ही राज्य में माओवादी गतिविधियों और उग्रवाद को बढ़ावा देने वाले संगठनों पर अब तुरंत और कठोर कार्रवाई संभव हो सकेगी।

Contents
क्या है ‘जन सुरक्षा बिल’?बिल की खास बातें6 महीने के संघर्ष के बाद मिली मंजूरीक्या होगा इस कानून का असर?माओवादी संगठन क्या हैं?

क्या है ‘जन सुरक्षा बिल’?

यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से खतरा बनने वाली गतिविधियों और संगठनों पर नियंत्रण के लिए लाया गया है। इसके जरिए महाराष्ट्र पुलिस को विशेष अधिकार दिए गए हैं, जिसमें किसी व्यक्ति को बिना मुकदमा दर्ज किए, केवल संदेह के आधार पर तत्काल हिरासत में लिया जा सकता है।

राज्य सरकार का कहना है कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा और झारखंड जैसे राज्यों में पहले से ऐसे कानून लागू हैं, और महाराष्ट्र में माओवादी गतिविधियों की चुनौती को देखते हुए यह आवश्यक था।


बिल की खास बातें

  • यह एक गैर-जमानती कानून है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनने पर तत्काल गिरफ्तारी संभव।
  • केवल सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के अधिकारी ही जांच कर सकते हैं।
  • चार्जशीट एडीजी (ADG) स्तर के अफसर की अनुमति के बाद ही दाखिल होगी।
  • उग्रवादी संगठनों के बैंक खातों को फ्रीज़ करने की शक्ति भी इसमें दी गई है।
  • गोपनीय जांच और निगरानी की प्रक्रिया को कानूनी रूप से मान्यता दी गई है।

6 महीने के संघर्ष के बाद मिली मंजूरी

इस बिल को पहली बार दिसंबर 2024 में विधानसभा में पेश किया गया था, लेकिन विपक्ष के कड़े विरोध के चलते इसे जॉइंट सेलेक्ट कमेटी (JSC) के पास भेजा गया। 10 जुलाई 2025 को दोबारा पेश किए गए बिल को अंततः बहुमत से मंजूरी मिल गई।


क्या होगा इस कानून का असर?

  • माओवादियों के प्रभाव वाले इलाकों में सुरक्षा बलों को कार्रवाई में आसानी होगी।
  • युवाओं को गुमराह करने वाले नेटवर्क पर लगाम लगेगी।
  • स्लीपर सेल और फंडिंग नेटवर्क का प्रभावी तरीके से पता लगाया जा सकेगा।
  • राज्य के दो जिलों तक सीमित हो चुके माओवादी प्रभाव को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।

माओवादी संगठन क्या हैं?

माओवादी या नक्सली संगठन वामपंथी चरमपंथ पर आधारित समूह हैं जो मार्क्सवादी-लेनिनवादी विचारधारा का अनुसरण करते हैं। इनका मकसद सत्ता का सशस्त्र संघर्ष से परिवर्तन करना है। भारत में छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से लंबे समय से इनके प्रभाव में हैं।

‘जन सुरक्षा बिल 2024’ को महाराष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक और निर्णायक कदम माना जा रहा है। विपक्ष जहां इसे नागरिक स्वतंत्रता पर खतरा बता रहा है, वहीं सरकार का दावा है कि यह कानून देशद्रोही ताकतों के लिए एक कड़ा संदेश है।

You Might Also Like

चेक बाउंस मामला: अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ सुनवाई पूरी, दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
उत्तराखंड : हरिद्वार हर की पौड़ी पर गंगा में बहे 18 कांवड़िए सेना ने उठाया बड़ा कदम…
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना से कथित तौर पर बदसलूकी, सांसद ने कहा- “पंजाब में आतंक और उग्रवाद बढ़ रहा है”
जम्मू-कश्मीर: कौशल समृद्धि और अवसरों का पासपोर्ट है – राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर
Uttar Pradesh: सम्भल में वोटिंग के बीच बवाल, सपा प्रत्याशी जियाउर्रहमान बर्क और पुलिस के बीच नोकझोंक
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेश

ट्रंप का बड़ा टैरिफ दांव: अमेरिकी बाजार में जेनेरिक दवाओं पर 200% शुल्क की तैयारी, भारत के फार्मा उद्योग के सामने नई चुनौती

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
CM थलापति विजय की पार्टी TVK का केंद्र पर बड़ा हमला, NEET परीक्षा रद्द व मेडिकल शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की माँग
जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी डटे छात्र: JP नड्डा ने अस्पताल में वांगचुक से की मुलाकात, सड़क से संसद तक क्यों गरमाई नीट पेपर लीक पर सियासत?
दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?