By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ‘जय फिलिस्तीन’ विवाद के बाद नियमों में हुआ बदलाव, शपथ के दौरान अब नारे नहीं लगा सकेंगे सांसद
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > ‘जय फिलिस्तीन’ विवाद के बाद नियमों में हुआ बदलाव, शपथ के दौरान अब नारे नहीं लगा सकेंगे सांसद
देशफीचर्ड

‘जय फिलिस्तीन’ विवाद के बाद नियमों में हुआ बदलाव, शपथ के दौरान अब नारे नहीं लगा सकेंगे सांसद

The Hill India News
Last updated: July 4, 2024 1:41 am
The Hill India News
Published: July 4, 2024
Share
Image Source : PTI
SHARE

18वीं लोकसभा के पहले सत्र के दौरान AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने संसद सदस्यता की शपथ लेने के बाद सदन में ‘जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना और सबसे आखिर में ‘जय फिलिस्तीन’ का नारा लगा कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया था। ओवैसी के अलावा कई अन्य सांसदों ने भी संसद सदस्यता की शपथ लेने से पहले या बाद में सदन में नारे लगाते नजर आए। इस पर विवाद बढ़ने के बाद अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों के शपथ ग्रहण को लेकर नियम को बदलते हुए इसे और ज्यादा कठोर बना दिया है।

नए नियम के मुताबिक, अब भविष्य में शपथ लेने वाले निर्वाचित सांसदों को संविधान के अंतर्गत शपथ के प्रारूप के अनुसार ही शपथ लेना होगा। अब सांसद शपथ लेते समय ना तो नारे लगा पाएंगे और ना ही अपने शपथ में कोई और शब्द जोड़ पाएंगे। लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश के मुताबिक, लोकसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 389 में बदलाव कर दिया गया है। नियम 389 के निर्देश-1 में खंड- 2 के बाद अब एक नया खंड-3 जोड़ा गया है। इसके मुताबिक, एक सदस्य भारत के संविधान की तीसरी अनुसूची में इस उद्देश्य के लिए निर्धारित प्रपत्र के अनुसार ही शपथ लेगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा।

You Might Also Like

कर्नाटक : अगर पुलिस को अपराधियों से दो कदम आगे रहना है तो Conviction rate को बढ़ाना होगा- अमित शाह
लगातार नौवें दिन सीजफायर का उल्लंघन, भारत ने दिया कड़ा जवाब
पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ़ भगवत मान का ऐतिहासिक फैसला । पंजाब में अब भ्रष्टाचार नहीं चलेगा..
विधानसभा टिकट दिलवाने के नाम पर लूट लिए 3.5 करोड़ रुपए, ठगों की टीम में एक्टर को शामिल
दोस्ती की खुशियों और सीमाओं की कठोर दास्‍तान है- ‘ब्यूटीफुल बीइंग्स’
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्डस्पोर्ट्स

देहरादून में भारत का दमदार आगाज, एशियन स्केटिंग ट्रॉफी के पहले दिन 8 मेडल पर कब्जा; 3 गोल्ड के साथ चीन को दी कड़ी चुनौती

The Hill India News
The Hill India News
August 18, 2026
भाजपा की नई केंद्रीय टीम में उत्तराखंड का दबदबा, बलूनी पर तीसरी बार भरोसा तो तीरथ का बढ़ा कद; दुष्यंत गौतम की विदाई के संकेत?
11 हजार फीट की ऊंचाई पर दूध-मक्खन से खेली गई अनोखी होली, दयारा बुग्याल में गूंजा ढोल-दमाऊं; बटर फेस्टिवल में दिखी उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति
हाईवे पर हाथियों का तांडव! शिक्षकों से भरे टेंपो ट्रैवलर को घेरा, वाहन तहस-नहस; ढाई घंटे तक थमा रहा ट्रैफिक
परवादून कांग्रेस की नई टीम ने संभाली कमान, पहली बैठक में बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प; जनसरोकारों के मुद्दे उठाने पर जोर
उत्तराखंड के तीरथ सिंह रावत को BJP की नई टीम में बड़ी जिम्मेदारी, नितिन नवीन की टीम में मिली अहम जगह
BJP की नई टीम में बड़ा बदलाव: वसुंधरा राजे और राम माधव की वापसी, स्मृति ईरानी को बड़ी जिम्मेदारी
E20 पर फिर छिड़ी जंग! 8 करोड़ पुराने वाहनों के लिए E10 की मांग, CEA के सुझाव से गरमाई बहस
देश में दूध का उत्पादन 248 मिलियन टन, फिर भी क्यों उठ रहे मिलावट के सवाल? मांग, खपत और नकली डेयरी उत्पादों का पूरा गणित
आय से अधिक संपत्ति केस में राहुल गांधी को सुप्रीम राहत, इलाहाबाद HC की कार्यवाही पर रोक; SC ने जांच एजेंसियों से पूछा- ‘खुद जांच क्यों नहीं शुरू की?’
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?