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Uttarakhand: हरिद्वार पीएम यूनिटी मॉल का 46% कार्य पूर्ण, दिसंबर 2026 तक मिलेगी धर्मनगरी को बड़ी सौगात

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार जल्द ही देश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय शिल्प का एक वैश्विक केंद्र बनने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन और सख्त मॉनिटरिंग के तहत हरिद्वार पीएम यूनिटी मॉल परियोजना का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 46 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। 160.57 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहा यह मॉल न केवल देवभूमि के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

मंगलवार को देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इस मॉल को जनता के लिए समर्पित करना है।

मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी: समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस परियोजना को उत्तराखंड की आर्थिकी और पहचान के लिए गेम-चेंजर मान रहे हैं। सचिवालय में हुई बैठक के दौरान आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि हरिद्वार पीएम यूनिटी मॉल परियोजना को न केवल समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी विश्वस्तरीय होनी चाहिए।” हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) इस प्रोजेक्ट की कार्यकारी संस्था है, जो फरवरी 2023 में केंद्र सरकार द्वारा घोषित इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए दिन-रात काम कर रही है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) का महासंगम

इस मॉल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अवधारणा है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) और ‘वोकल फॉर लोकल’ के सपने को साकार करने के लिए डिजाइन किया गया है। मॉल के भीतर उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के विशिष्ट उत्पादों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक हस्तशिल्प और विशिष्ट व्यंजन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।

इससे न केवल स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों के लिए एक बड़ा और संगठित बाजार भी मिलेगा। हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक अब एक ही स्थान पर पूरे भारत की झलक देख सकेंगे और उत्तराखंड के जैविक उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे।

व्यापार के साथ मनोरंजन: मल्टीप्लेक्स और आधुनिक सुविधाएं

परियोजना के ब्लूप्रिंट के अनुसार, इस भव्य परिसर में व्यापार और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा:

  • 56 विशिष्ट दुकानें: यहाँ अलग-अलग राज्यों और जिलों के लिए डेडिकेटेड स्पेस होगा, जहाँ वे अपने जीआई टैग (GI Tag) प्राप्त उत्पादों को प्रदर्शित कर सकेंगे।

  • 3 वर्ल्ड क्लास मल्टीप्लेक्स: मॉल के भीतर तीन सिनेमा हॉल बनाए जा रहे हैं, जो इसे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख ‘हैंगआउट डेस्टिनेशन’ बनाएंगे।

  • फूड कोर्ट और क्राफ्ट बाजार: पारंपरिक खान-पान के शौकीनों के लिए यहाँ विशेष फूड जोन होगा, जहाँ उत्तराखंड के पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चखा जा सकेगा।

आर्थिकी और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

विशेषज्ञों का मानना है कि हरिद्वार पीएम यूनिटी मॉल परियोजना के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे। हरिद्वार में पर्यटन का स्वरूप अब केवल धार्मिक स्नान तक सीमित न रहकर ‘अनुभव आधारित पर्यटन’ (Experiential Tourism) की ओर बढ़ेगा।

अपर सचिव आवास विनोद गिरी और हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह ने बैठक में बताया कि निर्माण की गति को देखते हुए हम तय डेडलाइन यानी दिसंबर 2026 से पहले ही मुख्य ढांचे को अंतिम रूप देने की स्थिति में होंगे। यह मॉल न केवल उत्तराखंड की ब्रांडिंग करेगा, बल्कि राज्य के राजस्व में भी लंबी अवधि में बड़ा योगदान देगा।

विकसित उत्तराखंड की दिशा में बड़ा कदम

हरिद्वार में बन रहा यह यूनिटी मॉल प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया‘ अभियान का एक जीवंत उदाहरण है। जब यह मॉल बनकर तैयार होगा, तो यह हरिद्वार की पहचान में एक नया अध्याय जोड़ देगा। धर्म, अध्यात्म, आधुनिक व्यापार और संस्कृति के इस संगम से हरिद्वार की वैश्विक प्रतिष्ठा और बढ़ेगी। शासन की सक्रियता और मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति यह सुनिश्चित कर रही है कि देवभूमि का यह सपना जल्द ही धरातल पर सच होने जा रहा है।

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