By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी 12 दोषियों को बरी किया, कहा– अभियोजन पक्ष केस साबित करने में विफल
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी 12 दोषियों को बरी किया, कहा– अभियोजन पक्ष केस साबित करने में विफल
देशफीचर्ड

2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी 12 दोषियों को बरी किया, कहा– अभियोजन पक्ष केस साबित करने में विफल

The Hill India News
Last updated: July 21, 2025 6:10 am
The Hill India News
Published: July 21, 2025
Share
File Photo
SHARE

2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस बहुचर्चित आतंकी हमले के मामले में दोषी ठहराए गए सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा है।

Contents
क्या था पूरा मामला?कोर्ट ने क्या कहा?क्या हुआ सुनवाई के दौरान?अब आगे क्या?

यह मामला 11 जुलाई 2006 को हुआ था जब 11 मिनट के भीतर 7 बम धमाकों में 189 लोगों की मौत और 827 से अधिक घायल हुए थे। यह घटना देश की सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में शुमार की जाती है और इसे ‘7/11 ट्रेन ब्लास्ट केस’ के नाम से जाना जाता है।


क्या था पूरा मामला?

मुंबई एटीएस ने इस केस में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और 15 को फरार बताया गया था, जिनमें से कई के पाकिस्तान में होने की आशंका जताई गई थी। 2015 में विशेष अदालत ने 12 लोगों को दोषी ठहराया था। इनमें से 5 को मौत की सजा और 7 को उम्रकैद सुनाई गई थी।

राज्य सरकार ने ट्रायल कोर्ट के फैसले की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। वहीं सभी दोषियों ने अपनी सजा और दोषसिद्धि के खिलाफ अपीलें दायर की थीं।


कोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति श्याम चंदक की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि:

  • अभियोजन पक्ष आरोपियों की संलिप्तता साबित नहीं कर सका।
  • गवाहों के बयानों को कोर्ट ने अविश्वसनीय माना।
  • सबूतों की जब्ती और पहचान पर संदेह जताया।
  • घटनास्थल से जब्त टैक्सी, नक्शे, हथियार और अन्य सामग्रियों को अपर्याप्त माना गया।
  • अभियोजन पक्ष बम के प्रकार तक की पहचान नहीं कर सका।

कोर्ट ने यह भी कहा कि धमाकों के कई दिनों बाद आरोपियों की पहचान कराई गई, जिसका कोई मजबूत आधार नहीं है।


क्या हुआ सुनवाई के दौरान?

सुनवाई जुलाई 2024 से जनवरी 2025 तक लगभग छह महीने चली। आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने कहा:

  • MCOCA लागू होने के बाद जबरन कबूलनामे कराए गए जो विश्वसनीय नहीं हैं।
  • पुलिस की प्रताड़ना के जरिए बयान लिखवाए गए।
  • मुंबई क्राइम ब्रांच की एक अन्य जांच में इंडियन मुजाहिद्दीन (IM) की संलिप्तता सामने आई थी, जिसे इस केस से जोड़कर नहीं देखा गया।

वहीं, सरकारी वकील राजा ठाकरे ने तीन महीने तक बहस करते हुए कहा था कि यह ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ केस है और फांसी की पुष्टि होनी चाहिए।


अब आगे क्या?

इस फैसले के बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है। वहीं, यह फैसला देश की न्यायिक प्रणाली में एक बड़े मोड़ की तरह देखा जा रहा है, क्योंकि यह मामला न केवल आतंकी कार्रवाई से जुड़ा था, बल्कि मकोका (MCOCA) और UAPA जैसे कानूनों की व्याख्या और सीमाओं को भी चिन्हित करता है।

You Might Also Like

पुलिस स्मृति दिवस 2025: शौर्य, बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम
सिक्किम : डेयरी उद्योग महिला सशक्तिकरण का सबसे उत्तम उदाहरण है : अमित शाह
Uttarakhand: सिलक्यारा टनल में 7वें दिन भी जारी रहा रेस्क्यू ऑपरेशन, PMO से 5 सीनियर अफसरों की टीम पहुंची घटनास्थल पर
New Delhi: केजरीवाल और भगवंत मान नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होंगे, लिखी चिट्ठी PM मोदी को
Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की पहली ‘लैब ऑन व्हील्स’ मोबाइल साइंस लैब को दिखाई हरी झंडी
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नैनीताल जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार; डीएम का सख्त आदेश- अतिरिक्त शुल्क लौटाएं या एडजस्ट करें, उल्लंघन पर 5 लाख तक जुर्माना

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च व पुनीत कार्य, जनभागीदारी से इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाना आवश्यक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?