
रुद्रप्रयाग: केदारघाटी क्षेत्र में अवैध शराब की बढ़ती बिक्री के खिलाफ अब महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। केदारनाथ यात्रा मार्गों पर शराब की अवैध बिक्री को लेकर स्थानीय महिलाओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शनिवार को रामपुर मुख्य बाजार में न्यालसू और सीतापुर गांव की महिलाओं ने एकजुट होकर रैली निकाली और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
रैली के दौरान महिलाओं ने “नशामुक्त हो गांव-क्षेत्र हमारा” जैसे नारे लगाते हुए लोगों को जागरूक किया। उनका कहना है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अवैध शराब की बिक्री न केवल स्थानीय सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंचा रही है। महिलाओं ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि क्षेत्र के कई गांवों में लगातार अवैध शराब पहुंच रही है, जिससे परिवारों में तनाव और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायतें करने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण अब महिलाओं को सड़कों पर उतरकर विरोध करना पड़ रहा है।
महिला मंगल दल, ग्राम न्यालसू की अध्यक्ष संध्या देवी ने कहा कि पूरे क्षेत्र की महिलाएं इस समस्या से परेशान हैं और लगातार आंदोलन कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की बिक्री पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि शराब की वजह से कई परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं।
वहीं ग्राम प्रधान न्यालसू बबीता देवी ने बताया कि गांव में पहले ही कई बैठकों के माध्यम से शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद बाहर से अवैध तरीके से शराब की आपूर्ति हो रही है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर इतना प्रयास किया जा रहा है, तो प्रशासन को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
महिलाओं ने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले सोनप्रयाग कोतवाली में ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रैली में सामाजिक कार्यकर्ता अशोक सेमवाल, पूर्व महिला मंगल दल अध्यक्ष प्रमिला देवी, उपाध्यक्ष बबीता देवी, लीला देवी, ललिता देवी, रुक्मणी देवी, नीमा देवी, अनिता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में अवैध शराब के कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।
केदारघाटी जैसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां न केवल स्थानीय समाज के लिए बल्कि राज्य की छवि के लिए भी नुकसानदायक मानी जा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।
यह विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि अब ग्रामीण महिलाएं अपने अधिकारों और समाज की भलाई के लिए खुलकर आवाज उठा रही हैं। प्रशासन के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि क्षेत्र में शांति और सामाजिक संतुलन बना रहे।



