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उत्तराखंड में यातायात क्रांति: देहरादून में दौड़ेगी ‘पॉड टैक्सी’, नैनीताल-मसूरी में रोपवे से आसान होगा सफर; शासन ने कसी कमर

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित प्रमुख पर्यटन केंद्रों—मसूरी और नैनीताल में यातायात की सूरत बदलने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘स्मार्ट सिटी और सुगम परिवहन’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए शासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को सचिवालय में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी (Personal Rapid Transit – पॉड टैक्सी) और पर्वतीय शहरों में रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई।

देहरादून का ‘पॉड टैक्सी’ कॉरिडोर: तीन रूटों पर मंथन

बैठक में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूएमआरसी) ने देहरादून शहर के लिए प्रस्तावित पीआरटी परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस परियोजना को शहर के मुख्य सार्वजनिक परिवहन तंत्र (ईबीआरटीएस) के ‘फीडर सिस्टम’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

प्रस्तावित तीन प्रमुख कॉरिडोर:

  1. क्लेमेंटाउन से बल्लूपुर चौक: यह कॉरिडोर शहर के प्रवेश द्वार को मुख्य चौक से जोड़ेगा।

  2. पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन: रेलवे यात्रियों के लिए यह सुगम और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

  3. गांधी पार्क से आईटी पार्क: शहर के व्यस्ततम मार्ग और तकनीकी केंद्र को इस रूट से कवर किया जाएगा।

आवास सचिव ने निर्देश दिए कि इन रूटों की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (EIA) और वित्तीय व्यवहार्यता को और अधिक मजबूती से पेश किया जाए। उन्होंने स्वयं इन कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण करने की भी इच्छा जताई है।

[Image showing a futuristic Pod Taxi/PRT model for urban commuting]

मसूरी और नैनीताल: जाम से मुक्ति दिलाएंगे हाई-टेक रोपवे

पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी और नैनीताल में लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार रोपवे परियोजनाओं को एकमात्र स्थाई समाधान मान रही है। आवास सचिव ने बैठक में स्पष्ट किया कि ये रोपवे न केवल यातायात के दबाव को कम करेंगे, बल्कि प्रदूषण मुक्त परिवहन का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करेंगे।

रोपवे परियोजनाओं के मुख्य बिंदु:

  • पार्किंग समस्या का समाधान: पर्यटक अपनी गाड़ियां शहर के बाहर पार्क कर रोपवे के जरिए मुख्य पर्यटन स्थलों तक जा सकेंगे।

  • भूमि अधिग्रहण पर फोकस: आवास सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का स्वामित्व स्पष्ट किया जाए और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर पत्राचार तेज किया जाए।

  • समयबद्धता: मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में इन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन का संतुलन

बैठक के दौरान डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड एक संवेदनशील हिमालयी राज्य है। इसलिए, किसी भी बुनियादी ढांचे के विकास में पर्यावरण संरक्षण सर्वोपरि होना चाहिए।

“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप हम एक ऐसी परिवहन व्यवस्था बनाना चाहते हैं जो आधुनिक भी हो और पर्यावरण अनुकूल भी। पॉड टैक्सी और रोपवे परियोजनाएं न केवल स्थानीय लोगों का जीवन आसान बनाएंगी, बल्कि पर्यटकों के अनुभव को भी यादगार बनाएंगी। इससे राज्य के आर्थिक विकास और पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाई मिलेगी।” — डॉ. आर. राजेश कुमार, आवास सचिव

तकनीकी और सामाजिक प्रभाव का अध्ययन

बैठक में मैकेन्जी (McKinsey) और सिस्ट्रा (Systra) जैसी अंतरराष्ट्रीय परामर्शदाता संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इन संस्थाओं ने परियोजनाओं के तकनीकी पहलुओं और भविष्य में होने वाले सामाजिक लाभों पर अपनी राय रखी। आवास सचिव ने यूएमआरसी को निर्देश दिए कि संशोधित डीपीआर में यह स्पष्ट होना चाहिए कि यह परियोजना वित्तीय रूप से कितनी टिकाऊ है और इससे आम जनता को सीधे तौर पर क्या लाभ होंगे।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में संयुक्त सचिव आवास धीरेंद्र कुमार सिंह, यूएमआरसी के निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक और कई वरिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगली बैठक तक भूमि संबंधी और तकनीकी रुकावटों को दूर कर लिया जाए।


भविष्य की ओर बढ़ता उत्तराखंड

देहरादून में पॉड टैक्सी और मसूरी-नैनीताल में रोपवे का सपना अब हकीकत बनने के करीब है। यह परियोजनाएं न केवल उत्तराखंड को आधुनिक वैश्विक शहरों की श्रेणी में खड़ा करेंगी, बल्कि ‘इको-टूरिज्म’ के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएंगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत यदि यह प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होते हैं, तो उत्तराखंड आने वाले समय में शहरी नियोजन (Urban Planning) का एक मॉडल बनकर उभरेगा।

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