उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड शासन का बड़ा फैसला: पिटकुल के प्रभारी MD पीसी ध्यानी कार्यमुक्त, अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट को मिली कमान

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के पावर सेक्टर में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पावर ट्रान्समिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रभारी प्रबन्ध निदेशक पीसी ध्यानी को उनके पद से कार्यमुक्त कर दिया है। शासन द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, अब ऊर्जा विभाग के अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट को पिटकुल के प्रबंध निदेशक (MD) पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

शासन का यह निर्णय राज्य की विद्युत पारेषण व्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शासकीय कार्यहित में बड़ा बदलाव

सचिव ऊर्जा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पीसी ध्यानी को तत्काल प्रभाव से प्रबंध निदेशक के दायित्वों से मुक्त किया जाता है। उनके स्थान पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और वर्तमान में अपर सचिव, ऊर्जा के पद पर तैनात मेहरबान सिंह बिष्ट को यह जिम्मेदारी दी गई है।

आदेश के अनुसार, मेहरबान सिंह बिष्ट को शासकीय कार्यहित में ‘नितान्त अस्थाई व्यवस्था’ के तहत नई नियुक्ति होने अथवा शासन के अगले आदेशों तक प्रबन्ध निदेशक, पिटकुल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

पीसी ध्यानी की रवानगी और प्रशासनिक कारण

पीसी ध्यानी लंबे समय से पिटकुल के प्रभारी प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य देख रहे थे। हालांकि, शासन स्तर पर पिछले कुछ समय से ऊर्जा निगमों में स्थायी नियुक्तियों और कार्यप्रणाली को लेकर मंथन चल रहा था। सूत्रों की मानें तो पावर सेक्टर में पारदर्शिता और परियोजनाओं की गति बढ़ाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। पीसी ध्यानी को कार्यमुक्त किए जाने के बाद अब विभाग में नए एमडी की नियुक्ति प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

कौन हैं मेहरबान सिंह बिष्ट?

अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट शासन के एक अनुभवी अधिकारी हैं और वर्तमान में ऊर्जा विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके पास प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है। पिटकुल जैसे महत्वपूर्ण निगम की कमान मिलने के बाद उनके सामने प्रदेश के ट्रांसमिशन लाइनों को अपग्रेड करने, स्मार्ट ग्रिड परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और राज्य में बिजली कटौती जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।

पिटकुल के समक्ष आगामी चुनौतियां

पिटकुल उत्तराखंड का वह प्रमुख संस्थान है जिस पर पूरे राज्य में उच्च क्षमता वाली बिजली लाइनों को बिछाने और सब-स्टेशनों के निर्माण की जिम्मेदारी है। वर्तमान में चारधाम यात्रा मार्ग और सीमांत क्षेत्रों में विद्युत पारेषण लाइन को सुदृढ़ करने का कार्य गतिमान है। नए प्रबंध निदेशक के रूप में मेहरबान सिंह बिष्ट को निम्नलिखित परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा:

  1. सब-स्टेशनों का आधुनिकीकरण: राज्य के पुराने बिजली घरों की क्षमता बढ़ाना।

  2. स्मार्ट ग्रिड परियोजना: बिजली चोरी रोकने और पारेषण नुकसान (Transmission Loss) को कम करने के लिए नई तकनीक का प्रयोग।

  3. स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया: शासन के निर्देशों के अनुसार निगम में स्थायी प्रबंध निदेशक की नियुक्ति तक व्यवस्था को सुचारू रखना।

पावर सेक्टर में हलचल तेज

शासन के इस फैसले के बाद ऊर्जा विभाग के अन्य निगमों—यूपीसीएल (UPCL) और यूजेवीएन लिमिटेड (UJVNL) में भी भविष्य में बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऊर्जा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रदेश के आर्थिक विकास और जनसुविधाओं से जुड़ा मामला है।

पिटकुल में नेतृत्व परिवर्तन एक नई प्रशासनिक व्यवस्था की शुरुआत है। मेहरबान सिंह बिष्ट के नेतृत्व में विभाग से उम्मीद की जा रही है कि वे पारेषण क्षेत्र की बाधाओं को दूर कर उत्तराखंड को ऊर्जा सरप्लस राज्य बनाने के विजन को मजबूती देंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button