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Uttarakhand Congress Meeting 2026: देहरादून में आयोजित हुई कांग्रेस पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी की बैठक, अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सरकार को घेरा

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित ‘उत्तराखंड कांग्रेस पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी’ की महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अब केवल सीबीआई जांच नहीं, बल्कि ‘न्यायिक देखरेख’ में जांच की मांग कर रही है।


अंकिता हत्याकांड: “राज्य के माथे पर कलंक और शर्मसार करने वाली घटना”

बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ प्रेस वार्ता करते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता हत्याकांड ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरी दुनिया में राज्य की छवि को धूमिल किया है। उन्होंने अंकिता को एक ‘सिंबल’ (प्रतीक) बताते हुए कहा कि यह लड़ाई उन सभी बेटियों के लिए है जो अन्याय का शिकार हो रही हैं।

कुमारी शैलजा ने सरकार से पूछे ये 5 तीखे सवाल:

  1. VIP का रहस्य: उस ‘वीआईपी’ का नाम अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था?

  2. सबूतों का विनाश: अपराध के तुरंत बाद रिजॉर्ट के उस हिस्से को बुलडोजर से क्यों ढहाया गया जहाँ महत्वपूर्ण सबूत हो सकते थे?

  3. विधायक की भूमिका: इस पूरे प्रकरण में क्षेत्रीय विधायक की क्या भूमिका रही और उन पर जांच की आंच क्यों नहीं पहुंची?

  4. विलंब का कारण: मुख्यमंत्री ने शुरुआत में ही इस मामले को गंभीरता से लेकर सीबीआई को क्यों नहीं सौंपा?

  5. विश्वसनीयता का संकट: इतने वर्षों बाद अब सीबीआई जांच की बात करना क्या केवल जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है?


“CBI पर भरोसा नहीं, जुडिशल मॉनिटरिंग जरूरी”

कुमारी शैलजा ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के दौर में स्वतंत्र जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा:

“हमें अब केवल सीबीआई की स्वतंत्र जांच पर भरोसा नहीं रहा। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई इस पूरे मामले की तह तक जाए, ताकि वीआईपी के चेहरे से नकाब उतर सके।”


संगठन को धार देने की रणनीति: प्रदेश कार्यकारिणी पर मंथन

अंकिता मामले के अलावा, पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी की बैठक में कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

  • नई कार्यकारिणी का गठन: जल्द ही उत्तराखंड कांग्रेस की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की जा सकती है।

  • ज्वलंत मुद्दे: बेरोजगारी, भर्ती घोटाले और प्रदेश की कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में है।


विपक्ष का धर्म: “हम चुप नहीं बैठेंगे”

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना कांग्रेस की प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शुरू से ही दोषियों को बचाने का प्रयास किया है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे को तब तक जीवित रखेगी जब तक अंतिम अपराधी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता।

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