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Uttarakhand: “सोशल मीडिया मंथन” में CM धामी का संबोधन: कहा- “ब्रांड उत्तराखंड को मजबूत करने में कंटेंट क्रिएटर्स निभाएं अग्रणी भूमिका”

देहरादून, बुधवार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज सोशल मीडिया देश और दुनिया में संवाद का सबसे प्रभावी और तेज माध्यम बन चुका है। ऐसे में कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका केवल मनोरंजन या जानकारी साझा करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन, परंपरा और उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री मुख्य सेवक सदन में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स को अपने कंटेंट में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “सोशल मीडिया वॉरियर” फेक न्यूज, गलत नैरेटिव और सामाजिक भ्रम पैदा करने वाली गतिविधियों का प्रभावी प्रतिकार कर सकते हैं।


सोशल मीडिया: संवाद का सबसे तेज और शक्तिशाली मंच

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज सोशल मीडिया ने सूचना की परिभाषा ही बदल दी है। किसी गाँव की एक छोटी समस्या हो या विश्व की कोई बड़ी घटना, कुछ ही सेकंड में लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच जाती है।
उन्होंने कहा—
“सोशल मीडिया ने आम नागरिक को आवाज दी है, उसे मंच दिया है, उसे प्रभावशाली बनाने का सामर्थ्य दिया है।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावशाली टूल बन चुका है। किसी आपदा में फंसे लोगों की मदद से लेकर बच्चों के इलाज, बुजुर्गों की पेंशन और सड़क मरम्मत तक—एक पोस्ट ने कई कठिन समस्याओं को तुरंत हल किया है।


प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल गवर्नेंस की नई मिसाल स्थापित की: CM

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता संभालते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया को शासन का एक प्रमुख स्तंभ बनाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने—

  • सोशल मीडिया को संवाद और पारदर्शिता का साधन बनाया
  • शासन को जनकेंद्रित बनाया
  • नागरिकों को नीतिनिर्माण से जोड़ा
  • डिजिटल गवर्नेंस की एक नई परंपरा गढ़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’, X, फेसबुक, माईगॉव, पीएमओ का डिजिटल इकोसिस्टम—इन सबने नागरिकों को शासन तंत्र से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आज दुनिया के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले नेताओं में शामिल हैं।


डिजिटल उत्तराखंड की ओर बड़ा कदम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विज़न से प्रेरित होकर राज्य सरकार “डिजिटल उत्तराखंड” के निर्माण के लिए तेज़ गति से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि—

  • मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सभी विभाग सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं
  • जनता के सुझाव, शिकायतें और जनसमस्याएं हर स्तर पर मॉनिटर होती हैं
  • एक ट्वीट या संदेश से तत्काल समाधान उपलब्ध हो जाता है
  • वे स्वयं प्रतिदिन सोशल मीडिया पर आने वाले मुद्दों की समीक्षा करते हैं

उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में डिजिटल माध्यमों की भूमिका आने वाले दिनों में और बढ़ेगी और उत्तराखंड इस मॉडल को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहा है।


फेक न्यूज और नेगेटिव नैरेटिव बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि—

  • गलत सूचना
  • मनगढंत नैरेटिव
  • समाज-विरोधी कंटेंट
  • धर्म एवं संस्कृति पर दुष्प्रचार

इन सबने सोशल मीडिया पर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ धर्म-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता वाले लोग सोशल मीडिया का उपयोग कर भ्रम फैलाते हैं और सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रहार करते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए जब राज्य सरकार ने सख्त कानून लागू किए, तो कुछ अर्बन नक्सल समूह और राष्ट्र-विरोधी तत्व नकली अकाउंट बनाकर गलत नैरेटिव फैलाने लगे।


कंटेंट क्रिएटर्स निभाएं “जिम्मेदार डिजिटल नागरिक” की भूमिका

मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार सोशल मीडिया व्यवहार पर जोर देते हुए कहा कि लोकप्रियता और व्यूज की होड़ में नैतिक दायित्व की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा—
“व्यूज और फॉलोअर्स की दौड़ में जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य की एक बारीक रेखा होती है—इसे समझना जरूरी है।”

उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से निम्न प्रमुख अपील की—

✔️ उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों को प्रमोट करें

✔️ स्थानीय उत्पादों एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा दें

✔️ संस्कृति, परंपरा और लोककला को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करें

✔️ फेक न्यूज़ और झूठे प्रचार का समय रहते खंडन करें

✔️ सकारात्मक एवं तथ्यात्मक कंटेंट तैयार करें

उन्होंने कहा कि “ब्रांड उत्तराखंड” को मजबूत बनाने में क्रिएटर्स की अहम भूमिका है। यदि कंटेंट क्रिएटर अपने प्लेटफार्मों पर प्रदेश के लिए सकारात्मक माहौल बना दें, तो दुनिया भर में उत्तराखंड की पहचान और सशक्त होगी।


सोशल मीडिया: आपदा में जीवन रक्षक टूल

मुख्यमंत्री ने कई उदाहरण देते हुए कहा कि—

  • एक पोस्ट से बच्चे का उपचार संभव हुआ
  • एक ट्वीट से बुजुर्ग की पेंशन बहाल हो गई
  • एक वीडियो से सड़क मरम्मत का समाधान मिला
  • लाइव लोकेशन से आपदा में फंसे लोगों को बचाया गया

इससे यह साबित होता है कि सोशल मीडिया आम आदमी के लिए अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन बदल देने वाला प्लेटफॉर्म बन चुका है।


कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन्फ्लुएंसर, यूट्यूबर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल प्रोफेशनल भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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