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Uttarakhand: सीएम धामी जीवनदीप आश्रम के पंचदिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में हुए शामिल, कई विकास कार्यों का किया लोकार्पण

रुड़की में CM धामी की भव्य उपस्थिति: धार्मिक-सामाजिक महोत्सव में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार, विकास कार्यों की सौगात और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का संकल्प

रुड़की/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया बल्कि राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के अपने संकल्प को भी दोहराया। महोत्सव का माहौल आस्था, आध्यात्मिकता, सेवा और सामाजिक जागरूकता से परिपूर्ण रहा।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, सिद्धबली हनुमान द्वार और शहीद चौक का लोकार्पण व उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहा अब शहीद चौक के नाम से जाना जाएगा, जो प्रदेश के अमर शहीदों की गौरवगाथा का प्रतीक बनेगा।


संत समाज जीवंत तीर्थ है, समाज को सत्पथ की दिशा देता है: CM धामी

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर परमपूज्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी को नमन किया और जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि जी महाराज एवं संत समाज के अन्य संतो को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि “संत समाज किसी जीवंत तीर्थ के समान है। हमारे सनातन जीवन दर्शन में संतों की भूमिका सदैव समाज को सही दिशा देने और सकारात्मक सोच विकसित करने की रही है।”

उन्होंने बताया कि जीवनदीप आश्रम द्वारा आयोजित इस पाँच दिवसीय महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण और सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि धर्म और सेवा के संयुक्त स्वरूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।


शहीद चौक—राष्ट्रभक्ति का नया प्रतीक

मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटित शहीद चौक को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। धामी ने कहा कि यह चौक शहीदों के अदम्य साहस और बलिदान का स्मारक होगा और नई पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करेगा।

उन्होंने जीवन दीप सेवा न्यास के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी की प्रेरणा से न्यास पिछले लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-संरक्षण, संस्कार, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।


मोदी युग में सनातन संस्कृति का वैश्विक पुनर्जागरण – CM धामी

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व उत्थान हुआ है।
उन्होंने कहा:

  • “राम मंदिर का भव्य निर्माण सिर्फ मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है।”
  • बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण कार्य देशभर में प्रशंसा का विषय है
  • काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक ने विश्व में भारतीय आस्था का नया संदेश दिया है

धामी ने कहा कि उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ उनकी सरकार काम कर रही है और इसी दिशा में यमुनातट तीर्थ स्थल पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज जैसे महत्वूपर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।


सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना की रक्षा को सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना को सुरक्षित रखने के लिए कड़े फैसले ले रही है। उन्होंने विस्तार से बताया कि:

  • प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है
  • सख्त दंगारोधी कानून सामाजिक सौहार्द की गारंटी देता है
  • लैंड जिहाद पर बड़ी कार्रवाई, 9,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त
  • UCC लागू, जिससे समान कानून व्यवस्था स्थापित हुई
  • नकल विरोधी कानून के बाद 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली
  • 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई और नए नियमों के बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद होंगे
  • ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सामाजिक संरचना को मजबूत करने के साथ ही विकास और सुरक्षा दोनों को संतुलित रूप में आगे बढ़ाना है।


उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प

धामी ने कहा कि उनकी सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि संत समाज के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से उत्तराखंड आने वाले वर्षों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।


मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी का संबोधन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन सौभाग्य का है क्योंकि जीवनदीप आश्रम द्वारा 1100 कन्याओं का पूजन, भोजन और छह कन्याओं का सामूहिक विवाह आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी कन्याओं को सुखी और समृद्ध जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार और दक्षिणा दी और सामूहिक विवाह में शामिल छह कन्याओं को आशीर्वाद प्रदान किया।


संत समाज और जनप्रतिनिधियों की बड़ी उपस्थिति

कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख संत, धार्मिक नेता, जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • महामंडलेश्वर यतिद्रनंद गिरी महाराज
  • महंत रविंद्र पुरी महाराज
  • स्वामी प्रबोधानंद गिरी
  • स्वामी मैत्रेयी गिरी
  • स्वामी विवेकानंद सरस्वती
  • विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला अधिकारी व पुलिस अधिकारी
  • बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी

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