
रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परिषदीय परीक्षाएं शनिवार को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गईं। राज्य के शिक्षा इतिहास में इस वर्ष की परीक्षा को ‘नकल विहीन’ और ‘पारदर्शी’ बनाने के लिए विभाग ने जो खाका खींचा था, वह धरातल पर सफल होता दिखा। अब बोर्ड का पूरा ध्यान उत्तर पुस्तिकाओं के सटीक और पारदर्शी मूल्यांकन पर केंद्रित हो गया है।
परीक्षा का रिपोर्ट कार्ड: आंकड़ों की जुबानी
निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं सभापति उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के कुशल नेतृत्व में प्रदेश भर के 1261 केंद्रों पर इस महाकुंभ का आयोजन किया गया। 21 फरवरी 2026 से शुरू हुई इन परीक्षाओं में इस वर्ष परीक्षार्थियों का उत्साह देखने लायक था।
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हाईस्कूल (कक्षा 10): कुल 1,12,266 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया।
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इंटरमीडिएट (कक्षा 12): कुल 1,02,986 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए।
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कुल भागीदारी: 2 लाख से अधिक भविष्य के कर्णधारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता का परिचय दिया।
बोर्ड प्रशासन के अनुसार, दुर्गम क्षेत्रों से लेकर शहरी केंद्रों तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या बड़े स्तर पर नकल की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: बीएनएसएस की धारा 163 का प्रभाव
परीक्षा को विवादों से दूर रखने के लिए राज्य सरकार ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए थे। सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पूर्व में धारा 144 के रूप में जानी जाती थी) लागू की गई थी। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के संयुक्त समन्वय ने परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ और असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह लगाम लगाए रखी।
मूल्यांकन का अगला चरण: 27 मार्च से ‘मिशन इवैल्यूएशन’
परीक्षाएं समाप्त होते ही अब शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 मूल्यांकन की प्रक्रिया 27 मार्च 2026 से आधिकारिक रूप से प्रारंभ होगी, जो 10 अप्रैल 2026 तक निर्बाध रूप से चलेगी।
इस प्रक्रिया के लिए राज्य भर में 29 विशेष मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कॉपियों के बंडल पहुंचने शुरू हो गए हैं। बोर्ड का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर त्रुटिहीन मूल्यांकन कर समय पर परिणाम घोषित किए जा सकें।
11.84 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की होगी जांच
इस वर्ष मूल्यांकन का कार्य काफी विशाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:
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हाईस्कूल: कुल 6,70,028 उत्तर पुस्तिकाओं का परीक्षण किया जाना है।
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इंटरमीडिएट: कुल 5,14,787 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच होगी।
इस भारी-भरकम कार्य को संपन्न करने के लिए शिक्षा विभाग ने विषय विशेषज्ञों की एक बड़ी फौज तैनात की है। हाईस्कूल स्तर पर 1937 शिक्षक और इंटरमीडिएट स्तर पर 1725 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
पारदर्शिता के लिए ‘थ्री-लेयर’ सुरक्षा और सीसीटीवी
मूल्यांकन प्रक्रिया में मानवीय चूक को न्यूनतम करने और पारदर्शिता को अधिकतम करने के लिए बोर्ड ने सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।
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सीसीटीवी निगरानी: सभी 29 मूल्यांकन केंद्रों के हर कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी।
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50 प्रतिशत कॉपियों का पुनः परीक्षण: यह इस बार का सबसे बड़ा कदम है। मूल्यांकन की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए कुल जांची गई कॉपियों में से 50 फीसदी का रैंडम आधार पर दोबारा परीक्षण (Re-checking) वरिष्ठ परीक्षकों द्वारा किया जाएगा।
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प्रतिबंधित गैजेट्स: मूल्यांकन केंद्र के भीतर शिक्षकों को मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
आभार और भविष्य की राह
परिषद ने परीक्षा के सफल समापन पर पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, शिक्षकों और उन सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है जिन्होंने दिन-रात एक कर इस प्रक्रिया को सुगम बनाया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि मूल्यांकन कार्य इसी गति और सटीकता से चला, तो मई के प्रथम या द्वितीय सप्ताह तक परिणामों की घोषणा की जा सकती है।
उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं के लिए अब यह इंतजार का समय है, लेकिन बोर्ड की मुस्तैदी यह संकेत दे रही है कि उनकी मेहनत का फल उन्हें पूरी निष्पक्षता के साथ मिलेगा। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 मूल्यांकन का यह पारदर्शी मॉडल भविष्य की परीक्षाओं के लिए एक मानक (Benchmark) स्थापित करेगा।



