रुद्रपुर/काशीपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मानवता को शर्मसार करते हुए एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर उससे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। एसएसपी अजय गणपति के कड़े निर्देशों के बाद आईटीआई कोतवाली पुलिस ने एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाकर इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मई 2025 से लापता थी नाबालिग: हरियावाला में मिला सुराग
मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़िता मई 2025 से लापता थी। महीनों की तलाश के बाद पुलिस को खुफिया तंत्र से सूचना मिली कि जनपद के हरियावाला क्षेत्र में एक संदिग्ध गतिविधि संचालित हो रही है और वहां एक नाबालिग को बंधक बनाकर रखा गया है।
सूचना मिलते ही एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल आईटीआई कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने हरियावाला स्थित आरोपी जाहिद के आवास पर छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया और मौके से चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली: गिरोह में महिलाएं भी शामिल
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जाहिद, शिवम, शोभा और सोमा के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घिनौने कृत्य में दो महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल थीं, जो नाबालिगों को बरगलाने और उनसे अनैतिक देह व्यापार कराने का काम करती थीं।
पुलिस जांच में सामने आए मुख्य तथ्य:
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आरोपी जाहिद: गिरोह का मुख्य सरगना, जिसके घर पर यह पूरा धंधा संचालित हो रहा था।
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आरोपी शिवम: ग्राहकों की व्यवस्था करने और पीड़िता पर निगरानी रखने का काम करता था।
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शोभा और सोमा: ये दोनों महिलाएं नाबालिग को डराने-धमकने और उसे इस दलदल में धकेलने की मुख्य सूत्रधार थीं।
सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि और बीएनएस की नई धाराएं
जांच के दौरान पुलिस को जो साक्ष्य मिले, वे बेहद विचलित करने वाले हैं। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसे महीनों तक बंधक बनाकर रखा गया और कई बार उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) किया गया। आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी देकर अनैतिक देह व्यापार (Human Trafficking) के दलदल में धकेल दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई और कठोर धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। काशीपुर एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है, जिसमें गंभीर शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई है।
पुलिस की सतर्कता और भविष्य की रणनीति
काशीपुर एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह ऑपरेशन उधम सिंह नगर पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है जो नाबालिगों को निशाना बना रहा है।”
पुलिस की आगामी कार्रवाई:
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फरार आरोपियों की तलाश: पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य जनपदों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। कुछ अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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साक्ष्य जुटाना: पुलिस डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटा रही है ताकि न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ केस को मजबूती से पेश किया जा सके।
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संपत्ति की जांच: सरगना जाहिद और उसके सहयोगियों की अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा सकती है, जो उन्होंने इस अनैतिक व्यापार से अर्जित की हैं।
समाज से अपील: जागरूकता ही बचाव है
इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच रोष पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके पड़ोस में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या किसी अनजान व्यक्ति का लंबे समय तक आना-जाना हो, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आपकी एक छोटी सी सूचना किसी मासूम की जिंदगी बचा सकती है।
रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के गिरोहों के खिलाफ अब पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उधम सिंह नगर पुलिस द्वारा किया गया यह भंडाफोड़ उन अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो मासूमों की मजबूरी का फायदा उठाकर अपना काला कारोबार चला रहे हैं। नाबालिग से दुष्कर्म मामला और जबरन देह व्यापार जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ समाज और कानून का एकजुट होना अनिवार्य है। फिलहाल, चारों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं और पुलिस पूरे सिंडिकेट को जड़ से मिटाने में जुटी है।



