
नैनीताल: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला नैनीताल जिले के खुपी क्षेत्र से सामने आया है, जहां यात्रियों से भरी एक केएमओयू बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस भीषण हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बस हल्द्वानी से डीडीहाट की ओर जा रही थी। बस में कुल 14 यात्री सवार थे। जैसे ही बस खुपी क्षेत्र के पास पहुंची, अचानक चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना गंभीर था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को बस से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर उन्हें इलाज के लिए भवाली और हल्द्वानी के अस्पतालों में भेजा गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर मनीष भाकुनी के अनुसार, बस में सवार सभी यात्रियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि अन्य घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। लगातार हो रहे हादसे इस बात का संकेत हैं कि यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा उपायों में सुधार की सख्त जरूरत है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नैनीताल जिले में इस तरह का दर्दनाक हादसा हुआ हो। इससे पहले 25 दिसंबर 2024 को भी एक बड़ा बस हादसा सामने आया था, जब एक रोडवेज बस भीमताल क्षेत्र में गहरी खाई में गिर गई थी। उस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी और 25 लोग घायल हुए थे। उस समय बस में 29 यात्री सवार थे। घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
लगातार हो रहे सड़क हादसों ने यह साफ कर दिया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करना अब भी जोखिम भरा है। खराब सड़कें, तीखे मोड़, और कई बार लापरवाही से ड्राइविंग—ये सभी कारण मिलकर दुर्घटनाओं को जन्म देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राइवरों की नियमित ट्रेनिंग, वाहनों की तकनीकी जांच और सख्त ट्रैफिक नियमों का पालन ही इन हादसों को कम कर सकता है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने भी भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है।



