
देहरादून। राजधानी देहरादून की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और पुलिसिंग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने मंगलवार, 24 मार्च 2026 को कोतवाली नगर का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कप्तान के तेवर बेहद सख्त नजर आए। अभिलेखों के रख-रखाव से लेकर जन शिकायतों के निस्तारण में बरती गई शिथिलता पर एसएसपी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए।
लंबित शिकायतों पर गिरी गाज: जांचकर्ताओं को फटकार
निरीक्षण की शुरुआत में एसएसपी ने थाना कार्यालय के महत्वपूर्ण अभिलेखों (Records) का गहनता से अवलोकन किया। इस दौरान जब उन्होंने विभिन्न पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों की स्थिति जांची, तो कई मामले लंबे समय से लंबित पाए गए।
जनता की शिकायतों के निस्तारण में देरी को ‘अक्षम्य’ बताते हुए एसएसपी देहरादून ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर और संबंधित जांचकर्ता अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दोटूक कहा कि प्रार्थना पत्रों को अनावश्यक रूप से दबाकर रखने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली कतई स्वीकार्य नहीं है। त्वरित निस्तारण के निर्देश देने के साथ ही उन्होंने ऐसे लापरवाह जांचकर्ताओं की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए।
डिजिटल पुलिसिंग और सीसीटीएनएस पर जोर
आधुनिक पुलिसिंग के दौर में डेटा की महत्ता को रेखांकित करते हुए एसएसपी ने एसएसपी देहरादून वार्षिक निरीक्षण (SSP Dehradun Annual Inspection) के दौरान सीसीटीएनएस (CCTNS) और अन्य ऑनलाइन पोर्टलों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि एनसीआरबी पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन, ई-डिस्ट्रिक्ट और अन्य डिजिटल माध्यमों से आने वाली शिकायतों और सत्यापन (Verification) कार्यों को समयबद्ध तरीके से अपडेट किया जाए।
कप्तान ने चेतावनी दी कि यदि तकनीकी पोर्टल पर सूचनाएं अधूरी पाई गईं या ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में विलंब हुआ, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित पोर्टल प्रभारी की होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग जनता की सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि फाइलों को उलझाने के लिए।
भोजनालय और बैरक: जवानों की सेहत सर्वोपरि
पुलिसकर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एसएसपी ने थाना परिसर में स्थित कर्मचारियों की बैरकों और भोजनालय (Mess) का जायजा लिया। उन्होंने साफ-सफाई और रख-रखाव पर असंतोष जताते हुए इसे बेहतर बनाने के निर्देश दिए। भोजनालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता की स्वयं जांच की और मेस कमांडर को निर्देश दिए कि जवानों को उच्च कोटि का पौष्टिक भोजन मिलना सुनिश्चित किया जाए। एसएसपी ने कहा कि जब जवान स्वस्थ और तनावमुक्त रहेगा, तभी वह बेहतर पुलिसिंग कर पाएगा।
मालखाना और शस्त्रों का आधुनिकीकरण
मालखाने के निरीक्षण में एसएसपी ने वहां रखे माल मुकदमाती और लावारिस वाहनों के निस्तारण की स्थिति जानी। एमवी एक्ट के तहत सीज किए गए वाहनों और लंबे समय से लंबित लावारिस मालों के निस्तारण के लिए उन्होंने प्रभारी निरीक्षक को कानूनी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
साथ ही, उन्होंने थाने में मौजूद शस्त्रों, दंगा नियंत्रण उपकरणों और आपदा प्रबंधन किट का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से क्राइम डिटेक्शन किट के उपयोग के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से ‘वेपन हैंडलिंग’ और क्राइम सीन से साक्ष्य संकलित करने का अभ्यास कराया जाए।
क्राइम सीन और साक्ष्य संकलन: प्रोफेशनल ट्रेनिंग पर बल
एसएसपी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विवेचना की गुणवत्ता साक्ष्यों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “क्राइम सीन से साक्ष्य जुटाने में कोई भी चूक अपराधी को लाभ पहुँचा सकती है।” इसके लिए उन्होंने थाना स्तर पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि सिपाही से लेकर दरोगा तक सभी को ‘क्राइम डिटेक्शन किट’ के वैज्ञानिक उपयोग की पूरी जानकारी हो।
सैनिक सम्मेलन: समस्याओं का समाधान और भविष्य की रणनीति
निरीक्षण के समापन पर एसएसपी देहरादून ने कोतवाली में तैनात समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक मीटिंग (सैनिक सम्मेलन) ली। इस बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और न्यायालय से प्राप्त होने वाले वारंटों/पत्रों के समयबद्ध पालन पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस दौरान कप्तान ने पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत और पेशेवर समस्याओं को भी सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए और अधीनस्थ कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनके कल्याण और हितों के लिए विभाग हर संभव प्रयास करेगा।
जवाबदेही तय करने का संदेश
एसएसपी देहरादून का यह वार्षिक निरीक्षण जनपद के अन्य थानों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। कप्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण से जहां एक ओर थाने की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर जनता को समय पर न्याय मिलने का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।



