भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 170 रनों की बड़ी जीत दर्ज की। लखनऊ में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने बेहतरीन खेल दिखाया। हालांकि मैच के दौरान एक ऐसा रिकॉर्ड भी बना जिसने क्रिकेट प्रशंसकों का विशेष ध्यान अपनी ओर खींचा। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने वनडे क्रिकेट में 3000 रन पूरे करते हुए एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली।
क्रिकेट जगत में ‘सरपंच साहब’ के नाम से मशहूर श्रेयस अय्यर अब भारत की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले संयुक्त रूप से दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि केवल 72 पारियों में हासिल की। इस मामले में उन्होंने भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नामों को पीछे छोड़ दिया है, जिनमें विराट कोहली, केएल राहुल और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हैं।
शुभमन गिल अब भी शीर्ष पर
वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज 3000 रन बनाने का रिकॉर्ड मौजूदा कप्तान शुभमन गिल के नाम दर्ज है। गिल ने यह मुकाम केवल 62 पारियों में हासिल किया था, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। वहीं श्रेयस अय्यर ने 72 पारियों में 3000 रन पूरे कर शिखर धवन की बराबरी कर ली है।
भारत की ओर से वनडे में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची इस प्रकार है:
- 62 पारी – शुभमन गिल
- 72 पारी – शिखर धवन
- 72 पारी – श्रेयस अय्यर
- 75 पारी – विराट कोहली
- 78 पारी – केएल राहुल
- 79 पारी – नवजोत सिंह सिद्धू
इस सूची में शामिल होना ही किसी बल्लेबाज के लिए गर्व की बात होती है, लेकिन विराट कोहली और केएल राहुल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से आगे निकलना श्रेयस अय्यर की निरंतरता और शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
दूसरे वनडे में खेली उपयोगी पारी
हालांकि दूसरे वनडे मुकाबले में श्रेयस अय्यर कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उन्होंने टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे अय्यर ने 24 गेंदों का सामना करते हुए 26 रन बनाए। उनकी पारी में एक चौका और एक शानदार छक्का शामिल था।
अय्यर ने 108.33 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को मजबूती प्रदान की। हालांकि वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और अफगानिस्तान के गेंदबाज नांगेलिया खरोटे का शिकार बन गए। उनके कैच को इब्राहिम जादरान ने शानदार अंदाज में पूरा किया। बावजूद इसके, अय्यर अपनी इस छोटी लेकिन उपयोगी पारी के दौरान ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने में सफल रहे।
भारतीय बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन
मुकाबले की बात करें तो भारतीय टीम ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और बड़े स्कोर की नींव रखी।
कप्तान रोहित शर्मा ने तेज शुरुआत करते हुए 48 रनों का योगदान दिया। हालांकि वह अर्धशतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद शुभमन गिल और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया।
शुभमन गिल ने शानदार 154 रनों की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। वहीं ईशान किशन ने भी शानदार शतक जड़ते हुए 125 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने 49.5 ओवर में 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
अफगानिस्तान की टीम लक्ष्य से रही दूर
403 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट चटकाते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने सबसे अधिक 79 रन बनाए और संघर्ष करने की कोशिश की। उनके अलावा सेदिकुल्लाह अटल ने 42 रन तथा रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रनों का योगदान दिया। लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे।
भारतीय गेंदबाजों के सामने अफगानिस्तान की पूरी टीम 44.3 ओवर में 232 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने मुकाबला 170 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया और सीरीज में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।
अय्यर की उपलब्धि ने बढ़ाया गौरव
भारत की बड़ी जीत के बीच श्रेयस अय्यर की उपलब्धि चर्चा का मुख्य विषय बनी रही। पिछले कुछ वर्षों में अय्यर ने वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और मध्यक्रम में भारतीय टीम की मजबूती बनकर उभरे हैं। 72 पारियों में 3000 रन पूरे करना इस बात का प्रमाण है कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं।
आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय टीम को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी। यदि अय्यर इसी तरह अपनी फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो वह आने वाले समय में कई और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। फिलहाल उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ दिया है और प्रशंसकों को जश्न मनाने का एक और मौका दे दिया है।
