देहरादून: राजधानी के सबसे सुरक्षित और वीआईपी माने जाने वाले राजपुर रोड इलाके से एक बड़ी वारदात सामने आई है। शहर के प्रतिष्ठित ‘अजंता होटल’ के मालिक भुवन गांधी के आवास पर शनिवार देर रात बेखौफ बदमाशों ने धावा बोला। दो नकाबपोश लुटेरों ने घर में मौजूद 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर घंटों लूटपाट की और लाखों की नकदी व गहने समेटकर फरार हो गए। इस घटना ने दून पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बंधक बनाकर दो घंटे तक मचाया तांडव
घटना 17 जनवरी की मध्य रात्रि की है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, होटल मालिक भुवन गांधी 16 जनवरी को अपने बेटे को छोड़ने गुड़गांव गए हुए थे। घर पर उनकी 76 वर्षीय बुजुर्ग माता और नौकर मौजूद थे। शनिवार रात करीब 12:30 बजे दो अज्ञात बदमाश घर की सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए भीतर दाखिल हुए।
बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह सो रही थीं, तभी अचानक दो लोग उनके कमरे में घुसे। बदमाशों ने उन्हें डरा-धमकाकर खामोश कर दिया और अलमारियों की चाबियां व गहनों के बारे में पूछने लगे। खौफ का आलम यह था कि एक बदमाश बुजुर्ग महिला को काबू करने के लिए उनके पास ही बैठ गया, जबकि दूसरा पूरे घर को खंगालता रहा। बदमाशों ने करीब दो घंटे तक पूरे इत्मीनान से घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली और लूट को अंजाम दिया।
नौकर की सूचना पर हुआ वारदात का खुलासा
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर चंपत हो गए। बदमाशों के जाने के बाद घर के नौकर ने हिम्मत जुटाई और तुरंत होटल मालिक भुवन गांधी को फोन पर घटना की जानकारी दी। रविवार सुबह जब भुवन गांधी गुड़गांव से वापस देहरादून पहुंचे, तो उन्होंने अपनी माता से पूरी आपबीती सुनी। इसके बाद रविवार (18 जनवरी) को थाना राजपुर में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस की रडार पर ‘करीबी’ और सीसीटीवी फुटेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। थाना राजपुर प्रभारी प्रदीप रावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जांच की दिशा अभी तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है:
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सीसीटीवी सर्विलांस: पुलिस राजपुर रोड और डाकपट्टी क्षेत्र के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि लुटेरों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
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नौकर और करीबियों से पूछताछ: जिस तरह से बदमाशों ने घर में प्रवेश किया और घंटों रुके रहे, उससे पुलिस को अंदेशा है कि इसमें किसी ‘भेदिया’ या जानकार का हाथ हो सकता है। पुलिस परिवार के सदस्यों और घरेलू सहायकों के कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है।
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लुटेरों का हुलिया: बुजुर्ग महिला द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर हुलिया मिलान (Sketching) की प्रक्रिया शुरू की गई है।
दून की सुरक्षा पर उठते सवाल
राजपुर रोड जैसे वीआईपी इलाके में, जहाँ पुलिस की गश्त और बैरिकेडिंग चौबीसों घंटे रहती है, वहाँ दो घंटे तक लुटेरों का घर में टिकना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। फिलहाल, पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।



