
नई दिल्ली/जयपुर। दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती धमक के बीच अब भारत ने अपने अन्नदाताओं के लिए डिजिटल क्रांति का शंखनाद कर दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान कल यानी 17 फरवरी को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में “भारत-VISTAAR” (Bharat VISTAAR) प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने जा रहे हैं। यह एआई-संचालित प्लेटफॉर्म किसानों के लिए एक ‘डिजिटल साथी’ की तरह काम करेगा, जो खेत से लेकर मंडी तक की हर जानकारी उन्हें उनकी उंगलियों पर उपलब्ध कराएगा।
एआई (AI) की रेस में कृषि क्षेत्र का ऐतिहासिक कदम
तकनीक के इस युग में एआई अब केवल शहरों या आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं है। भारत सरकार की यह पहल दर्शाती है कि देश के किसानों को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग अनिवार्य हो गया है। ‘भारत-VISTAAR’ के माध्यम से सरकार का लक्ष्य किसानों को सशक्त बनाना है ताकि वे मौसम के बदलते मिजाज, कीटों के हमले और मंडी भाव की सटीक जानकारी पहले ही प्राप्त कर सकें।
समारोह की भव्यता: सीएम भजनलाल शर्मा भी रहेंगे मौजूद
जयपुर में आयोजित होने वाले इस मेगा लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शिरकत करेंगे। इनके अलावा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, रामनाथ ठाकुर और राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर “AI फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप” का विमोचन भी किया जाएगा, जो भविष्य में खेती को स्मार्ट बनाने की दिशा में मार्गदर्शिका बनेगा।
भारत-VISTAAR की मुख्य विशेषताएं: क्या है खास?
भारत-VISTAAR को एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खूबियां निम्नलिखित हैं:
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वॉयस-फर्स्ट तकनीक: देश के करोड़ों किसान अभी भी साधारण फीचर फोन (कीपैड वाला फोन) का इस्तेमाल करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म को ‘वॉयस-फर्स्ट’ बनाया गया है। किसान सिर्फ हेल्पलाइन नंबर 155261 पर कॉल करके अपनी भाषा में जानकारी ले सकेंगे।
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एकीकृत समाधान: एक ही प्लेटफॉर्म पर IMD (मौसम विभाग), AgMarkNet (मंडी भाव) और ICAR (वैज्ञानिक सलाह) का डेटा उपलब्ध होगा।
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योजनाओं की ट्रैकिंग: किसान इस प्लेटफॉर्म के जरिए केंद्र सरकार की कम से कम 10 प्रमुख योजनाओं (जैसे पीएम-किसान) की स्थिति देख सकेंगे और आवेदन भी कर सकेंगे।
खेती में वैज्ञानिक सलाहकार की भूमिका
अब किसानों को अपनी फसल में लगने वाली बीमारियों या मिट्टी की जांच के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भारत-VISTAAR में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के विशेषज्ञों की सलाह और ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ के डेटा को एकीकृत किया गया है। यह सिस्टम किसान को उसके खेत की मिट्टी के हिसाब से खाद और उर्वरक की सटीक मात्रा बताएगा, जिसे ‘डिजिटल कृषि सलाहकार’ कहा जा रहा है।
फेज-1: महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात से होगी शुरुआत
लॉन्चिंग के पहले चरण (Phase-1) में यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी। शुरुआत में इसे राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों के लाखों किसानों तक पहुँचाया जाएगा। आने वाले समय में इसे सभी भारतीय भाषाओं में विस्तार दिया जाएगा, जिससे यह देश का सबसे बड़ा कृषि डिजिटल नेटवर्क बन जाएगा।
“एआई हैकथॉन” और “एग्रीकोष” की भी होगी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान केवल पोर्टल ही नहीं, बल्कि युवाओं और स्टार्टअप्स को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के लिए ‘AI हैकथॉन’ की घोषणा भी की जाएगी। वहीं, ‘एग्रीकोष’ के माध्यम से कृषि संबंधी डेटा और शोध को एक स्थान पर संकलित किया जाएगा, ताकि कृषि वैज्ञानिक और नीति निर्माता इसका लाभ उठा सकें।
बदलेगी ग्रामीण भारत की तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-VISTAAR के आने से खेती की लागत में कमी आएगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। मंडी भाव की सही जानकारी होने पर बिचौलियों का प्रभाव कम होगा और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा। यह प्लेटफॉर्म ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में राज्य सरकारें और निजी कंपनियां भी इसमें अपनी सेवाएं जोड़ सकेंगी।
‘भारत-VISTAAR’ केवल एक तकनीकी ऐप नहीं है, बल्कि यह करोड़ों किसानों के सपनों को नई उड़ान देने वाला माध्यम है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में जयपुर से होने वाली यह शुरुआत भारत को वैश्विक ‘एग्री-टेक’ हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।



