देशफीचर्ड

Republic Day Alert: गणतंत्र दिवस पर आतंकी साये की आहट, खुफिया एजेंसियों का बड़ा खुलासा—खालिस्तानी और आतंकी संगठनों ने मिलाया हाथ

नई दिल्ली। देश जब अपने 77वें गणतंत्र दिवस के भव्य स्वागत की तैयारियों में जुटा है, ठीक उसी समय सीमा पार और देश के भीतर बैठे भारत विरोधी तत्व एक बड़ी साजिश रच रहे हैं। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) ने गणतंत्र दिवस के मद्देनजर एक ‘हाई-डेसिबल’ टेरर अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, अलकायदा और विदेशों में बैठे खालिस्तानी चरमपंथी इस बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों को दहलाने की फिराक में हैं। इस खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार कर लिया है।

गैंगस्टर और आतंकियों का खतरनाक ‘नेक्सस’

इस बार के खुफिया अलर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा गैंगस्टरों और आतंकवादियों के बीच बढ़ते तालमेल को लेकर हुआ है। अलर्ट के मुताबिक, पंजाब के बड़े गैंगस्टर अब विदेशों में बैठे खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलरों के सीधे संपर्क में हैं। यह ‘सिंडिकेट’ अब केवल फिरौती या आपसी रंजिश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के माहौल को खराब करने के लिए आतंकी एजेंडे पर काम कर रहा है।

खुफिया विभाग की रिपोर्ट कहती है कि यह गैंगस्टर नेटवर्क हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय है। विदेशी हैंडलर इन स्थानीय अपराधियों का इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई और रेकी करने के लिए कर रहे हैं। इनके पास न केवल पारंपरिक देशी हथियार, बल्कि अत्याधुनिक हथियारों की भी एक बड़ी खेप मौजूद है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

इन आतंकी संगठनों पर है पैनी नजर

खुफिया इनपुट के अनुसार, इस बार हमले की साजिश रचने वालों में कई गुट शामिल हैं:

  1. जैश-ए-मोहम्मद और अलकायदा: ये संगठन भीड़भाड़ वाले इलाकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं।

  2. खालिस्तानी चरमपंथी: विदेश से संचालित हो रहे ये आतंकी संगठन पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में अस्थिरता पैदा करने की योजना बना रहे हैं।

  3. बांग्लादेशी आतंकी संगठन: इनपुट मिला है कि कुछ बांग्लादेशी मूल के कट्टरपंथी संगठन भी इस साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।

सुरक्षा में बड़ा बदलाव: AI तकनीक का ‘कवच’

आतंकी खतरों की गंभीरता को देखते हुए इस बार दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने अपनी सुरक्षा रणनीति में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। पहली बार सुरक्षा घेरे में AI (Artificial Intelligence) तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • AI लैस चश्मे: गणतंत्र दिवस पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष ‘AI पावर्ड’ चश्मे मुहैया कराए जा रहे हैं। इन चश्मों की खासियत यह है कि इनमें संदिग्धों का डेटाबेस फीड होगा। जैसे ही कोई संदिग्ध व्यक्ति पुलिसकर्मी की नजरों के सामने आएगा, चश्मा तुरंत अलर्ट जारी कर देगा।

  • फेस रिकग्निशन सिस्टम: कर्तव्य पथ और उसके आसपास के इलाकों में हजारों सीसीटीवी कैमरों को ‘फेस रिकग्निशन’ सॉफ्टवेयर से लैस किया गया है, जो पलक झपकते ही संदिग्ध चेहरों की पहचान कर सकते हैं।

  • एंटी-ड्रोन सिस्टम: आसमान से होने वाले किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए इजरायली एंटी-ड्रोन तकनीक और जैमर्स तैनात किए गए हैं।

राजधानी में ‘नो फ्लाई जोन’ और कड़ी चौकसी

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया है। दिल्ली की सीमाओं (सिंघू, गाजीपुर और टीकरी) पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। होटलों, गेस्ट हाउसों और किराए के मकानों का वेरिफिकेशन तेज कर दिया गया है। इसके अलावा, दिल्ली में पैराग्लाइडर, यूएवी (UAV), हॉट एयर बैलून और छोटे विमानों की उड़ान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

केंद्रीय एजेंसियों ने संभाली कमान

न केवल दिल्ली पुलिस, बल्कि एनएसजी (NSG), एनआईए (NIA) और आईबी (IB) के अधिकारी भी पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं। विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर के उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है, जहां पिछले कुछ समय में गैंगस्टर नेटवर्क की सक्रियता देखी गई थी। उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर ‘ज्वाइंट ऑपरेशन’ चलाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को शुरुआती स्तर पर ही कुचला जा सके।

आम जनता के लिए अपील

सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है। “आंख और कान” बनकर जनता सुरक्षा बलों की मदद कर सकती है।

गणतंत्र दिवस का पर्व देश के गौरव का प्रतीक है। हालांकि आतंकी खतरे की गूंज हर साल सुनाई देती है, लेकिन इस बार गैंगस्टर-टेरर नेक्सस और अत्याधुनिक हथियारों की मौजूदगी ने सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्क कर दिया है। AI टेक्नोलॉजी और सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के साथ भारत इस बार भी अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देने वाले हर नापाक मंसूबे को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button