
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर इस बार स्थिति असामान्य बनी हुई है। जनवरी 2026 से लागू होने वाली DA बढ़ोतरी का ऐलान अब तक नहीं हुआ है, जबकि अप्रैल का महीना भी आधा गुजरने को है। पिछले 15 वर्षों में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि जनवरी से देय DA की घोषणा अप्रैल तक भी लंबित है। इस देरी ने करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
इस पूरे मामले में दो बड़े अपडेट सामने आए हैं—एक जहां देरी को लेकर कर्मचारियों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है, वहीं दूसरा अपडेट राहत देने वाला माना जा रहा है। राहत की बात यह है कि कर्मचारी संगठनों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए सीधे वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
दरअसल, ‘ऑल इंडिया NPS एम्प्लाइज फेडरेशन’ (AINPSEF) और ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स’ (CCGAW) ने सरकार के सामने कर्मचारियों की चिंता को रखते हुए जल्द से जल्द DA/DR बढ़ोतरी की घोषणा करने का आग्रह किया है। AINPSEF के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने इस देरी को गंभीर बताते हुए कहा कि कर्मचारियों के बीच यह डर बढ़ रहा है कि कहीं कोरोना काल की तरह इस बार भी DA को फ्रीज न कर दिया जाए।
कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने कुछ समय के लिए DA वृद्धि को रोक दिया था, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था। इसी अनुभव के कारण इस बार की देरी ने कर्मचारियों के मन में आशंका पैदा कर दी है। पटेल के अनुसार, “अगर DA को फ्रीज किया जाता है तो इसका सीधा असर कर्मचारियों के मनोबल पर पड़ेगा और सरकार के प्रति विश्वास भी कमजोर होगा।”
वहीं, CCGAW के महासचिव एसबी यादव ने भी पत्र में उल्लेख किया है कि आमतौर पर जनवरी से लागू होने वाले DA/DR की घोषणा मार्च के अंत तक कर दी जाती है और अप्रैल के पहले सप्ताह में तीन महीने का एरियर भी मिल जाता है। लेकिन इस बार न तो घोषणा हुई है और न ही कोई स्पष्ट संकेत दिया गया है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
इस देरी को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कुछ कर्मचारियों का मानना है कि पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनाव इसकी वजह हो सकते हैं। हालांकि, इस पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं विशेषज्ञ इस देरी को प्रशासनिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि फाइलों की प्रक्रिया, अनुमोदन चक्र (approval cycle) और अन्य कागजी औपचारिकताओं में समय लगने के कारण घोषणा में विलंब हो सकता है।
इसके अलावा, आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की तैयारियों और उससे जुड़े प्रशासनिक तालमेल को भी एक संभावित कारण माना जा रहा है। सरकार विभिन्न आर्थिक और वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, जिसके चलते समय लग रहा है।
अगर संभावित बढ़ोतरी की बात करें तो AICPI-IW (All India Consumer Price Index for Industrial Workers) के आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी 2026 से DA में 2% की वृद्धि हो सकती है। इससे वर्तमान 58% DA बढ़कर 60% तक पहुंच सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि भले ही घोषणा में देरी हो रही हो, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी 2026 से लागू बढ़े हुए DA का पूरा एरियर मिलेगा। यानी जब भी घोषणा होगी, तब तक का बकाया एकमुश्त दिया जाएगा।
फिलहाल, सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले कैबिनेट फैसले पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द ही इस पर निर्णय लेगी। ऐसे में यह मामला कर्मचारियों के लिए जहां चिंता का विषय बना हुआ है, वहीं पत्र के जरिए उठाई गई आवाज से एक उम्मीद भी जगी है कि जल्द राहत मिल सकती है।



