नई दिल्ली/देहरादून। अप्रैल की शुरुआत के साथ जहां देश के कई हिस्सों में चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) का डर सताने लगा था, वहीं कुदरत ने अचानक अपनी चाल बदल ली है। दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में शुक्रवार की सुबह तेज ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही के साथ हुई, जिसने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन किसानों और आम जनमानस के लिए चिंता की लकीरें भी खींच दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए एक व्यापक North India Weather Update जारी किया है, जिसमें कई राज्यों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है।
तीन पश्चिमी विक्षोभों की ‘हैट्रिक’: 5 अप्रैल तक थमने वाला नहीं सिलसिला
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है, जिसका असर मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक साफ देखा जा रहा है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले दो हफ्तों में कुल तीन पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक दस्तक देने वाले हैं।
वर्तमान विक्षोभ के कारण 5 अप्रैल तक उत्तर-पश्चिम भारत में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इसके तुरंत बाद, 7 अप्रैल से एक और नया विक्षोभ सक्रिय होगा, जो मौसम के इस अस्थिर मिजाज को और लंबा खींचेगा। तीसरा विक्षोभ इसके ठीक पीछे कतार में है। इस ‘हैट्रिक’ का नतीजा यह होगा कि देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा और फिलहाल कहीं भी हीटवेव यानी लू चलने की स्थिति नहीं बनेगी।
दिल्ली-एनसीआर और पहाड़ी राज्यों में ऑरेंज अलर्ट
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद) में आज सुबह से ही धूल भरी तेज हवाओं का दौर जारी है। आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और ऊचांई वाले इलाकों में हिमपात को लेकर चेतावनी दी गई है। पहाड़ों में हो रही इस हलचल का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट के रूप में दिखाई दे रहा है।
राजस्थान: आंधी और ओलावृष्टि का दोहरा वार
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में भी पश्चिमी विक्षोभ ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राजसमंद के देवगढ़ में सर्वाधिक 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम केंद्र के मुताबिक, आज दोपहर बाद जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर संभाग में आंधी की गतिविधियों में तेजी आएगी।
3 और 4 अप्रैल को जोधपुर, अजमेर, जयपुर और कोटा संभाग में न केवल बारिश होगी, बल्कि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना है। इसके बाद 7-8 अप्रैल को एक और सिस्टम सक्रिय होने से राजस्थान के किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिनकी तैयार फसलें खलिहानों में पड़ी हैं।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: आने वाले दिन होंगे ‘गीले’
मध्य भारत और उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर थमने वाला नहीं है। आईएमडी का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में बादलों की गर्जना के साथ बौछारें पड़ेंगी। मध्य प्रदेश में भी ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
झारखंड: 14 जिलों में ‘येलो टू ऑरेंज’ अलर्ट, फसलों पर खतरा
पूर्वी भारत की बात करें तो झारखंड में भी मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। 4 अप्रैल से राज्य के 14 जिलों (जिनमें रांची, धनबाद, बोकारो और पलामू शामिल हैं) में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों, विशेषकर रबी की फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
तापमान का गणित: गर्मी से राहत या आफत?
आम जनता के लिए यह North India Weather Update इसलिए राहत भरा है क्योंकि अप्रैल के पहले पखवाड़े में आमतौर पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता था, लेकिन इस बार यह सामान्य से काफी कम रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी 5 और 6 अप्रैल को भारी बारिश का अनुमान है।
सावधानी ही बचाव है: मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें। आम नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि आंधी और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
कुल मिलाकर, अगले 10 दिन उत्तर भारत के लिए मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं। एक तरफ जहां गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं बेमौसम बारिश आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियों का सबब बन सकती है।



