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देहरादून में राष्ट्रीय जनसंपर्क अधिवेशन की तैयारियाँ तेज़, PRSI प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा औपचारिक आमंत्रण

देहरादून। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल के नेतृत्व में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी 13 से 15 दिसंबर तक देहरादून में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय जनसंपर्क अधिवेशन के लिए औपचारिक आमंत्रण सौंपते हुए सम्मेलन की रूपरेखा, उद्देश्यों और आयोजन की विशेषताओं से अवगत कराया।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अधिवेशन का विस्तृत ब्रोशर भेंट किया तथा संस्था द्वारा देशभर में किए जा रहे जनसंपर्क एवं संचार से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की। पीआरएसआई ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य थीम “विकसित भारत @ 2047 में जनसंपर्क की भूमिका” निर्धारित किया गया है, जो देश के विकासात्मक एजेंडे में संचार और जनसंपर्क की बदलती जिम्मेदारियों पर केंद्रित होगा।


देशभर से आएंगे 300 से अधिक प्रतिनिधि

पीआरएसआई प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अधिवेशन में देशभर के विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें वरिष्ठ जनसंपर्क विशेषज्ञ, सरकारी विभागों के संचार अधिकारी, मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन विशेषज्ञ, शिक्षाविद और छात्रों का वर्ग शामिल रहेगा।

यह अधिवेशन न केवल जनसंपर्क क्षेत्र में हो रहे बदलावों को समझने का मंच होगा, बल्कि यह उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करेगा। देहरादून को इस अधिवेशन के लिए चुना जाना राज्य की बढ़ती छवि और यहां उपलब्ध उच्चस्तरीय आयोजन क्षमताओं का परिचायक माना जा रहा है।


उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष पर विशेष सत्र

उत्तराखंड का यह वर्ष इसलिए भी विशेष है क्योंकि राज्य 2025 में अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। इसी अवसर को केंद्र में रखते हुए पीआरएसआई ने अधिवेशन में राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों, जनभागीदारी, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, पर्यटन वृद्धि और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित विशेष सत्रों की योजना बनाई है।

इन सत्रों में राज्य के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पर्यटन एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि और संचार विशेषज्ञ शामिल होंगे। उत्तराखंड की ब्रांडिंग, लोक-संस्कृति, हस्तशिल्प, धर्म एवं प्रकृति आधारित पर्यटन को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की रणनीतियों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।

पीआरएसआई प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि विशेष सत्रों में उत्तराखंड मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का उद्देश्य है, ताकि राज्य की सकारात्मक छवि और उपलब्धियां अधिक प्रभावी रूप से देश के सामने आ सकें।


जनसंपर्क की बढ़ती भूमिका पर बोले मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहा कि देहरादून में राष्ट्रीय स्तर का अधिवेशन आयोजित होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित विकसित भारत @2047 का लक्ष्य तभी हासिल हो पाएगा जब समाज, सरकार और जनता के बीच संचार का मजबूत सेतु निर्मित हो।

सीएम धामी ने कहा कि जनसंपर्क केवल संदेशों को आगे बढ़ाने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह नीति-निर्माण, विश्वसनीयता निर्माण, संकट प्रबंधन, डिजिटल संवाद, ब्रांड बिल्डिंग और नागरिक सहभागिता में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।

उन्होंने कहा—

“पर्यटन, संस्कृति, स्थानीय उत्पादों तथा राज्य की प्राकृतिक समृद्धि को वैश्विक पहचान दिलाने में जनसंपर्क की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड की विशिष्टताओं को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में संचार माध्यम अहम योगदान दे सकते हैं।”

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सकारात्मक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि आज के दौर में सूचना की गति बढ़ चुकी है और ऐसे में विश्वसनीय जानकारी को जनता तक पहुंचाना और फेक न्यूज़ की रोकथाम जनसंपर्क क्षेत्र की प्रमुख जिम्मेदारी बन गई है। उन्होंने मीडिया व जनसंपर्क क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग, नए तकनीकी उपकरणों की भूमिका और उनके जिम्मेदाराना इस्तेमाल पर भी मंथन की आवश्यकता बताई।


राष्ट्रीय अधिवेशन में होंगी विविध थीमैटिक कार्यशालाएँ

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन दिवसीय अधिवेशन में निम्न विषयों पर विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी—

  • डिजिटल कम्युनिकेशन और एआई टूल्स का उपयोग
  • सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचार मॉडल
  • क्राइसिस कम्युनिकेशन एवं मीडिया मैनेजमेंट
  • कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन में नई चुनौतियाँ
  • सस्टेनेबल डेवलपमेंट और पब्लिक रिलेशंस
  • ब्रांड इंडिया और विकसित भारत 2047 की रूपरेखा

इन कार्यशालाओं का उद्देश्य जनसंपर्क के बदलते स्वरूप, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और भविष्य की जनसंपर्क रणनीतियों पर गहन विमर्श करना है।


अधिवेशन से बढ़ेगी उत्तराखंड की ब्रांड वैल्यू

राज्य के लिए यह अधिवेशन पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा और उद्योग क्षेत्रों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजन प्रदेश की अर्थव्यवस्था, आतिथ्य उद्योग, होटल व्यवसाय और एयर-ट्रैफिक पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

देहरादून की अनुकूल जलवायु, सुरक्षित वातावरण और तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर शहर को राष्ट्रीय आयोजनों के लिए पसंदीदा स्थान बना रहा है। अधिवेशन में देशभर से प्रतिनिधियों के आगमन से राज्य में पर्यटन एवं होटल व्यवसाय को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।


प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे सदस्य

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट, संयोजक सिद्धार्थ बंसल, सदस्य वैभव गोयल, अनिल वर्मा, अजय डबराल, संजय भार्गव और प्रियांक वशिष्ठ उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से अधिवेशन के सफल आयोजन में सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

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