
उत्तरकाशी | ब्यूरो उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी में शनिवार को सियासी पारा उस समय चरम पर पहुँच गया जब कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के दौरे का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध किया। ‘जन-जन के द्वार, जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के तहत गंगोरी पहुँचे कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी को न केवल काले झंडे दिखाए गए, बल्कि उनके काफिले को रोकने की भी कोशिश की गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया।
जहाँ एक ओर कांग्रेस ने सरकार पर आपदा उपेक्षा का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर मंत्री ने जन-समस्याओं के निस्तारण में कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देकर अपनी मंशा साफ की।
गंगोरी में हंगामा: पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
शनिवार सुबह जैसे ही कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का काफिला गंगोरी पुल के समीप पहुँचा, पहले से मौजूद जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। कार्यकर्ताओं ने “वापस जाओ” के नारों के साथ काले झंडे लहराए। कांग्रेस का आरोप है कि जब जनपद ‘धराली’ जैसी भीषण आपदा की मार झेल रहा था, तब सरकार का कोई भी नुमाइंदा सुध लेने नहीं आया, और अब मेलों के समय मंत्री ‘फोटो खिंचवाने’ पहुँच रहे हैं।
स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की चलती रही। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष राणा और कमल रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आपदा उपेक्षा और बदहाल सड़कों पर बिफरी कांग्रेस
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र जनपद की बदहाल बुनियादी सुविधाएं रहीं। कांग्रेस पदाधिकारियों ने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों को उठाया:
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धराली आपदा: कांग्रेस का कहना है कि विनाशकारी आपदा के समय कृषि मंत्री एक बार भी प्रभावितों के बीच नहीं आए।
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पीएमजीएसवाई की विफलता: मंत्री गणेश जोशी के पास पीएमजीएसवाई विभाग भी है, लेकिन जनपद की सड़कें बदहाली के आंसू बहा रही हैं।
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डामरीकरण की मांग: गंगोरी-संगमचट्टी-अगोड़ा, ज्ञानसू-साल्ड-ऊपरीकोट और उत्तरौं जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर वर्षों से डामरीकरण नहीं हुआ है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मनीष राणा ने तीखे लहजे में कहा, “जो मंत्री अपने विभाग की सड़कें ठीक नहीं करा सकता, उसे इस पावन भूमि पर पैर रखने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
‘जन-जन की सरकार’ शिविर: लापरवाह अधिकारी पर गिरी गाज
हंगामे के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी गंगोरी में आयोजित विशेष शिविर स्थल पर पहुँचे। यहाँ उन्होंने जनता की समस्याओं को सुना। शिविर में उस समय हड़कंप मच गया जब जल निगम के अधिशासी अभियंता (EE) अनुपस्थित पाए गए।
कड़ी कार्रवाई: मंत्री जोशी ने अनुशासनहीनता और जनता के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त न करते हुए तत्काल मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सेवा है और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जगह शासन में नहीं है।
ऑन-द-स्पॉट निस्तारण: 47 शिकायतों में से 32 का समाधान
गंगोरी शिविर में कुल 47 शिकायतें दर्ज की गईं। मंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही तलब किया और 32 शिकायतों का तत्काल निस्तारण कर दिया।
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सड़क मार्ग सुधारीकरण: ग्रामीणों ने गंगोरी-अगोड़ा मार्ग की खराब स्थिति को प्रमुखता से रखा।
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नई सड़कें और डीपीआर: मंत्री ने सेकू और हुर्री जैसे दूरस्थ गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए पीएमजीएसवाई को तत्काल डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार करने के निर्देश दिए।
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नाली निर्माण: बगियाल गांव में सड़कों का पानी घरों में घुसने की शिकायत पर मंत्री ने विभाग को तुरंत ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने को कहा।
धराली प्रभावितों को मिली 2 करोड़ की राहत
विवादों और विरोध के बीच मंत्री जोशी ने एक बड़ी राहत राशि का वितरण भी किया। उन्होंने धराली आपदा से प्रभावित हुए परिवारों को दो करोड़ एक लाख रुपये के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावितों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके साथ ही उन्होंने उपनल कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य-समान वेतन’ की व्यवस्था लागू करने को सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले 45 दिनों में प्रदेश भर में आयोजित शिविरों से 2 लाख 72 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं।
उत्तरकाशी की यह घटना दर्शाती है कि उत्तराखंड में जैसे-जैसे आगामी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, विपक्ष आपदा और बुनियादी ढांचे के मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है। एक तरफ जहाँ कांग्रेस सड़कों की बदहाली को बड़ा मुद्दा बना रही है, वहीं भाजपा सरकार ‘जन-द्वार’ कार्यक्रमों के जरिए अपनी छवि सुधारने और त्वरित न्याय देने की कोशिश में जुटी है।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे: मनीष राणा, कमल रावत, दिनेश गौड़, मनोज पंवार, सुधीश पंवार, दीपक रावत, राखी, एकादशी, विपिन, विनोद, आदर्श राणा और विक्रम रावत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



