देशफीचर्ड

फिल्मी अंदाज़ में बजरी माफिया पर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक, भीलवाड़ा DST की कार्रवाई से मचा हड़कंप

भीलवाड़ा (राजस्थान)। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बजरी माफियाओं के खिलाफ जिला पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई है। डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) ने सोमवार देर रात बनास नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन में लिप्त माफियाओं के ठिकानों पर ‘फिल्मी स्टाइल’ में छापेमारी कर पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की मशीनें और वाहन जब्त किए गए हैं।

मुखबिरों को चकमा देने की अनोखी रणनीति

बजरी माफियाओं के मजबूत मुखबिर तंत्र को मात देने के लिए पुलिस ने इस बार पूरी तरह अलग रणनीति अपनाई। आमतौर पर सायरन बजाती पुलिस गाड़ियों को देखकर माफिया पहले ही सतर्क हो जाते हैं, लेकिन इस बार DST के जवान पुलिस वाहनों में नहीं, बल्कि एक डंपर के पिछले हिस्से में छिपकर नदी के उस पार पहुंचे। दूसरी ओर एक स्कॉर्पियो वाहन में बैकअप टीम को पहले से तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की逃ने की कोशिश को रोका जा सके।

पूरी रात नदी किनारे बिताई, सुबह 5 बजे एकसाथ धावा

DST की टीम ने बनास नदी के किनारे पूरी रात रेत और तेज बहाव के बीच बिताई। जैसे ही मंगलवार तड़के करीब 5 बजे का समय हुआ, टीम ने एकसाथ अवैध खनन स्थलों पर धावा बोल दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से माफियाओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

भागने के सभी रास्ते बंद

छापेमारी के दौरान नदी के दूसरी ओर तैनात स्कॉर्पियो में मौजूद पुलिस बैकअप टीम ने इलाके से निकलने वाले सभी रास्तों को घेर लिया। पुलिस की इस सटीक घेराबंदी के कारण बजरी माफिया अपने वाहन और मशीनें मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई माफिया जान बचाने के लिए खेतों और बीहड़ इलाकों में भागते नजर आए।

करोड़ों रुपये की मशीनें और वाहन जब्त

पुलिस ने इस कार्रवाई में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों—जहाजपुर और पंडेर—में अवैध खनन में प्रयुक्त भारी मात्रा में संसाधन जब्त किए हैं।
जब्त किए गए सामान में शामिल हैं—
5 भारी भरकम जेसीबी मशीनें
13 पावरफुल ट्रैक्टर
3 ओवरलोडेड डंपर
इन सभी वाहनों और मशीनों को संबंधित थानों में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस का अनुमान है कि जब्त संपत्ति की कुल कीमत करोड़ों रुपये में है।

अवैध खनन नेटवर्क को बड़ा झटका

इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध बजरी खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। मंगलवार सुबह जैसे ही इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की खबर फैली, कई इलाकों में खनन गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ बड़े चेहरे भूमिगत हो सकते हैं, जिनकी तलाश के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।

राजस्थान में नंबर-1 बनी भीलवाड़ा पुलिस

बजरी माफियाओं पर शिकंजा कसने के मामले में भीलवाड़ा पुलिस पूरे राजस्थान में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते एक साल में जिले में अवैध बजरी खनन के खिलाफ 750 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में सबसे अधिक है।

कड़ा संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं

एसपी की स्पेशल टीम की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘मेवाड़ की गंगा’ कही जाने वाली बनास नदी की रक्षा के लिए आने वाले दिनों में भी इसी तरह के गुप्त और सख्त अभियान चलाए जाएंगे।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। फरार आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही अवैध खनन से जुड़े आर्थिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है, ताकि माफियाओं की कमर पूरी तरह तोड़ी जा सके।
भीलवाड़ा DST की इस कार्रवाई ने न सिर्फ बजरी माफियाओं को करारा झटका दिया है, बल्कि पूरे प्रदेश में यह संदेश भी दे दिया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button