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देहरादून में आधी रात को ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के हत्यारों से पुलिस की मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद दो मुख्य शूटर गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को दहला देने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड में पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। शुक्रवार की देर रात राजपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई एक सनसनीखेज मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान एक बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुआ है, जिसके पैर में गोली लगी है। पुलिस ने मौके से एक अवैध पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए हैं।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में चली इस घेराबंदी ने यह साफ कर दिया है कि देवभूमि में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड देहरादून के इस मामले में अब तक कुल 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिससे इस साजिश की पूरी परतें खुल गई हैं।

गुनियाल गांव के जंगलों में आधी रात का ड्रामा

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि जोहड़ी गांव में हुई फायरिंग के मुख्य संदिग्ध बदमाश राजपुर क्षेत्र के जंगलों में छिपे हैं और शहर छोड़ने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही थाना राजपुर और एसओजी (SOG) की टीम ने जोहड़ी और गुनियाल गांव के आसपास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।

आधी रात के वक्त जब पुलिस टीम ने संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने भागने की कोशिश की। गुनियाल गांव के पास घने जंगलों का फायदा उठाते हुए एक बदमाश ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग झोंक दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने घेराबंदी कर दूसरे बदमाश को भी मौके से दबोच लिया। घायल बदमाश को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शूटरों की पहचान: पश्चिमी यूपी से जुड़े तार

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद कावीश हुसैन त्यागी (22 वर्ष), निवासी मुजफ्फरनगर और शांतनु त्यागी (21 वर्ष), निवासी सहारनपुर के रूप में हुई है। ये दोनों पेशेवर अपराधी प्रवृत्ति के युवक हैं और 30 मार्च की सुबह हुई उस दुर्भाग्यपूर्ण फायरिंग में सीधे तौर पर शामिल थे, जिसमें रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जान चली गई थी।

40 हजार का बिल और ‘अहंकार’ की वो सनक

इस हत्याकांड के पीछे की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, लेकिन इसका अंत बेहद दुखद रहा। जांच में सामने आया है कि 29 मार्च की देर रात ये आरोपी कुठालगेट स्थित ‘जेन-जी’ (Gen-Z) रेस्टोरेंट पहुंचे थे। वहां शराब और खाने का बिल करीब 40 हजार रुपये हुआ। जब बार स्टाफ ने भुगतान मांगा, तो रसूख के नशे में चूर इन बदमाशों ने स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी।

यह विवाद सड़क तक पहुंचा और अगले दिन यानी 30 मार्च की सुबह आरोपी बार स्टाफ से बदला लेने के इरादे से उनकी फॉर्च्यूनर कार का पीछा करने लगे। जोहड़ी गांव के पास चलती कार से बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। दुर्भाग्यवश, उसी समय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अपनी सुबह की सैर (Morning Walk) पर निकले थे। एक गोली सीधे उनके सीने में जा लगी। ब्रिगेडियर जोशी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। एक मामूली बिल विवाद और आपसी रंजिश के बीच एक निर्दोष और देश के गौरव रहे सैन्य अधिकारी की जान चली गई।

एसएसपी का सख्त संदेश: “अपराधी कहीं भी छिपें, बचेंगे नहीं”

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल और एसपी सिटी प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से खोखे और पिस्टल बरामद कर साक्ष्य जुटाए हैं। एसएसपी ने कहा:

“राजधानी में इस तरह की दुस्साहसिक वारदात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पहले ही 7 लोगों को जेल भेजा था और अब इन दो मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी के साथ इस मामले का मुख्य हिस्सा सुलझ गया है। हमारी टीमें डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेक्सस को खत्म करेंगी।”

क्षेत्रवासियों में था भारी रोष

रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या के बाद राजपुर और आसपास के इलाकों में लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था और खुलेआम हो रही फायरिंग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। पूर्व सैन्य अधिकारियों के संगठनों ने भी सरकार पर दबाव बनाया था कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। इस एनकाउंटर और गिरफ्तारी के बाद स्थानीय जनता ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।

अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा

  1. 30 मार्च: ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या और हड़कंप।

  2. प्रारंभिक जांच: 4 लोगों को पहले जेल भेजा गया।

  3. विस्तृत पड़ताल: 3 अन्य मददगारों की गिरफ्तारी।

  4. शुक्रवार रात: मुठभेड़ में मुख्य शूटर कावीश और शांतनु की गिरफ्तारी।

  5. कुल गिरफ्तारी: अब तक 9 आरोपी सलाखों के पीछे।

सुरक्षा पर उठते सवाल और पुलिस का जवाब

ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड देहरादून ने एक बार फिर शहर के पब-कल्चर और देर रात तक चलने वाली शराब पार्टियों से उपजे अपराध की ओर ध्यान खींचा है। हालांकि, देहरादून पुलिस ने जिस तत्परता से आरोपियों का पीछा किया और एनकाउंटर के बाद उन्हें दबोचा, उससे अपराधियों में खौफ जरूर पैदा होगा। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि उन्हें हथियार और पनाह किसने मुहैया कराई थी।

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