
गुवाहाटी: असम की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी Riniki Bhuyan Sharma ने कांग्रेस नेता Pawan Khera के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। यह मामला कथित तौर पर तीन विदेशी पासपोर्ट रखने और विदेशों में निवेश से जुड़े आरोपों को लेकर सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा पर आरोप लगाया था कि उनके पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि ये पासपोर्ट मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और एंटीगुआ और बारबुडा के हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिनिकी भुयान शर्मा के विदेशों में बड़े पैमाने पर निवेश और संपत्तियां मौजूद हैं।
इन आरोपों के बाद मामला तेजी से बढ़ा और रिनिकी भुयान शर्मा ने इन्हें पूरी तरह से झूठा और निराधार बताते हुए आधी रात को गुवाहाटी के पानबाजार पुलिस स्टेशन की क्राइम ब्रांच में पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।
रिनिकी भुयान शर्मा का जवाब
रिनिकी भुयान शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा झूठ पहले कभी नहीं सुना। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ फर्जी दस्तावेज और तस्वीरें बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फोटोशॉप जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया गया है।
उन्होंने कहा, “अगर मैंने विदेशों में 52,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, तो मुझे असम में रहने की क्या जरूरत है? यह आंकड़ा पूरी तरह से गलत है और किसी तरह का भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने भरोसा जताया कि असम पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी और सच्चाई सामने लाएगी।
कानूनी कार्रवाई और जांच
रिनिकी भुयान शर्मा अपने वकील देवजीत लोन सैकिया के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचीं और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप झूठे साबित होते हैं, तो यह मानहानि का बड़ा मामला बन सकता है। वहीं यदि आरोपों में कोई सच्चाई पाई जाती है, तो मामला और गंभीर हो सकता है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का पलटवार
इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “असम में कांग्रेस अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विवाद के बाद एनडीए की स्थिति और मजबूत हुई है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि “सट्टा बाजार के आंकड़े देखिए, पहले एनडीए की सीटें 94 बताई जा रही थीं, लेकिन इस विवाद के बाद यह बढ़कर 99 हो गई हैं। यह साफ संकेत है कि जनता हमारे साथ है।”
विदेशी लिंक का आरोप
मुख्यमंत्री ने इस विवाद को और आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेताओं पर विदेशी लिंक होने के आरोप भी लगाए। उन्होंने खास तौर पर कांग्रेस नेता Gaurav Gogoi का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप्स से समर्थन मिल रहा है।
सरमा ने सवाल उठाया, “आपने पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से मदद क्यों ली? यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसकी गंभीरता को समझना चाहिए।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मामले को लेकर कानूनी रास्ता अपनाएगी।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस पूरे घटनाक्रम ने असम की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। जहां एक तरफ भाजपा और एनडीए इस मुद्दे को कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है। खासकर जब इसमें व्यक्तिगत आरोप, विदेशी लिंक और बड़े पैमाने पर निवेश जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर भी बहस तेज
यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थक और विरोधी दोनों ही पक्ष अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, तो कुछ इसे पारदर्शिता का मुद्दा मान रहे हैं।
आगे क्या?
अब इस पूरे मामले की निगाहें पुलिस जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं, तो कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं अगर आरोपों में सच्चाई सामने आती है, तो यह मामला और बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर सकता है।
फिलहाल इतना तय है कि पासपोर्ट विवाद ने असम की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गर्मा सकता है।



