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नयार घाटी में पर्यटन का नया सवेरा: सीएम धामी ने किया ‘नयार वैली फेस्टिवल’ का ऐतिहासिक आगाज़, पैराग्लाइडिंग सेंटर समेत कई बड़ी घोषणाएं

पौड़ी गढ़वाल/बिलखेत: उत्तराखंड की शांत वादियों और कल-कल बहती नदियों के बीच साहसिक पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित ‘नयार वैली फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ किया। इस महोत्सव के जरिए राज्य सरकार ने नयार घाटी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोलने का बड़ा संकल्प लिया है।

महोत्सव का दृश्य किसी अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर कार्निवल जैसा था, जहाँ आसमान में रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून तैर रहे थे, तो वहीं नदी की लहरों पर कयाकिंग का रोमांच चरम पर था।

एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बनेगी नयार घाटी: सीएम की बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने महोत्सव के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए पिटारा खोलते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि नयार घाटी की भौगोलिक परिस्थितियां पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व स्तरीय हैं, इसलिए यहाँ जल्द ही एक पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित घोषणाएं कीं:

  • विकासखंड पोखड़ा: रसलवाँण दीवा मंदिर का सौंदर्यीकरण और स्थलीय विकास।

  • विकासखंड बीरोंखाल: प्रसिद्ध कालिंका मंदिर का विकास कार्य।

  • विकासखंड एकेश्वर: एकेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र का विस्तारीकरण।

  • विकासखंड पाबौ: चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण।

हवा से पानी तक रोमांच का ‘फ्लैग ऑफ’

सीएम धामी ने महोत्सव में आयोजित होने वाली 10 से अधिक साहसिक गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज और रिवर्स बंजी जैसे रोमांचक खेलों को झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने स्वयं साइकिल चालकों और एंगलरों (Anglers) से संवाद किया और उनके साहस की सराहना की। उन्होंने कहा, प्रकृति ने नयार घाटी को जो अनुपम सौंदर्य दिया है, वह इसे एडवेंचर टूरिज्म के लिए आदर्श स्थल बनाता है। हमारा लक्ष्य यहाँ ऐसी सुविधाएं विकसित करना है कि दुनिया भर के पर्यटक यहाँ खिंचे चले आएं।”

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’: अंतिम व्यक्ति तक विकास

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकता ‘अंत्योदय’ को बताया। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर 2025 से शुरू हुए “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से शासन खुद जनता के पास पहुंच रहा है। अब लोगों को प्रमाण पत्रों या छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे, बल्कि प्रशासन न्याय पंचायत स्तर पर जाकर समाधान कर रहा है।

सीएम ने पौड़ी जनपद में चल रही 650 करोड़ की एनआईटी (NIT) परियोजना, खोह नदी के लिए 135 करोड़ का सीवरेज प्लांट और प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी का जिक्र करते हुए विश्वास दिलाया कि पौड़ी जिला जल्द ही विकास का मॉडल बनेगा।

सतपाल महाराज: एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में पहचान

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे दुनिया का अग्रणी ‘एडवेंचर डेस्टिनेशन’ बनाया जाएगा। उन्होंने नयार वैली फेस्टिवल को इस दिशा में एक मील का पत्थर बताया। महाराज ने कहा कि बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में सुधार कर हम स्थानीय युवाओं को पर्यटन से सीधे जोड़ रहे हैं।

स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर

कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने विभिन्न सरकारी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला समूहों से बातचीत कर उनके उत्पादों की सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने:

  • लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की।

  • गर्भवती महिला योगिता की गोदभराई की रस्म पूरी की।

  • दिव्यांग लाभार्थियों को आवश्यक उपकरण वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब स्थानीय उत्पाद (Local Products) और पर्यटन (Tourism) आपस में जुड़ेंगे, तभी पहाड़ का पानी और जवानी यहाँ के काम आएगी।

सुव्यवस्थित आयोजन और प्रशासनिक दक्षता

पौड़ी जिला प्रशासन, विशेषकर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के नेतृत्व में इस आयोजन की भव्यता ने सबको प्रभावित किया। एक ही मंच से 10 अलग-अलग साहसिक गतिविधियों का सफल संचालन प्रशासनिक तालमेल की मिसाल बना। स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए नयार वैली फेस्टिवल को प्रतिवर्ष स्थायी रूप से आयोजित करने का अनुरोध किया।

नयार घाटी का उज्जवल भविष्य

‘नयार वैली फेस्टिवल’ केवल एक तीन-दिवसीय उत्सव नहीं है, बल्कि यह नयार घाटी की अर्थव्यवस्था को बदलने वाला एक आर्थिक इंजन साबित होने वाला है। कोटद्वार में प्रस्तावित विज्ञान संग्रहालय, सतपुली की झील और तारामंडल जैसी भविष्य की परियोजनाएं इस क्षेत्र को आने वाले समय में उत्तराखंड का ‘टूरिज्म कैपिटल’ बना सकती हैं।

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