
नई दिल्ली: रमजान के पवित्र महीने की इबादत और संयम के बाद खुशियों का त्योहार ईद-उल-फितर पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद की नमाज शनिवार सुबह 6.45 बजे अदा की जाएगी। नमाज के इस पावन अवसर पर लाखों की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
इस बार की ईद तकनीकी सतर्कता और सामाजिक सौहार्द का एक अनूठा संगम पेश कर रही है। जहां एक ओर सुरक्षा एजेंसियां हाई-टेक उपकरणों से निगरानी कर रही हैं, वहीं देश के सर्वोच्च पदों से शांति और एकता की अपील की गई है।
तकनीक का पहरा: ड्रोन और AI से चौबीसों घंटे निगरानी
दिल्ली पुलिस ईद सुरक्षा इंतजाम को लेकर इस बार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पुरानी दिल्ली के संवेदनशील इलाकों, विशेषकर जामा मस्जिद के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मल्टी-लेयर बनाया गया है। पुलिस ने पहली बार बड़े पैमाने पर ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
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ड्रोन निगरानी: मस्जिद के गुंबदों से लेकर संकरी गलियों तक ड्रोन के जरिए हवाई नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके।
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AI और फेशियल रिकग्निशन: भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए एआई आधारित कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो भीड़ के व्यवहार का विश्लेषण करने और संदिग्ध चेहरों की पहचान करने में सक्षम हैं।
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दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश: गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ईद के दौरान शहर का माहौल पूरी तरह शांत रहना चाहिए। कोर्ट ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संदेश: एकता का संकल्प
ईद-उल-फितर की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में ईद को आत्म-संयम और करुणा का त्योहार बताया।
उन्होंने कहा, “रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाने वाला यह त्योहार हमें दान और वंचितों के प्रति सहानुभूति रखने का संदेश देता है। यह प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का प्रतीक है।” राष्ट्रपति ने देश के नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस शुभ अवसर पर समाज में एकता को बढ़ावा देने और राष्ट्र की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि मानवता का कल्याण ही सबसे बड़ा धर्म है।
जामा मस्जिद: नमाज का समय और तैयारियां
शाही इमाम के कार्यालय के अनुसार, जामा मस्जिद नमाज समय सुबह 6.45 बजे निर्धारित किया गया है। नमाज के लिए मस्जिद के आंगन और बाहरी रास्तों की सफाई और सजावट का काम पूरा कर लिया गया है। वजू के लिए पानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं और स्वयंसेवकों को भीड़ प्रबंधन के लिए तैनात किया गया है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नमाज के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू रहेगा ताकि आम जनता को असुविधा न हो। चांदनी चौक, दरियागंज और लाल किला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों की कंपनियां और सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
सामाजिक सौहार्द और ‘गंगा-जमुनी’ तहजीब
दिल्ली हमेशा से अपनी ‘गंगा-जमुनी’ तहजीब के लिए जानी जाती रही है। जामा मस्जिद के आसपास हिंदू और अन्य समुदायों के लोग भी सेवा शिविर लगाकर नमाजियों का स्वागत करने की तैयारी में हैं। स्थानीय अमन कमेटियों ने पुलिस के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि त्योहार का आनंद बिना किसी व्यवधान के मनाया जाए।
राष्ट्रपति के संदेश को दोहराते हुए स्थानीय धर्मगुरुओं ने भी अपील की है कि ईद की खुशियां मनाते समय जरूरतमंदों और गरीबों का ख्याल रखा जाए (जकात और फितरा), जो कि इस त्योहार की मूल भावना है।
सुरक्षा अलर्ट: दिल्ली पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ प्लान
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भी भ्रामक जानकारी या अफवाह न फैला सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर जांच बढ़ा दी गई है।
ईद-उल-फितर का यह पर्व दिल्ली में भक्ति और सुरक्षा के एक नए मानक के साथ मनाया जा रहा है। The Hill India सभी पाठकों को ईद की मुबारकबाद देता है और उम्मीद करता है कि यह त्योहार सबके जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए।



