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मुंबई मेयर चुनाव 2026: BMC में BJP की वापसी, रितु तावडे का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को आज नया मेयर मिलने जा रहा है। मुंबई मेयर चुनाव 2026 के तहत 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुख्यालय में मेयर पद के लिए मतदान होगा। मेयर चुनाव के तुरंत बाद डिप्टी मेयर का भी चुनाव संपन्न कराया जाएगा।

इस बार का चुनाव औपचारिकता भर माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी अन्य पार्टी ने मेयर या डिप्टी मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रितु तावडे और शिवसेना के उम्मीदवार संजय घाडी का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है।

BMC में बदलता सियासी समीकरण

बृहन्मुंबई महानगरपालिका देश की सबसे समृद्ध और प्रभावशाली नगर निगम मानी जाती है। इसका वार्षिक बजट कई राज्यों से भी अधिक होता है। ऐसे में BMC की सत्ता का राजनीतिक महत्व राष्ट्रीय स्तर पर भी देखा जाता है।

करीब 25 वर्षों तक अविभाजित शिवसेना का इस पर दबदबा रहा। 1997 में शिवसेना ने BMC की सत्ता पर कब्जा जमाया था और लगातार नगर निगम की राजनीति में उसका प्रभाव बना रहा। अब तीन दशकों के बाद BJP इस सत्ता समीकरण को बदलने की स्थिति में पहुंच चुकी है।

रितु तावडे होंगी 77वीं मेयर

BJP ने मेयर पद के लिए रितु तावडे को उम्मीदवार बनाया है। वह वार्ड 132 से पार्षद हैं और पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

रितु तावडे मुंबई की 77वीं मेयर होंगी और इस पद पर पहुंचने वाली BJP की दूसरी कॉर्पोरेटर बनेंगी। इससे पहले पार्टी के डॉ. प्रभाकर पई 1982-83 में मेयर रहे थे, जब पार्टी की स्थापना को कुछ ही वर्ष हुए थे।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत सिर्फ एक पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि मुंबई की राजनीति में BJP की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

डिप्टी मेयर पद पर संजय घाडी

डिप्टी मेयर पद के लिए शिवसेना ने संजय घाडी को उम्मीदवार बनाया है। वह 15 जनवरी को हुए नगर निकाय चुनाव में वार्ड 5 से चुने गए थे। गठबंधन के समीकरणों के चलते उनका भी निर्विरोध चुना जाना तय है।

मेयर और डिप्टी मेयर का यह संयोजन संकेत देता है कि सत्ताधारी गठबंधन BMC में संतुलित नेतृत्व प्रस्तुत करना चाहता है।

शीर्ष नेतृत्व रहेगा मौजूद

मुंबई के फोर्ट स्थित BMC मुख्यालय में होने वाले इस चुनाव में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहेंगे।

बताया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार पहली बार BMC मुख्यालय जाएंगी। राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इस चुनाव की राजनीतिक अहमियत को दर्शाती है।

सीटों का गणित: BJP सबसे बड़ी पार्टी

227 सदस्यीय BMC में हालिया चुनाव में BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। सत्ताधारी गठबंधन के पास कुल 118 पार्षदों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक है।

वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने 65 सीटें हासिल कीं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को छह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) को एक सीट मिली।

कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं, AIMIM ने आठ, राकांपा (अजित पवार गुट) ने तीन और समाजवादी पार्टी ने दो सीटें हासिल कीं। दो निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए।

नौ वर्षों के अंतराल के बाद हुए इस चुनाव ने मुंबई की राजनीति में व्यापक बदलाव का संकेत दिया है।

BJP के लिए क्यों अहम है यह जीत?

मुंबई सिर्फ महाराष्ट्र की राजधानी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक धुरी है। BMC पर नियंत्रण का अर्थ है शहर के विकास, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी परियोजनाओं पर सीधा प्रभाव।

BJP के लिए यह जीत शिवसेना (UBT) के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाने के रूप में देखी जा रही है। लंबे समय तक BMC पर काबिज रही शिवसेना के प्रभाव को कम करना भाजपा की रणनीति का हिस्सा रहा है।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले यह जीत भाजपा के मनोबल को बढ़ाएगी।

आगे की चुनौतियां

हालांकि मेयर पद पर निर्विरोध जीत तय है, लेकिन असली परीक्षा अब प्रशासनिक और विकासात्मक मोर्चे पर होगी। मुंबई जैसे महानगर में ट्रैफिक, बुनियादी ढांचा, जल निकासी, स्वास्थ्य सेवाएं और आवास जैसी समस्याएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं।

नए नेतृत्व से अपेक्षा होगी कि वह राजनीतिक समीकरणों से आगे बढ़कर शहर के विकास को प्राथमिकता दे।

मुंबई मेयर चुनाव 2026 सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मुंबई की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है। रितु तावडे का मेयर बनना और BJP की BMC में वापसी महाराष्ट्र की सियासत में व्यापक बदलाव का संकेत देता है।

अब नजरें इस बात पर रहेंगी कि नया नेतृत्व देश की सबसे अमीर नगर निगम को किस दिशा में आगे बढ़ाता है और मुंबई के नागरिकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।

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