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Reading: अधिक से अधिक महिलाओं को चार्टर्ड अकाउंटैंसी का पेशे में आना चाहिए : गोयल
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The Hill India > Blog > देश > अधिक से अधिक महिलाओं को चार्टर्ड अकाउंटैंसी का पेशे में आना चाहिए : गोयल
देशफीचर्ड

अधिक से अधिक महिलाओं को चार्टर्ड अकाउंटैंसी का पेशे में आना चाहिए : गोयल

Rajesh Dabral
Last updated: October 7, 2022 5:59 am
Rajesh Dabral
Published: October 6, 2022
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The Union Minister for Commerce & Industry, Consumer Affairs, Food & Public Distribution and Textiles, Shri Piyush Goyal addressing at the Silver Jubilee Function of Quality Council of India, in Delhi on October 06, 2022.
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पीयूष गोयल ने भारत के चार्टर्ड अकाउंटैंट्स से भारतीय चार्टर्ड अकाउंटैंसी फर्मों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की अपील की

चार्टर्ड अकाउंटैंट्स को हमेशा समान और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए : श्री पीयूष गोयल

गोयल ने अधिक से अधिक महिलाओं को चार्टर्ड अकाउंटैंसी का पेशा अपनाने को कहा

पीयूष गोयल ने युवा सीए से उद्यमशीलता के मार्ग खोज करने को कहा

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री  पीयूष गोयल ने आज भारत के चार्टर्ड अकाउंटैंट्स से भारतीय चार्टर्ड अकाउंटैंसी फर्मों को वैश्विक स्तर की कंपनियों के स्तर पर ले जाने की अपील की। वह आज नई दिल्ली में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटैंट्स संस्थान (आईसीएआई) के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

गोयल ने चार्टर्ड अकाउंटैंट्स को दुनिया के सबसे महान व्यवसायों में से एक करार दिया और कहा कि किसी दस्तावेज पर सीए का हस्ताक्षर दस्तावेज के कंटेंट और इसकी सत्यता, सत्यनिष्ठता तथा सच्चाई का एक बहुत शक्तिशाली सबूत होता है। श्री गोयल ने दुनिया भर में 168 शाखाओं, विभिन्न शहरों में 77 केंद्रों के साथ 47 देशों में उपस्थिति के साथ आईसीएआई की वैश्विक फुटप्रिंट पर संतोष जताया। आईसीएआई को विश्व भर में 100 केंद्र स्थापित करने के लिए बधाई देते हुए, श्री गोयल ने संस्थान से दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में भी अपनी उपस्थिति विस्तारित करने की अपील की।

गोयल ने जोर देकर कहा कि सीए को हमेशा ही समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए जिससे कि हम एक विकसित देश बनने की ओर प्रगति कर सकें और यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पीछे न छूट जाए। उन्होंने कहा कि हमें समाज के हर वर्ग को, व्यवस्था क्रम के सबसे निचले हिस्से के लोगों, समाज के सीमांत वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए। श्री गोयल ने कहा कि देश में सबसे कम विशेषाधिकार प्राप्त लोगों को भी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है और सीए को अनिवार्य रूप से समावेशी विकास को बढ़ावा देने के जरिये इन अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए काम करना चाहिए।

गोयल ने टिप्पणी की कि भारत को अब विश्व के प्रतिभा कारखाने के रूप में देखा जाता है और कहा कि सीए राष्ट्र द्वारा निर्मित्त सबसे सक्षम प्रतिभाओं में से एक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के सीए न केवल अपने देशवासियों की बल्कि दुनिया की उम्मीदों पर भी खरे उतरेंगे।

गोयल ने युवा सीए से लेखांकन, लेखा परीक्षा, प्रबंधन परामर्श के साथ–साथ उद्यमिता के रास्तों की खोज करने की भी अपील की। उन्होंने भारत के चार्टर्ड अकाउंटैंसी निकायों से ‘‘नारी शक्ति” या महिला शक्ति के साथ अधिक से अधिक जुड़ने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि अधिक से अधिक महिलाएं सीए बन सकें और अधिक से अधिक महिलाएं आईसीएआई की परिषद में शामिल हों, जिससे इसे मजबूत और अधिक समावेशी बनाया जा सके।

गोयल ने, जब भारत स्वतंत्रता के 75 वर्ष का समारोह मना रहा है, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा अभिव्यक्त पांच प्रण की चर्चा की और कहा कि इन सिद्धांतों को अगले 25 वर्षों के दौरान भारत की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक हमारा मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये पांच प्रण चार्टर्ड अकाउंटैंटों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

एक विकसित भारत बनाने के पहले प्रण की चर्चा करते हुए,  गोयल ने चार्टर्ड अकाउंटैंटों से ग्रामीण और शहरी भारत, विकासशील देश और विकसित भारत, समृद्ध और निर्धन भारत, निवेशकों और उद्यमियों के बीच की खाई को पाटने और इस प्रकार 2047 तक भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए काम करने को कहा। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हमारे दैनिक जीवन से औपनिवेशिक मानसिकता को भी दूर करने की आवश्यकता की चर्चा की। श्री गोयल ने कहा कि ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां हमें उपनिवेशवाद की विरासत को त्याग देना चाहिए और अपने दृष्टिकोण को समकालीन बनाने के लिए विकसित होना चाहिए।

गोयल ने युवाओं से भारत के समृद्ध इतिहास, परंपरा, विरासत, संस्कृति, वसुधैव कुटुम्बकम जैसे इसके विरासत के आदर्शों तथा प्रकृति एवं निर्वहनीयता के प्रति इसकी गहरी प्रतिबद्धता पर गर्व करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो आंतरिक रूप से निर्वहनीयता में विश्वास रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्राचीन काल से ही, हमारी सभ्यता ने प्रकृति के मूल्य को पहचानने तथा अपने पीछे एक ऐसा ग्रह छोड़ कर जाने की आवश्यकता पर जोर दिया जो हमें विरासत में प्राप्त ग्रह से बेहतर हो। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत ने हमेशा अंतर-पीढ़ीगत समानता को मान्यता दी है।

प्रधानमंत्री  मोदी की एकता की अपील को रेखांकित करते हुए  गोयल ने कहा कि भारत को अनिवार्य रूप से विश्व के समक्ष एकजुटता प्रस्तुत करनी चाहिए। उन्होंने पेशेवर व्यक्तियों से एकजुट रहने तथा संगठनों से एकता की इस भावना को प्रतिबिंबित करने को कहा। श्री गोयल ने कहा कि भारत प्रचुर विविधता के बीच महान एकता वाला एक गौरवान्वित देश है। उन्होंने विचार व्यक्त किया कि देश के सीए ने राष्ट्रीय एकता के आदर्शों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गोयल ने प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा ‘कर्तव्य‘ पर जोर दिए जाने की चर्चा की और कहा कि ‘चार्टर्ड अकाउंटैंट की शपथ‘ कर्तव्य की इस अवधारणा की एक उत्कृष्ट अभिव्यक्ति थी। उन्होंने कहा कि यह प्रभावशाली शपथ उत्कृष्टता, नैतिकता, ईमानदारी, स्वतंत्रता, गोपनीयता तथा अखंडता की बात करती है। यह ईमानदारी से काम करने की चर्चा करती है, एक भ्रष्टाचार मुक्त भारत की कल्पना करती है, कॉरपोरेट शासन के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करती है तथा राष्ट्र के संसाधनों के कुशल एवं प्रभावी उपयोग की आकांक्षा जताती है। उन्होंने शपथ द्वारा विनम्रता, सम्मान और समाज की आवश्यकताओं के प्रति जवाबदेही के मूल्यों पर जोर दिए जाने की सराहना की।

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