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मिशन ‘सेफ सिटी’: एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने संभाली देहरादून की कमान; अपराधियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ और जनता को सुरक्षा का भरोसा

देहरादून | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था को नई धार देने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आईपीएस प्रमेंद्र डोबाल (IPS Pramendra Dobhal) ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। हरिद्वार से स्थानांतरित होकर देहरादून पहुँचे डोबाल ने कार्यभार संभालते ही अपनी प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजना को स्पष्ट कर दिया है। शहर में हालिया दिनों में बढ़ी आपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था की चुनौतियों के बीच उनका यह पदभार ग्रहण करना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

“चुनौतियों से परिचित हूँ, कार्यक्षमता बढ़ाना लक्ष्य”

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि देहरादून उनके लिए नया नहीं है। यहाँ की भौगोलिक स्थिति और सामाजिक परिवेश से वे भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदेश की राजधानी होने के नाते देहरादून की चुनौतियां अन्य जिलों से भिन्न और अधिक संवेदनशील हैं।

एसएसपी ने जोर देते हुए कहा, “मेरा मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के मनोबल को ऊंचा रखना और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। जब पुलिस का सिपाही मानसिक रूप से मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम होगा, तभी हम जनता को एक भयमुक्त वातावरण दे पाएंगे।

तीन मुख्य स्तंभ: महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और यातायात

शहर की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण करते हुए एसएसपी डोबाल ने अपनी कार्यप्रणाली के लिए तीन मुख्य प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं:

1. महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान

राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर एसएसपी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर ‘क्विक रिस्पांस’ (त्वरित कार्रवाई) सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और महिला हेल्पडेस्क को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।

2. कानून व्यवस्था और ‘जीरो टॉलरेंस’

एसएसपी ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों और संगठित अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ पैदा करना और आम जनता के मन से ‘फियर फैक्टर’ को मिटाना उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।

3. यातायात (Traffic) प्रबंधन में सुधार

देहरादून की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक जाम’ पर बात करते हुए प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि यातायात सुधार की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर और सड़कों पर प्रभावी पुलिसिंग के जरिए जाम की समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


“देहरादून की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए जनता का विश्वास जीतना सबसे महत्वपूर्ण है। हम प्रभावी गश्त, त्वरित कार्रवाई और जनता के साथ बेहतर समन्वय के माध्यम से एक सुरक्षित देहरादून का निर्माण करेंगे।” > — प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी देहरादून


रणनीतिक बदलाव की तैयारी में दून पुलिस

एसएसपी डोबाल ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में पुलिसिंग के पुराने तौर-तरीकों में रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हाल के दिनों में शहर में जिस तरह से चोरी, लूट और आपसी विवाद की घटनाएं सामने आई हैं, उसे देखते हुए रात्रि गश्त (Night Patrolling) और बीट प्रणाली (Beat System) को पुनर्गठित किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग न केवल सख्त होगी, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशील भी होगी। पीड़ितों की सुनवाई थानों में प्राथमिकता के आधार पर हो, इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।

जन-सहयोग और मीडिया की भूमिका

एसएसपी ने देहरादून के नागरिकों और मीडिया जगत से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए पारदर्शी संवाद जरूरी है। बेहतर पुलिसिंग के लिए जनता से मिलने वाला फीडबैक बहुत मायने रखता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करेगी और सूचना तंत्र (Intelligence) को और मजबूत किया जाएगा।

पुलिस फोर्स का मनोबल बढ़ाना प्राथमिकता

प्रमेंद्र डोबाल ने माना कि लगातार ड्यूटी के दबाव में पुलिसकर्मियों का मानसिक स्वास्थ्य और मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उनके कल्याणकारी कार्यक्रमों और कार्यक्षेत्र के माहौल को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

क्या बदलेगी दून की तस्वीर?

प्रमेंद्र डोबाल के पास हरिद्वार जैसे चुनौतीपूर्ण जिले को संभालने का लंबा अनुभव है, जिसका लाभ अब देहरादून को मिलने की उम्मीद है। उनके पदभार ग्रहण करने से अपराधियों में खलबली और जनता में एक नई उम्मीद जगी है। अब देखना यह होगा कि एसएसपी डोबाल अपनी इन प्राथमिकताओं को कितनी जल्दी धरातल पर उतार पाते हैं।

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