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PM मोदी के देहरादून आगमन पर ‘मेगा’ ट्रैफिक प्लान: 14 अप्रैल को लच्छीवाला और आशा रोडी टोल रहेंगे पूरी तरह फ्री

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आगामी 14 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के भव्य लोकार्पण और गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा को देखते हुए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इस महापर्व के दौरान शहर की रफ्तार न थमे और आम जनता को जाम के झाम से न जूझना पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है।

जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि 14 अप्रैल को देहरादून के प्रमुख प्रवेश द्वारों—लच्छीवाला टोल प्लाजा और आशा रोडी बैरियर—पर किसी भी वाहन से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। यह व्यवस्था मंगलवार सुबह 05:00 बजे से लेकर रात 08:00 तक प्रभावी रहेगी।

जाम मुक्त देहरादून: प्रशासन की बड़ी रणनीति

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में न केवल देहरादून, बल्कि पड़ोसी राज्यों और उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों से भी भारी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। हजारों की संख्या में बसें, निजी वाहन और कमर्शियल गाड़ियां शहर में प्रवेश करेंगी। ऐसे में टोल प्लाजा पर लगने वाली कतारें पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को ध्वस्त कर सकती हैं।

इसी संकट को भांपते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश पारित किया है। इस आदेश के तहत देहरादून टोल फ्री 14 अप्रैल की मुहिम को सफल बनाने के लिए फास्टैग (FASTag) रीडर्स को भी उक्त समयावधि के लिए निष्क्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तकनीकी रूप से भी कोई कटौती न हो सके।

बिना फास्टैग कटौती के सरपट दौड़ेंगे वाहन

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, 14 अप्रैल को सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक लच्छीवाला टोल प्लाजा को पूरी तरह ‘ओपन’ रखा जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अवधि में फास्टैग के माध्यम से भी स्वचालित रूप से कोई शुल्क नहीं कटेगा। यह छूट निजी वाहनों के साथ-साथ कमर्शियल वाहनों पर भी समान रूप से लागू होगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश के मुख्य बिंदु:

  1. समय सीमा: प्रातः 05:00 बजे से सायं 08:00 बजे तक।

  2. स्थान: लच्छीवाला टोल प्लाजा और आशा रोडी बैरियर।

  3. वाहन श्रेणी: निजी, कमर्शियल और अन्य सभी श्रेणी के वाहन।

  4. उद्देश्य: सुचारू यातायात, कानून व्यवस्था बनाए रखना और वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना।


दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उपहार और मोदी की रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सौगात देंगे। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी महज ढाई घंटे में सिमट जाएगी। लोकार्पण के पश्चात प्रधानमंत्री गढ़ी कैंट के जसवंत सिंह ग्राउंड में जनता को संबोधित करेंगे।

बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व और जिला प्रशासन का अनुमान है कि इस रैली में लाखों की भीड़ उमड़ेगी। विशेषकर हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों का दबाव लच्छीवाला और आशा रोडी पर सबसे अधिक रहता है। ऐसे में देहरादून टोल फ्री 14 अप्रैल का यह निर्णय न केवल कार्यकर्ताओं बल्कि आम यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर पैनी नजर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहता। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि टोल फ्री करने का उद्देश्य केवल सुविधा देना नहीं, बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। टोल पर वाहनों के रुकने से पीछे लंबी कतारें लगती हैं, जो आपातकालीन सेवाओं (जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड) के लिए बाधा बन सकती हैं।

पुलिस महानिरीक्षक और एसएसपी देहरादून को भी निर्देश दिए गए हैं कि रैली स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। शहर के भीतर जीरो जोन और डायवर्जन प्लान को लेकर भी जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी।

आम जनता के लिए विशेष अपील

प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे 14 अप्रैल को यातायात योजना का पालन करें और असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। हालांकि, देहरादून टोल फ्री 14 अप्रैल होने से बॉर्डर पर दबाव कम रहेगा, लेकिन रैली स्थल के आसपास भीड़ को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

देहरादून जिला प्रशासन का यह कदम दर्शाता है कि बड़े आयोजनों के प्रबंधन में ‘प्रो-एक्टिव’ दृष्टिकोण कितना आवश्यक है। टोल फ्री करने से जहां सरकार को राजस्व का थोड़ा नुकसान होगा, वहीं जनता को होने वाली मानसिक और शारीरिक परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी। 14 अप्रैल को देहरादून न केवल विकास की नई इबारत लिखेगा, बल्कि व्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन का एक उदाहरण भी पेश करेगा।

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