मलप्पुरम/तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में चुनावी सरगर्मियों के बीच एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर के काफिले पर मलप्पुरम जिले के वंडूर में जानलेवा हमला हुआ है। यह घटना उस समय हुई जब थरूर पार्टी प्रत्याशी ए.पी. अनिल कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे। उपद्रवियों ने न केवल सांसद की गाड़ी को घेरा, बल्कि उनके गनमैन के साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की।
मलप्पुरम पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी उमर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शशि थरूर काफिले पर हमला मलप्पुरम की इस घटना ने राज्य में वीआईपी सुरक्षा और चुनावी माहौल में बढ़ती हिंसा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
चेल्लितोडु में रात के 7 बजे का वो खौफनाक मंजर
जानकारी के अनुसार, यह घटना शाम करीब 7:00 बजे वंडूर के चेल्लितोडु इलाके में हुई। शशि थरूर अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ए.पी. अनिल कुमार के चुनावी अभियान में शिरकत करने जा रहे थे। चश्मदीदों और पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, कुछ बाइक सवारों और दो कारों में सवार युवकों के समूह ने सांसद के वाहन का पीछा करना शुरू किया।
चेल्लितोडु के पास इन लोगों ने अपनी गाड़ियाँ तिरछी खड़ी करके थरूर के काफिले का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। आरोपी गाड़ी से नीचे उतरे और सांसद की कार की ओर बढ़ते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। जब सांसद के गनमैन ने स्थिति को संभालने और उन्हें पीछे हटाने की कोशिश की, तो उग्र भीड़ ने गनमैन पर हमला कर दिया और उसके साथ मारपीट की।
हॉर्न बजाने का विवाद या सुनियोजित साजिश?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हमले की जो वजह सामने आ रही है, वह बेहद हैरान करने वाली है। बताया जा रहा है कि ट्रैफिक जाम के दौरान जब शशि थरूर की कार का ड्राइवर रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजा रहा था, तो आगे चल रहे वाहनों में सवार लोग इससे भड़क गए।
हॉर्न की आवाज से नाराज होकर युवकों के एक समूह ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जानबूझकर सांसद की कार को टारगेट किया। हालांकि, जिस तरह से काफी दूर तक कार का पीछा किया गया और फिर उसे घेरकर रोका गया, उससे पुलिस को शक है कि यह महज सड़क पर होने वाला गुस्सा (Road Rage) नहीं, बल्कि जानबूझकर समस्या पैदा करने की कोशिश हो सकती है। शशि थरूर काफिले पर हमला मलप्पुरम के पीछे किसी गहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की संभावना से भी पुलिस इनकार नहीं कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी उमर सलाखों के पीछे
वंडूर पुलिस ने गनमैन की शिकायत के आधार पर 5 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कालीकावु के रहने वाले उमर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान मुख्य हमलावर के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि:
“हमने घटना में इस्तेमाल की गई दोनों कारों को जब्त कर लिया है। मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और हिरासत में लिए गए अन्य दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।”
गनमैन की बहादुरी ने टाला बड़ा हादसा
घटना के दौरान गनमैन ने ढाल बनकर सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित की। आरोप है कि उपद्रवी सीधे शशि थरूर की खिड़की तक पहुँचने की कोशिश कर रहे थे और उनके साथ हाथापाई के इरादे से आए थे। गनमैन ने जैसे ही बीच-बचाव किया, भीड़ का गुस्सा उस पर उतर आया। गनमैन को मामूली चोटें आई हैं, जिसके बाद उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। थरूर फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन घटना के बाद उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान एक सांसद के साथ इस तरह की हरकत कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है। पार्टी ने मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच हो कि क्या इसके पीछे किसी अन्य राजनीतिक दल का हाथ है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी स्पष्ट राजनीतिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। आरोपियों का पिछला रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि वे किसी संगठन से जुड़े हैं या नहीं।
चुनाव के बीच बढ़ता तनाव
केरल में चुनाव का समय हमेशा संवेदनशील होता है, लेकिन शशि थरूर जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नेता पर मलप्पुरम जैसे इलाके में हमला होना चौंकाने वाला है। शशि थरूर काफिले पर हमला मलप्पुरम की यह वारदात चुनाव आयोग के लिए भी एक चुनौती है कि वह आने वाले दिनों में स्टार प्रचारकों की सुरक्षा को लेकर और पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करे।
फिलहाल, वंडूर और आसपास के इलाकों में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून को अपना काम करने दें।


