
देहरादून नगर निगम ने शहरवासियों को बड़ी राहत देते हुए हाउस टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बना दिया है। निगम प्रशासन द्वारा किए गए इस सुधार के तहत अब करदाताओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टैक्स जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही समय पर टैक्स जमा करने वाले नागरिकों के लिए विशेष छूट का भी प्रावधान किया गया है, जिससे लोगों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
नगर निगम के अनुसार, जो करदाता 30 अप्रैल तक अपना हाउस टैक्स जमा करेंगे, उन्हें 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। यह छूट पहले से लागू छूट के अतिरिक्त होगी, जिससे कुल मिलाकर करदाताओं को अच्छी-खासी राहत मिल सकती है। वहीं, जो लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उन्हें 12 प्रतिशत की दर से पेनल्टी का सामना करना पड़ेगा। इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रेरित करना है।
निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक हाउस टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी। अब जो करदाता 30 अप्रैल तक भुगतान करेंगे, वे अतिरिक्त 5 प्रतिशत छूट का लाभ भी उठा सकते हैं। इस प्रकार समय पर भुगतान करने वाले नागरिकों को कुल मिलाकर काफी राहत मिल सकती है। खासकर उन मकान मालिकों के लिए यह योजना बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है, जिनका टैक्स अधिक है, क्योंकि उन्हें हजारों रुपये तक की बचत हो सकती है।
हाउस टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नगर निगम ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया है। अब नागरिक घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर पाते, उनके लिए ऑफलाइन काउंटर भी पहले की तरह कार्यरत हैं। इस दोहरी व्यवस्था से हर वर्ग के लोगों को सुविधा मिल रही है, चाहे वे तकनीकी रूप से सक्षम हों या नहीं।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष तक देहरादून में करीब 1 लाख 18 हजार करदाता पंजीकृत थे। हालांकि, नई टैक्स सूची जारी होने के बाद इस संख्या में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। निगम प्रशासन का मानना है कि नई संपत्तियों के जुड़ने से राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे शहर के विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
नगर निगम के मेयर सौरभ थपलियाल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना हाउस टैक्स जमा करें। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान करने से जहां छूट का लाभ मिलेगा, वहीं पेनल्टी से भी बचा जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को मिलने वाला राजस्व शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राजस्व के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम की आय में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में निगम को 33 करोड़ रुपये का हाउस टैक्स प्राप्त हुआ था, जो 2022-23 में बढ़कर 49 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2023-24 में यह आंकड़ा 52 करोड़ और 2024-25 में 54 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वर्ष 60 करोड़ 72 लाख रुपये का हाउस टैक्स संग्रह हुआ, जो अब तक का सबसे अधिक है। यह दर्शाता है कि नागरिकों में टैक्स भुगतान को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
हालांकि, निगम प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि जो लोग लगातार टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे बकायेदारों पर न केवल 12 प्रतिशत की पेनल्टी लगाई जाएगी, बल्कि अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जा सकता है। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई और संपत्ति सील करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
नगर निगम का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक कर संग्रह कर शहर के विकास के लिए संसाधन जुटाना है। सड़क, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मजबूत वित्तीय आधार आवश्यक है, जो हाउस टैक्स से ही संभव हो पाता है।
कुल मिलाकर, देहरादून नगर निगम की यह पहल करदाताओं के लिए लाभकारी साबित हो रही है। समय पर टैक्स जमा कर नागरिक न केवल छूट का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि शहर के विकास में भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।



